Hyderabad Madhvi Murder Case: हैदराबाद पुलिस ने अपनी पत्नी की जान लेने, उसकी लाश को काट कर कुकर में पकाने और उसे मछलियों को खिला देने वाले रिटायर्ड फौजी गुरुमूर्ति को तो गिरफ्तार कर लिया है. लेकिन पुलिस लाख कोशिश करने के बावजूद उसके हाथों हुए इस कत्ल के सबूत नहीं जुटा पा रही है.
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से सामने आई इस कहानी ने हर किसी को सकते में डाल दिया है. ख़ौफ और जिज्ञासा से भरे लोग मौका-ए-वारदात वाले मकान को देखने आ रहे हैं. और इसी के साथ हैदराबाद के मीरपेट थाने की पुलिस इस भयानक वारदात के सुराग तलाशने में जुटी है. एक ऐसा क़त्ल जिसने दिल्ली के श्रद्धा वाल्कर मर्डर केस और मुंबई के सरस्वती मर्डर केस की यादें फिर से ताजा करा दी हैं.
आपको बता दें कि 16 जनवरी को यहां रहने वाली 35 साल की हाउसवाइफ पी वेंकटा माधवी गायब हो गई थी. मूल रूप से आंध्र प्रदेश के नांदयाल की रहने वाली माधवी की शादी 13 साल पहले गुरुमूर्ती से हुई थी. गुरुमूर्ति आंध्र प्रदेश के ही प्रकाशम जिले का रहने वाला है. 45 साल के गुरुमूर्ति ने पहले एक फौजी के तौर पर इंडियन आर्मी में काम किया और फिर वहां से रिटायर होने के बाद वह अपने बीवी बच्चों के साथ हैदराबाद में सेटल हो गया था.
गुरुमूर्ति इन दिनों डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन यानी डीआरडीओ के कंचन बाग सेंटर में एक सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर काम किया करता था. माधवी और गुरुमूर्ति को दो बच्चे भी हैं. यानी देखा जाए तो दोनों की जिंदगी खुशहाल थी. लेकिन सबकुछ अच्छा होने के बावजूद 16 जनवरी को माधवी अचानक अपने घर से गायब हो गई. माधवी फोन पर अक्सर अपने माता-पिता और रिश्तेदारों से बात किया करती थी, लेकिन 16 जनवरी को वो अपने घर से गायब क्या हुई, उसका मोबाइल फोन भी स्विच्ड ऑफ हो गया.
ये मर्डर केस शायद हाल के दिनों का पहला और अनोखा ऐसा मामला है, जिसमें क़ातिल पुलिस की गिरफ्त में आ चुका है, अपना जुर्म कबूल रहा है, मौका-ए-वारदात से लेकर लाश ठिकाने लगाने तक के सारे ठिकाने बता रहा है, लेकिन पुलिस फिर भी कत्ल के सबूत नहीं ढूंढ पा रही है. और यही वजह है कि लाश मिलने या फिर सबूत ढूंढ निकालने तक पुलिस इस मामले को गुमशुदगी का मामला मान कर ही चल रही है.
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पुलिस सूत्रों की मानें तो बेशक अब तक की तफ्तीश में उसे गुरुमूर्ति के हाथों उसकी बीवी माधवी के क़त्ल का कोई पुख्ता सबूत ना मिला हो, लेकिन सरकमस्टैंसेस यानी परिस्थितियों के सहारे वो भी इस नतीजे पर पहुंची है कि गुरुमूर्ति झूठ नहीं बोल रहा है और उसने अपनी बीवी की जान जरूर ली है. लेकिन ये सब अचानक नहीं हुआ है.
दरअसल, पुलिस ने पूछताछ के बाद ये भी पता कर लिया है कि गुरुमूर्ति ने अपनी बीवी की जान 16 जनवरी को गुस्से में आकर अचानक नहीं ली, बल्कि इसके लिए उसने पहले से प्लानिंग कर रखी थी और इसी प्लान के तहत उसने अपने बच्चों को पहले अपनी बुआ के घर भी भेज दिया था.
असल में गिरफ्तारी के बाद गुरुमूर्ति ने पहले ये बताया था कि उसने गुस्से में आकर अपनी बीवी को मार डाला, लेकिन जब जांच आगे बढ़ी, तो पुलिस इस नतीजे पर पहुंची कि ये सोची समझी साजिश थी, गुस्से में किया गया कत्ल नहीं था.
कत्ल के बाद गुरुमूर्ति दो दिनों तक अपनी पत्नी की लाश को किचन नाइफ से काट-काट कर उसे टुकड़ों में उबालता रहा और घर के पास बने लेक में फेंकता रहा. अब पुलिस फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स के सहारे सीन ऑफ क्राइम से लेकर लाश ठिकाने लगाने की जगह तक माधवी की लाश के सुराग़ तलाशने की कोशिश कर रही है.
गुरुमूर्ति को शक था कि उसकी बीवी का अपने ही किसी रिश्तेदार से शक है और इसे लेकर वो आगबबूला था और इसी के चलते उसने क़त्ल की साजिश रच डाली. हैदराबाद के वेंकटेश्वरा कॉलोनी के रहने वाले गुरुमूर्ति को पुलिस ने उसकी बीवी की गुमशुदगी के बाद उससे पूछताछ करने के बाद गिरफ्तार किया था.