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जिला गाजियाबाद की कहानी, बीवी गैंग की सरगना, पति-देवर मेंबर, प्लेन से जाते थे चोरी करने

गाजियाबाद पुलिस ने एक बेहद शातिर गिरोह को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है. यह गैंग हवाई जहाज से एक राज्य से दूसरे राज्य में सफर करता था और चोरी की वारदात को अंजाम देता था, फिर बड़ी ही आसानी से फरार हो जाता था. हैरानी की बात है कि यह गैंग एक महिला चला रही थी.

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शातिर गिरोह को सलाखों के पीछे पहुंचाया
शातिर गिरोह को सलाखों के पीछे पहुंचाया
स्टोरी हाइलाइट्स
  • चोरों के गैंग की सरगना एक महिला
  • पति और देवर चोरी को देते थे अंजाम
  • चोरी से महिला करती थी रेकी

गाजियाबाद पुलिस ने एक बेहद शातिर गिरोह को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है. यह गैंग हवाई जहाज से एक राज्य से दूसरे राज्य में सफर करता था और चोरी की वारदात को अंजाम देता था, फिर बड़ी ही आसानी से फरार हो जाता था. हैरानी की बात है कि यह गैंग एक महिला चला रही थी. महिला का पति उसके इशारों पर बड़े ज्वेलर्स को अपना निशाना बनाता था. गाजियाबाद पुलिस ने गैंग का खुलासा किया है और चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है.

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गाजियाबाद के एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया पिछले 9 फरवरी को मोदीनगर और 26 फरवरी को साहिबाबाद में सोने की दुकानों में बड़ी चोरी हुई थी. पुलिस इन दोनों मामलों की जांच कर रही थी. इस जांच में पुलिस के सामने बेहद चौंकाने वाले तथ्य सामने आए. पुलिस ने बताया कि दोनों दुकानों में लगे सीसीटीवी की जांच की गई. इसमें पता चला कि दोनों स्थानों पर एक ही गैंग ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया है. इस दौरान एक ही गाड़ी का इस्तेमाल किया गया. पुलिस ने गाड़ी की पहचान कर इलेक्ट्रानिक और मैन्युअल सर्विलांस का इस्तेमाल करके गैंग के 4 आरोपियों को पकड़ लिया.

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान समीर, जाहिर इंतजार के अलावा मुजफ्फरनगर की रहने वाली एक महिला के तौर पर की गई है. यह महिला ही इस गैंग की सरगना है जो पूरी प्लानिंग करती है. महिला का पति और देवर भी इस गैंग में शामिल हैं और लूटपाट की वारदात को अंजाम देते हैं.

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एसएसपी ने बताया कि ये आरोपी अभी तक पूरे देश मे सैकड़ों वारदातों को अंजाम दे चुके हैं. इन बदमाशों के खिलाफ मुंबई, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, मेरठ, गाजियाबाद, बागपत, मुजफ्फरनगर, बेंगलुरु और तेलंगाना में काफी मुकदमें दर्ज हैं.

पुलिस पूछताछ में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि यह गैंग एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने के लिए हवाई जहाज और ट्रेन की एसी बोगियों का इस्तेमाल किया करते थे. गैंग की सरगना महिला दुकानों की रेकी किया करती थी. एसपी ग्रामीण ने मीडिया को बताया कि चोरी के आभूषण को बेचने के बाद रुपयों में हिस्सेदारी होती थी. 25 प्रतिशत महिला अपने पास रखती थी. बाकी रुपयों को अपने चेलों को बांट देती थी. हिस्सेदारी बंटने के बाद गैंग के सभी आरोपी दोबारा चोरी की वारदात को अंजाम देने के निकल जाते थे.

 

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