गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर जब्त की गई 3000 करोड़ की ड्रग्स के मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) कर रही है. अब इस मामले की जांच के लिए एनआईए की एक टीम कच्छ पहुंच चुकी है. इससे पहले NIA ने पिछले 6 महीने के दौरान आए संदिग्ध कंसाइनमेंट के डेटा की छानबीन की है. अब माना जा रहा है कि इस केस में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं.
इससे पहले एनआईए ने इस मामले को लेकर चेन्नई, कोयम्बटूर, विजयवाड़ा समेत देश के कई शहरों में छापेमारी की है. बताया जा रहा है कि ये छापेमारी आरोपियों के ठिकानों पर की गई है. छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी को बहुत से आपत्तिजनक दस्तावेज और सामान बरामद हुआ है.
आपको बताते चलें कि गुजरात के मुंद्रा पोर्ट से करीब 2988 किलोग्राम हेरोइन ड्रग्स बरामद की गई थी, इसके बाद नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और DRI को इस मामले की जांच सौंपी गई थी. लेकिन 6 अक्टूबर को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस हाई प्रोफाइल मामले की जांच एनआईए को सौंप दी थी.
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डीआरआई के अनुसार, हेरोइन ले जाने वाले कंटेनर्स को आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा स्थित एक फर्म द्वारा आयात किया गया था और फर्म ने खेप को 'टेल्कम पाउडर' घोषित किया था. वहीं निर्यात करने वाली फर्म की पहचान अफगानिस्तान के कंधार स्थित हसन हुसैन लिमिटेड के रूप में की गई थी.
जब ये कन्साइनमेंट अफगानिस्तान से होकर ईरान और ईरान से गुजरात के कच्छ में मुंद्रा पोर्ट तक पहुंची, तब डीआरआई (DRI) और कस्टम ने इसकी जांच की थी. तभी इस बात का खुलासा हुआ था कि टेलकम पावडर की आड़ में करोड़ों की ड्रग्स लाई गई थी. कंटेनरों को आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा स्थित आशी ट्रेडिंग फर्म ने मुंद्रा पोर्ट पर आयात किया था.
आयात करने वाले आशी ट्रेडिंग फर्म चलाने वाली दंपति सुधाकर और वैशाली को चेन्नई से गिरफ्तार कर लिया गया है. भुज की कोर्ट में दोनों आरोपी पति-पत्नी को 10 दिन की रिमांड पर डीआरआई (DRI) को सौंप दिया है.