हाथरस में साजिश के तार फैलते जा रहे हैं. पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के कुछ और संगठन से नाम जुड़ने के संकेत मिल रहे हैं. सबके बैंक खाते खंगाले जा रहे हैं. उत्तर प्रदेश पुलिस का दावा है कि पैसे विदेशों से आए और दंगा गैंग तक पहुंचाए गए.
गौरतलब है कि हाथरस के बहाने उत्तर प्रदेश को जलाने की साजिश का दावा किया जा रहा है. जांच एजेंसियों ने साजिश की सुपारी देने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. जैसे-जैसे इस मामले में जांच आगे बढ़ रही है. हर दिन नए-नए खुलासे सामने आ रहे हैं.
खबर है कि यूपी की शांति को भंग करने की साजिश में पीएफआई का नाम सामने आने के बाद पुलिस ने उसके मुखपत्र के संपादक को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार संपादक शाहीन बाग के पीएफआई दफ्तर का सचिव भी था. पुलिस उसे रिमांड पर लेने की कोशिश कर रही है ताकि पूछताछ के बाद जांच को आगे बढ़ाया जा सके.
इस बीच पीएफआई के गिरफ्तार चारों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और पीएफआई की तरफ से सफाई सामने आई है.