आयकर विभाग ने बीते चार मार्च को चेन्नई के दो व्यावसायिक समूहों के यहां तलाशी ली थी. इनमें से एक तमिलनाडु के सर्राफा व्यापारी का ग्रुप है. वहीं, दूसरा साउथ इंडिया के बड़े आभूषण विक्रेताओं में से एक ग्रुप का है. आयकर विभाग ने चेन्नई, मुंबई, कोयंबटूर, मदुरै, त्रिची, त्रिस्सुर, नेल्लोर, जयपुर और इंदौर में 27 जगहों पर तलाशी ली थी.
सर्राफा व्यापारी के परिसर में पाए गए सबूतों से पता चला है कि उसके पास बेहिसाब नकदी बिक्री, अपनी शाखाओं से फर्जी नकद ऋण, खरीद के लिए डमी खातों की आड़ में नकद क्रेडिट, नोटबंदी की अवधि के दौरान अस्पष्टीकृत नकद जमा, फर्जी बकाया और अस्पष्टीकृत स्टॉक हैं.
वहीं, ज्वैलरी रिटेलर के परिसर में पाए गए साक्ष्यों के मुताबिक करदाताओं ने स्थानीय फाइनेंसरों से नकद ऋण लिया और फिर चुकाया, बिल्डरों को नकद ऋण दिया और अचल संपत्ति में नकद निवेश भी किया गया. रिपोर्ट में बेहिसाब सोने की खरीद का पता चला है और गलत ऋण की जानकारी भी सामने आई है.
आयकर विभाग की तरफ से जारी सर्च अभियान में अबतक 1000 करोड़ से ज्यादा की अघोषित संपत्ति के बारे में पता लगाया गया है. 1.2 करोड़ की नकदी भी बरामद की गई है. मामले की जांच की जा रही है.