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गुजरात के कच्छ में मुंद्रा पोर्ट पर भारी मात्रा में अफगानी हेरोइन पकड़े जाने के 5 दिन बाद अब अडानी समूह ने एक बयान जारी किया है. जिसमें समूह की और से डीआरआई और सीमा शुल्क विभाग का आभार जताया गया है और उन्हें बधाई दी गई है. मुंद्रा बंदरगाह के संचालन की जिम्मेदारी अडानी ग्रुप के पास है.
अडानी समूह ने नशे की खेप पकड़े जाने के संबंध में जारी किए गए बयान में कहा कि 16 सितंबर 2021 को डीआरआई और सीमा शुल्क के एक संयुक्त अभियान में अफगानिस्तान से आए दो कंटेनरों से भारी मात्रा में प्रतिबंधित हेरोइन पकड़ी गई. ये कंटेनर मुंद्रा बंदरगाह पर डीपी वर्ल्ड टर्मिनल पर पहुंचे थे. हम अवैध ड्रग्स को जब्त करने और आरोपियों को पकड़ने के लिए डीआरआई और सीमा शुल्क विभाग की टीमों को धन्यवाद देते हैं और बधाई देते हैं.
कानून भारत सरकार के सीमा शुल्क और डीआरआई के सक्षम अधिकारियों को गैरकानूनी कार्गो को खोलने, जांच करने और जब्त करने का अधिकार देता है. देश भर में कोई भी पोर्ट ऑपरेटर कंटेनर की जांच नहीं कर सकता है. उनकी भूमिका बंदरगाह चलाने तक सीमित है.
अडानी ग्रुप की तरफ से कहा गया कि हमें पूरी उम्मीद है कि ये बयान अडानी समूह के खिलाफ सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे दुर्भावनापूर्ण और झूठे प्रचार पर विराम लगा देगा. APSEZ एक पोर्ट ऑपरेटर है जो शिपिंग लाइनों को सेवाएं प्रदान करता है. मुंद्रा या हमारे किसी भी बंदरगाह के टर्मिनलों से गुजरने वाले कंटेनरों या लाखों टन कार्गो पर हमारा कोई पुलिस जैसा अधिकार नहीं है.
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आपको बता दें कि 16 सितंबर को मुंद्रा पोर्ट से बरामद की गई हेरोइन की कीमत 9000 करोड़ से 11000 करोड़ तक पहुंच चुकी है. पिछले 5 दिन से नशे की इस खेप के मूल्यांकन का काम जारी है. माना जा रहा है कि इसकी कीमत 20000 करोड़ रुपये तक हो सकती है. ड्रग्स की इस खेप का कनेक्शन आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा से बताया जा रहा था. लेकिन अब इसमें तालिबान और आईएसआई का कनेक्शन भी सामने आया है. ऐसे में राष्ट्रीय जांच एजेंसी भी इस मामले की जांच कर सकती है.