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Extortion Case: 15 हजार का जुर्माना लगा, सस्पेंशन की भी तैयारी, परमबीर सिंह के खिलाफ एक्शन तेज

मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर और होमगार्ड के डीजी परमबीर सिंह को सस्पेंड किया जा सकता है. बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र सरकार ने परमबीर सिंह पर देबाशीष चक्रवर्ती की रिपोर्ट को मंजूर कर लिया है.

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परमबीर सिंह पर कई केस दर्ज हैं. (फाइल फोटो)
परमबीर सिंह पर कई केस दर्ज हैं. (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • चांदीवाल आयोग के सामने पेश हुए परमबीर सिंह
  • आयोग ने परमबीर पर 15000 का जुर्माना लगाया
  • 230 दिन बाद अपने ऑफिस भी गए परमबीर सिंह

मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह के खिलाफ महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार सख्त एक्शन की तैयारी कर रही है. सूत्रों ने बताया कि उन्हें सस्पेंड किया जा सकता है. महाराष्ट्र सरकार ने परमबीर सिंह पर देबाशीष चक्रवर्ती की रिपोर्ट को मंजूर कर लिया है. इस रिपोर्ट में परमबीर सिंह को सस्पेंड करने की सिफारिश की गई है. 

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परमबीर सिंह पर सेवा के नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है. बताया जा रहा है कि उनके खिलाफ एक हफ्ते में कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है. परमबीर सिंह लंबे समय से लापता चल रहे थे. आखिरी बार मई 2021 को उन्हें देखा गया था. इसके बाद महाराष्ट्र के गृह विभाग ने आईपीएस परमबीर सिंह के खिलाफ डिपार्टमेंटल इन्क्वायरी के आदेश दिए थे. एसीएस (प्लानिंग) देबाशीष चक्रवर्ती ने ये जांच की थी, जिसमें उन्हें ऑल इंडिया सर्विस रूल्स के नियमों के उल्लंघन करने का दोषी पाया गया है. 

15 हजार का जुर्माना भी लगाया गया

परमबीर सिंह आज चांदीवाल आयोग के सामने भी पेश हुए. चांदीवाल आयोग ने परमबीर पर 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है. उन्हें ये रकम चीफ मिनिस्टर रिलीफ फंड में जमा करने को कहा गया है. समन जारी करने के बाद भी पेश नहीं होने पर उन पर ये जुर्माना लगाया गया है. वहीं, परमबीर सिंह की ओर से आयोग के सामने पेश किए गए एफिडेविट में कहा गया है कि वो कोई भी सबूत नहीं देना चाहते और न ही क्रॉस एग्जामिन करना चाहते हैं.

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8 महीने बाद मिले वाजे और परमबीर सिंह

चांदीवाल आयोग के सामने आज मुंबई पुलिस के पूर्व एपीआई सचिन वाजे भी पेश हुए. इस दौरान सचिन वाजे और परमबीर सिंह के बीच 2 से 3 मिनट तक बात हुई. 8 महीनों में ये पहली बार था जब वाजे और परमबीर सिंह आमने-सामने थे. हालांकि, इस मुलाकात पर महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के वकील ने आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि परमबीर सिंह वाजे को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं. इसके बाद जज ने वाजे को कोर्ट रूम में ही बैठने को कहा.

230 दिन बाद अपने ऑफिस गए परमबीर सिंह

परमबीर सिंह ने इसी साल मार्च में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को एक चिट्ठी लिखी थी जिसमें अनिल देशमुख पर 100 करोड़ रुपये की वसूली का आरोप लगाया था. उन्होंने लिखा कि देशमुख सचिन वाजे को हर महीने बार और रेस्टोरेंट से 100 करोड़ रुपये की वसूली करने को कहते थे. इसके बाद परमबीर सिंह का ट्रांसफर कर दिया गया. उन्हें होमगार्ड का डीजी बनाया गया था. आखिरी बार उन्हें मई में ही ऑफिस में देखा गया था. करीब 230 दिन बाद परमबीर सिंह आज फिर अपने ऑफिस पहुंचे. हालांकि, वो अपनी कुर्सी पर नहीं बैठे. 

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