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Gujarat Crime: धोखाधड़ी का केस, पुलिस कस्टडी में पिटाई और अस्पताल में मौत... PSI के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज

आरोपी पीएसआई का नाम मुकेश मकवाना है, जो बी डिविजन में तैनात था. पीएसआई मुकेश मकवाना ने आरोपी हर्षिल जादव को रिमांड के दौरान जमकर पीटा. जिसकी वजह से वो गंभीर रूप से घायल हो गया. बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

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पीड़ित परिवार ने कातिल पुलिसवाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है
पीड़ित परिवार ने कातिल पुलिसवाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है

Crime in Gujarat: गुजरात के जूनागढ़ में एक पुलिस अफसर की करतूत ने पूरे विभाग को कलंकित कर दिया. एक थाने के पीएसआई ने हवालात में एक आरोपी को इतना पीटा कि उसने अस्पताल जाते ही दम तोड़ दिया. ये मामला जब सुर्खियों में आया तो हड़कंप मच गया. आनन फानन में आला अधिकारियों ने आरोपी पीएसआई को फौरन निलंबित कर दिया और उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है. इल्जाम है कि आरोपी से पीएसआई ने 3 लाख रुपये की मांग की थी.

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आरोपी पीएसआई का नाम मुकेश मकवाना है, जो बी डिविजन में तैनात था. पीएसआई मुकेश मकवाना ने आरोपी हर्षिल जादव को रिमांड के दौरान जमकर पीटा. जिसकी वजह से वो गंभीर रूप से घायल हो गया. बाद में इलाज के लिए उसे अहमदाबाद के सिविल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया. जहां उसकी मौत हो गई. इसके बाद पीएसआई मुकेश के खिलाफ पुलिस ने धारा 302 के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की.

दरअसल, जिस शख्स को पीएसआई ने पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया. वो शख्स यानी हर्षिल जादव धोखाधड़ी मामले का आरोपी था. उसे पुलिस ने रिमांड पर लिया था. जूनागढ़ स्थित बी डिविजन के पीएसआई मुकेश मकवाना ने मामले को रफादफा करने के लिये हर्षिल जादव से 3 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी. यह आरोप हर्षिल के परिवारजनों की तरफ से लगाया गया है. 

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मृतक के भाई ब्रिजेश जादव ने कहा कि तीन लाख रुपये ना मिलने पर पीएसआई मुकेश मकवाना ने हर्षिल जादव को रिमांड के दौरान बेहरमी से पीटा, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती करने की नौबत आ गई. ब्रिजेश ने कहा कि जूनागढ़ के बी डिविजन के पीएसआई मुकेश मकवाना ने उनके भाई को जल्लाद की तरह पीटकर उसका खून किया है. जल्लाद पीएसआई ने कस्टडी में मेरे भाई को ऐसा पीटा की उसके एक पैर में फ्रैक्चर था और दूसरे पैर का लिगामेंट फट चुका था. शुरू में जूनागढ़ में इलाज के बाद तीन दिन अहमदाबाद सिविल अस्पताल में इलाज चला जहा उसकी डेथ हुई है.

इस पूरे मामले पर कांग्रेस की तरफ से प्रवक्ता मनीष दोषी ने कहा कि पीएसआई मुकेश मकवाना ने कस्टडी में आरोपी को इतना पीटा कि उसकी मौत हो गई. इस राज्य में ये पहली घटना नहीं है. साल 2022 में कस्टोडियल डेथ के 14 मामले गुजरात में सामने आये थे. राज्य में कस्टोडियल डेथ के मामले बढ़ते जा रहे है. केस को कमजोर करने के लिए पैसा मांगा गया और पैसा नहीं मिला तो ऐसे पीटे जाना कि मौत हो जाए. 

मनीष दोशी ने कहा कि वर्दी में गुंडागर्दी करने वालों से लोग परेशान है. ऐसे लोगों से SC/ST और देवीपूजक समाज लोग परेशान है. कांग्रेस ने इस मामले में मजिस्ट्रेट जांच की मांग की है और सरकार जल्द से जल्द जिम्मेदार तमाम लोगों के खिलाफ कार्यवाही करे.

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