भारत के मोस्ट वॉन्टेड आतंकवादी हरविंदर रिंदा का एक खास गुर्गा पंजाब में एक पुलिस मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से घायल हो गया. ये एनकाउंटर उस वक्त हुआ, जब पंजाब पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) आरोपी गैंगस्टर को साथ लेकर हथियारों की तलाश में एक ठिकाने पर छापा मारने गई थी.
आरोपी गैंगस्टर तरनजीत सिंह करीब एक सप्ताह पहले ही पंजाब पुलिस के शिकंजे में आया था. पुलिस के मुताबिक, उसके खिलाफ हत्या, अपहरण और वसूली जैसे कई संगीन मामले दर्ज हैं. हत्या के एक मामले में ही एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) आरोपी बदमाश तरनजीत सिंह को साथ लेकर हथियार बरामद करने के लिए मोहाली जिले के जीरकपुर गई थी.
जहां अचानक गैंगस्टर तरनजीत सिंह एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) के जवानों को चकमा देकर भागने लगा. जवान फौरन हरकत में आ गए और उन्होंने जीरकपुर में रिंदा के खास गुर्गे तरनजीत का पीछा कर घेर लिया. और उसे सरेंडर करने के लिए कहा, मगर उसने पुलिस टीम की चेतावनी को अनदेखा कर भागना शुरू कर दिया.
इसके जबाव में पुलिस की एजीटीएफ टीम ने फायरिंग की. जिसमें रिंदा के गुर्गे गैंगस्टर तरनजीत सिंह को दो गोलियां लगीं और उसे पुलिस ने फिर से गिरफ्तार कर लिया. घायल बदमाश को पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच अस्पताल पहुंचाया गया. जहां पुलिस अभिरक्षा में उसका इलाज किया जा रहा है.
जानकारी के मुताबिक, आरोपी तरनजीत सिंह के खिलाफ आधा दर्जन हत्या के मामलों के अलावा अपहरण और फिरौती के मामले भी दर्ज हैं. वो जीरकपुर में पुलिस को चकमा देकर भागना चाहता था. लेकिन पुलिस ने उसकी कोशिश को नाकाम कर दिया.
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, हत्या के एक मामले में पुलिस को हथियार की तलाश थी. वो हथियार आरोपी यानी गैंगस्टर तरनजीत सिंह ने जीरकपुर के पीर मुछल्ला में ही छिपाए हुए थे. उसी जगह पर पुलिस गैंगस्टर को लेकर गई थी. आतंकी तरनजीत सिंह कुख्यात अपराधी सोनी खत्री का करीबी भी बताया जाता है.