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Hathras Stampede Bhole Baba absconding: 2 जुलाई को हुए हाथरस भगदड़ के एक हफ्ते गुजर जाने के बाद भी बाबा नारायण हरि की लोकेशन ट्रेस नहीं हो पाई. बाबा के ठिकाने को लेकर जितने मुंह उतनी बातें हो रही है. कभी खबर आई कि बाबा अपने मैनपुरी वाले आश्रम में छिपा हुआ है, कभी पता चला कि बाबा नारायण हरि अपने किसी दूसरे आश्रम में अंडरग्राउंड है. अब सवाल उठता है कि आखिर बाबा मिलता क्यों नहीं?
कहां है बाबा?
बाबा के भक्तों का दावा है कि वो अंडरग्राउंड नहीं, मैनपुरी में हैं. लेकिन पुलिस बाबा की लोकेशन को लेकर कुछ बोलने को तैयार नहीं. आखिर बाबा कहां है, बाबा मैनपुरी में है? बाबा कानपुर के आश्रम में है? या फिर अपने किसी और आश्रम में अंडरग्राउंड है? आजतक की टीम जब बाबा के अलग-अलग आश्रमों में पहुंची, तो क्या पता चला, आपको बताते हैं.
मैनपुरी आश्रम पर पुलिस का पहरा
बाबा नारायण हरि के मैनपुरी आश्रम के बाहर पुलिस का कड़ा पहरा है. मामले की जांच कर रही पुलिस की तरफ से आरोपियों की धरपकड़ का दावा किया जा रहा है. लेकिन बाबा नारायण हरि को जमीन निगल गई या आसमान खा गया? इसका जवाब ना तो पुलिस के पास है, ना बाबा के वकील के पास और ना ही बाबा के भक्तों के पास. हां, बाबा की तरफ से एक वीडियो बयान के जरिए खुद को बेगुनाह साबित करने की कोशिश जरूर हुई.
बाबा की लुका-छिपी वाला खेल
बाबा ने भगदड़ को साजिश से जोड़ा और पल्ला झांड लिया. वहीं बाबा के वकील भी नई थ्योरी के साथ सामने आए. दलील यही रखी कि भगदड़ के पीछे जहर वाली साजिश है. कौन झूठ बोल रहा है, कौन सच? ये तफ्तीश के बाद साफ हो जाएगा. लेकिन भगदड़ के बाद से बाबा नारायण हरि अंडरग्राउंड है. सवाल यही है कि बाबा की लुका-छिपी वाले खेल के पीछे का राज क्या है?
कानपुर के आश्रम में केवल सेवादार
बाबा की तलाश में हमारी टीम पहले कानपुर के आश्रम में पहुंची, लेकिन बाबा नहीं मिले. आश्रम में सिर्फ बाबा के सेवादार मिले. वहीं जब आजतक की टीम बाबा के मैनपुरी वाले आश्रम पहुंची तो मौके पर पुलिस का कड़ा पहरा मिला, तो क्या बाबा नारायण हरि इसी आश्रम के अंदर है?
नहीं मिली आश्रम में जाने की इजाजत
हमारी टीम को आश्रम के अंदर जाने की इजाजत नहीं मिली. लेकिन बाबा नारायण हरि आश्रम के अंदर है या नहीं? पुलिस कुछ बोलने को तैयार नहीं. आश्रम के बाहर लगातार बाबा के भक्तों का आना जारी है. भक्तों का दावा है कि बाबा नारायण हरि अंडरग्राउंड नहीं है, बाबा तो हर तरफ मौजूद है.
कुछ सुनने और समझने को तैयार नहीं अनुयायी
सवाल यही है नारायण हरि मैनपुरी में है तो सामने क्यों नहीं आते? खुद को कलियुग का भगवान बताने वाले बाबा गायब हैं. लेकिन नारायण हरि का भ्रमजाल ऐसा है कि अनुयायी कुछ सुनने और समझने को तैयार नहीं हैं.
भगदड़ के पीछे साजिश का एंगल!
भोले बाबा उर्फ नारायण हरि और उनके वकील भगदड़ के पीछे साजिश का एंगल बता रहे है लेकिन बाबा के एक भक्त ने कैमरे पर कबूल किया है कि हादसा चरण की धूल के चलते हुआ. अब सवाल उठता है कि बाबा नारायण हरि क्यों अंडरग्राउंड है? इसका जवाब मैनपुरी में नहीं मिला.
लखीमपुर खीरी के आश्रम पर ताला
मैनपुरी के बाद बाबा की तलाश में हमारी टीम लखीमपुर खीरी पहुंची. वहां भी कई एकड़ में फैला बाबा का आश्रम है. तो क्या बाबा अपने लखीमपुर खीरी के आश्रम में अंडरग्राउंड है? बाबा का आलीशान आश्रम है. वहां बाबा नारायण हरि समागम के लिए आते हैं. हमारी टीम को आश्रम में बाबा नारायण हरि नहीं मिले. कमरे के बाहर ताला लटकता हुआ मिला. आश्रम में मौजूद सेवादारों ने बताया कि बाबा यहां पर नहीं आए हैं. कुछ महीने पहले आए थे.