यूपी की बांदा जेल में बंद माफिया डॉन मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) के विधायक बेटे अब्बास अंसारी को बड़ा झटका लगा है. प्रवर्तन न्यायालय यानी ED ने अब्बास अंसारी के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिया है. इसके बाद अब अब्बास देश छोड़कर नहीं जा सकेगा.
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी को अब्बास की तलाश है. उससे पूछताछ होनी है. मगर, वो सामने नहीं आ रहा है. पूछताछ से बचने की कोशिश कर रहा है. बता दें कि अब्बास अंसारी मऊ विधानसभा सीट से विधायक है.
भगोड़ा घोषित हो चुका है अब्बास
गौरतलब है कि बीती 25 अगस्त को एमपी-एमएलए कोर्ट ने अब्बास अंसारी को भगोड़ा घोषित कर दिया था. वह कोर्ट में सरेंडर नहीं कर रहा था. अब्बास के खिलाफ आर्म्स एक्ट और प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) सहित अन्य मामले दर्ज हैं.
उसके पहले इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच के जस्टिस दिनेश कुमार सिंह की एकल पीठ ने अब्बास अंसारी की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था. एमपी/एमएलए की स्पेशल कोर्ट ने पुलिस की अर्जी पर अब्बास अंसारी को भगोड़ा घोषित कर दिया था.
सितंबर में अब्बास की लोकेशन पंजाब में मिली थी. उसकी तलाश में एक टीम पंजाब भेजी गई थी, लेकिन अब्बास पकड़ में नहीं आया था. उसकी पार्टी के नेता ओपी राजभर ने भी अब्बास से ई़डी के सामने पेश होने की अपील की थी.
विदेश जाने से रोकता है लुकआउट नोटिस
लुक आउट सर्कुलर यानी LOC को लुक आउट नोटिस के नाम से भी जाना जाता है. लुक आउट सर्कुलर किसी भी व्यक्ति को विदेश यात्रा करने से रोकता है. इस नोटिस के जारी होने के बाद आरोपी के देश छोड़कर जाने पर पाबंदी लग जाती है.
लुक आउट नोटिस का इस्तेमाल इंटरनेशनल बॉर्डर जैसे- एयरपोर्ट, समुद्री क्षेत्र और बंदरगाहों पर इमिग्रेशन जांच के लिए किया जाता है. लुक आउट नोटिस जारी होने का मतलब है कि इमिग्रेशन अफसर ऐसे व्यक्ति को एयरपोर्ट पर ही रोक सकते हैं या उन्हें हिरासत में ले सकते हैं.
पुलिस कुछ मामलों में देश के बाहर किसी व्यक्ति के जाने पर प्रतिबंध लगाने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकती है. ऐसा तब होता है, जब वह व्यक्ति संदिग्ध हो और इस बात की आशंका हो कि वह जांच में शामिल होने से बचना चाहता है.