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माधवी हत्याकांड: जांच में दिल्ली और गुजरात के फॉरेंसिक एक्सपर्ट की मदद लेगी हैदराबाद पुलिस

हाल के वक्त का ये पहला ऐसा अनोखा मामला है, जब एक संदिग्ध क़ातिल को पुलिस ने पकड़ रखा है, उससे पूछताछ कर रही है, वो क़त्ल का जुर्म कबूल रहा है, बता रहा है कि उसने क़त्ल कहां किया, कैसे किया, कैसे लाश ठिकाने लगाई, लेकिन इतना सबकुछ होने के बावजूद पुलिस क़त्ल का सबूत नहीं जुटा पा रही है.

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आरोपी के कबूलनामे के बावजूद पुलिस के पास सबूत नहीं हैं
आरोपी के कबूलनामे के बावजूद पुलिस के पास सबूत नहीं हैं

Hyderabad Madhavi Murder Case: इन दिनों हैदराबाद की वेंकटेश्वरा कॉलोनी चर्चाओं में है. जिसकी वजह है एक कत्ल. क्योंकि वहां मौजूद एक मकान से कुकर वाली एक ऐसी खौफनाक मर्डर मिस्ट्री सामने आई है, जिसने लोगों को दहला कर रख दिया और पुलिस अब उस मिस्ट्री को लाख कोशिश करने के बावजूद सुलझा नहीं पा रही है. इल्जाम है कि वहां रहने वाले एक रिटायर्ड फौजी गुरुमूर्ति ने अपनी पत्नी माधवी की पहले जान ले ली, उसकी लाश के टुकड़े किए, उन्हें कुकर में पकाया और फिर पास की एक लेक में फेंक कर उन टुकड़ों को मछलियों को खिला दिया. 

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अब हैदराबाद की पुलिस ने इस मामले में तेलंगाना के फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स के साथ-साथ राजधानी दिल्ली और गुजरात के गांधीनगर के फ़ॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की भी मदद लेने का फैसला किया है. हैदराबाद पुलिस ने तय किया है कि वो दूसरे राज्यों के फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स को भी बुलाएगी, ताकि वो हैदराबाद में मौका-ए-वारदात यानी क़त्ल वाली जगह पहुंच कर खून के धब्बे या लाश को ठिकाने लगाए जाने के दूसरे सबूत ढूंढ सकें. 

हाल के सालों का ये पहला ऐसा अनोखा मामला है जब एक संदिग्ध क़ातिल को पुलिस ने पकड़ रखा है, उससे पूछताछ कर रही है, वो क़त्ल का जुर्म कबूल रहा है, बता रहा है कि उसने क़त्ल कहां किया, कैसे किया, कैसे लाश ठिकाने लगाई, लेकिन इतना सबकुछ होने के बावजूद पुलिस क़त्ल का सबूत नहीं जुटा पा रही है. पुलिस ऑफिसर कह रहे हैं कि उन्होंने ऐसा केस नहीं देखा, जिसमें सबूत इतनी सफाई से मिटा दिए गए हों कि खून का एक धब्बा तक नहीं मिल रहा है. 

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यही वजह है कि पुलिस ने अभी तक इस सिलसिले में कत्ल का केस ही दर्ज किया है, बल्कि पुलिस अब तक इसे एक गुमशुदगी के केस के तौर पर ही इनवेस्टिगेट कर रही है. सूत्रों की मानें तो बेशक अब तक की तफ्तीश में पुलिस को गुरुमूर्ति के हाथों उसकी बीवी माधवी के क़त्ल का कोई पुख्ता सबूत ना मिला हो, लेकिन सरकमस्टैंसेस यानी परिस्थितियों के सहारे वो भी इस नतीजे पर पहुंची है कि गुरुमूर्ति झूठ नहीं बोल रहा है और उसने अपनी बीवी की जान जरूर ली है. 

पुलिस ने पूछताछ के बाद ये भी पता कर लिया है कि गुरुमूर्ति ने अपनी बीवी की जान 16 जनवरी को गुस्से में आकर अचानक नहीं ही, बल्कि इसके लिए उसने पहले से प्लानिंग कर रखी थी और इसी प्लान के तहत उसने अपने बच्चों को पहले अपनी बुआ के घर भी भेज दिया था. असल में पूछताछ के दौरान गुरुमूर्ति ने ये बताया था कि उसने गुस्से में आकर अपनी बीवी को मार डाला. 

लेकिन जब जांच आगे बढ़ी, तो पुलिस इस नतीजे पर पहुंची कि ये सोची समझी साजिश थी, गुस्से में किया गया कत्ल नहीं था. कत्ल के बाद गुरुमूर्ति दो दिनों तक अपनी पत्नी की लाश को किचन नाइफ से काट-काट कर उसे टुकड़ों में उबालता रहा और उन्हें घर के पास मौजूद एक लेक में फेंकता रहा. अब पुलिस फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स के सहारे सीन ऑफ क्राइम से लेकर लाश ठिकाने लगाने की जगह तक माधवी की लाश के सुराग तलाशने की कोशिश कर रही है.

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गुरुमूर्ति को शक था कि उसकी बीवी का अपने ही किसी रिश्तेदार से अफेयर है और इसे लेकर वो आगबबूला था. इसी के चलते उसने अपनी बीवी के क़त्ल की साजिश रच डाली. हैदराबाद के वेंकटेश्वरा कॉलोनी के रहने वाले गुरुमूर्ति को पुलिस ने उसकी बीवी की गुमशुदगी के बाद उससे की गई पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया है.

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