दिल्ली से सटे गौतमबुद्ध नगर में करोड़ों रुपये चुराने वाले सभी आरोपी चोर तो पकड़े गए, लेकिन यह धन है किसका, इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है. पुलिस के मुताबिक तकरीबन 50 किलो सोना और 14 करोड़ की चोरी हुई थी. पुलिस ने चोरों के पास से 13 किलो सोना और 57 लाख रुपए कैश बरामद किए हैं.
पुलिस के मुताबिक, यह सोना और पैसा एक फ्लैट में रखा हुआ था, लेकिन पकड़े गए करोड़ों रुपये के लिए एक भी शिकायतकर्ता अब तक सामने नहीं आया है. पुलिस को प्रयागराज के एक वकील पर शक है. ED और इनकम टैक्स विभाग इस मामले को लेकर नोएडा पुलिस के संपर्क में हैं और आरोपियों से भी पूछताछ की जा रही है.
नोएडा में पुलिस ने हैरतअंगेज चोरी की वारदात का खुलासा तो कर दिया लेकिन उसके बाद उसकी परेशानी और बढ़ गई. ऐसा शायद पुलिस के इतिहास में पहली बार हो रहा होगा कि पुलिस ने 6 चोर और उनके पास से साढ़े 8 करोड़ का चोरी का माल और कैश तो बरामद कर लिया लेकिन बरामद हुए माल का दावा करने वाला कोई नहीं है.
पुलिस को अब उस शख्स की तलाश है जिसका ये खजाना है और पुलिस ये भी जानना चाहती है कि इतनी बड़ी चोरी की शिकायत पुलिस से क्यों नहीं की गई. नोएडा पुलिस को शक है कि बरामद हुआ करोड़ों का सोना और कैश काला धन हो सकता है लिहाजा वो पूरे मामले के बारे में ED और इनकम टैक्स विभाग को भी बताएगी.
दरअसल नवंबर 2020 को नोएडा में 10 चोरों ने मिलकर एक पॉश सोसायटी के फ्लैट में घुसकर अब तक की सबसे बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया. फ्लैट से करोड़ों का सोना, कैश, सोने के बिस्किट, 2 प्रॉपर्टी के कागज चोरी किये गए थे. लेकिन तब से लेकर आज तक पुलिस में किसी ने इस चोरी की वारदात की शिकायत नहीं की थी. महीनों बाद चोरों के बीच पैसों की बंदरबांट को लेकर लड़ाई हुई और भनक नोएडा पुलिस तक पहुंच गई.
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आखिरकार नोएडा पुलिस ने 6 चोरों को गिरफ्तार किया और उनकी निशानदेही पर 14 किलो सोना और 57 लाख रुपए कैश बरामद किया. कुल मिलाकर 8 करोड़ 25 लाख की बरामदगी पुलिस दिखा रही है. चोरी कितने करोड़ की हुई इसका सही अंदाजा पुलिस को भी नहीं है. क्योंकि चार आरोपी अभी पकड़े नहीं गए हैं. पुलिस के मुताबिक करोड़ों के सोने और कैश को क्लेम करने वाला कोई भी सामने नहीं आया है.
उत्तरप्रदेश के नोएडा में हुई अब तक की सबसे बड़ी चोरी के बाद कई ऐसे सवाल हैं, जिनके जवाब सामने आने बेहद जरूरी हैं.
पुलिस ने इस सोसायटी के साल 2020 के तमाम रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए हैं, ताकि सितंबर महीने की उस तारीख, वक्त और उस फ्लैट का सच सामने आए. पुलिस के मुताबिक जानकारी में सामने आया है कि एक बाप और बेटे के नाम पर फ्लैट है. जिनके खिलाफ दिल्ली और गुरुग्राम में एफआईआर दर्ज है. फिलहाल दोनों बाप और बेटे भारत से बाहर विदेश में कहीं रह रहे हैं.
एडिशनल DCP रणविजय सिंह ने कहा कि करोड़ों की बरामदगी हुई. 6 लोग गिरफ्तार हुए हैं. मास्टरमाइंड अब तक फरार है. यह बिल्कुल ब्लैक मनी है. जिस फ्लैट से यह पैसा बरामद हुआ है वो राममणि पांडे और उसके बेटे किसलय पांडे का है. दोनों विदेश में हैं. बेटा सुप्रीम कोर्ट में वकील है. फ्लैट का पता इसलिए नहीं लग पा रहा क्योंकि मास्टरमाइंड एक शख्स को लेकर सोसायटी में गया जो चाबी वाला था. फिर फ्लैट से कई बैग उठाकर बाहर लाए गए.