
अभी हाल ही में भारतीय तटरक्षक बल (ICG) ने गोवा के पास एक पर्यटक नाव को रेस्क्यू कर 24 यात्रियों और चालक दल की जान बचाई थी. अब इस मामले में उस नाव के मालिक और संचालक को गिरफ्तार कर लिया गया है. वो नाव गोवा में मोर्मुगाओ बंदरगाह के पास खराब मौसम में फंस गई थी और उसका ईंधन भी खत्म हो गया था.
गोवा पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस बारे में जानकारी देते हुए पीटीआई को बताया कि नाव के मालिक वासुदेव कलंगुटकर और उसके संचालक अभिषेक राठौड़ को सोमवार की रात गिरफ्तार कर लिया गया और उनके खिलाफ जीवन को खतरे में डालने का मामला दर्ज किया गया. कलंगुटकर ने कथित तौर पर सक्षम प्राधिकारी से कोई दस्तावेज या लाइसेंस लिए बिना ही राठौड़ को अंतर्देशीय यात्री नाव संचालित करने की अनुमति दे थी.
पुलिस ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए एक शिकायत दर्ज की, जिसमें कहा गया कि ऑपरेटर समुद्र में नाव को चलाने में सक्षम नहीं था और उसकी नाव तटरक्षक बल ने बचाया. तटरक्षक बल के एक प्रवक्ता ने इस संबंध में जारी किए गए एक बयान में कहा था कि उस नाव नाम 'नेरुल पैराडाइज' है, जो तीन मीटर से अधिक ऊंची लहरों के साथ खराब मौसम में फंस गई थी और रविवार को गोवा तट पर ईंधन खत्म हो जाने के कारण फंस गई थी.
इंडियन कोस्ट गार्ड (ICG) के अधिकारी ने बताया था कि खराब नाव सुबह पर्यटकों को लेकर पणजी से रवाना हुई थी. मोर्मुगाओ पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया था कि वो नाव मोर्मुगाओ हार्बर से लगभग दो किलोमीटर दूर, काबो पैलेस (राजभवन) से कुछ दूरी पर पानी में फंस गई थी.
आईसीजी के प्रवक्ता ने कहा था कि गश्त से लौट रहे तटरक्षक जहाज सी-148 के कर्मियों ने यात्रियों के संकट में होने के संकेत महसूस किए और तुरंत उस प्रतिक्रिया दी. आईसीजी का जहाज पर तैनात दस्ता समुद्र का सामना करते हुए संकटग्रस्त नाव तक जा पहुंचा.
आईसीजी की एक टीम को नाव के पास भेजा गया और नाव पर सवार सभी यात्रियों को शांत किया गया. फिर तटरक्षक दल ने हालात को काबू में किया और संभावित आपदा को टालते हुए नाव को सुरक्षित बंदरगाह तक ले आए. जहां सभी यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को मेडिकल एड दी गई थी.
अब पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 280 (जो कोई भी इतनी तेजी से या लापरवाही से मानव जीवन को खतरे में डालने के लिए किसी जहाज को चलाता है) और 336 बी (लापरवाह या लापरवाही से काम करना जो मानव जीवन को खतरे में डालता है या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालता है) के तहत मामला दर्ज किया है.