दिल्ली के कंझावला कांड में अब सीबीआई जांच की मांग उठी है. दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाती मालीवाल ने इस केस को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को ट्रांसफर करने की मांग की है. स्वाति मालीवाल ने इस केस को लेकर कई सवाल भी उठाए और कहा कि वे अंजलि मर्डर केस को CBI को ट्रांसफर करने का सुझाव केंद्र सरकार को भेजेंगी. आयोग का कहना है कि दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होना चाहिए और केस सीबीआई को सौंपा जाए. दिल्ली महिला आयोग ने ये भी साफ किया है कि वो पुलिस के जवाब से संतुष्ट नहीं है. आयोग ने पुलिस से घटना को लेकर जवाब तलब किया था.
पुलिस के जवाब से दिल्ली महिला आयोग इसलिए संतुष्ट नहीं है...
- निधि का फोन अब तक जब्त नहीं किया गया.
- अभी तक सारे सीसीटीवी फुटेज नहीं खंगाले गये.
- केस में धारा 302 नहीं लगाई गई.
- हादसे की रात पुलिस का रिस्पॉन्स बेहद खराब रहा.
- चश्मदीद गवाहों के 164 के बयान दर्ज नहीं किए गए.
स्वाती मालीवाल ने कहा कि पुलिस ने अभी भी 13 किमी के सभी सीसीटीवी फुटेज की जांच नहीं की है. सभी चश्मदीदों के सीआरपीसी की धारा 164 के तहत बयान दर्ज नहीं किए हैं. इस केस में धारा 302 नहीं जोड़ी गई है. उस रात पहली कॉल 2.22 बजे महिला के कार में फंसने के बारे में की गई थी, लेकिन पुलिस कार्रवाई में कहा गया कि 4.15 बजे एक महिला के बिना कपड़ों की लाश के बारे में सूचना मिलना बताया गया.
उन्होंने कहा कि मैं दिल्ली पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हूं. मैं सिफारिश करती हूं कि इस केस को सीबीआई को ट्रांसफर किया जाए. दिल्ली पुलिस ने हमें बताया कि उन्होंने अब तक निधि का फोन बरामद नहीं किया है. यह बहुत अहम सबूत है, मेरी समझ से परे है कि अब तक पुलिस के पास क्यों नहीं है?
क्या है मामला
बाहरी दिल्ली के सुल्तानपुरी में नए साल के जश्न के बीच 23 साल की अंजलि की दर्दनाक हो गई थी. आरोप है कि स्कूटी सवार अंजलि को एक कार ने पहले टक्कर मारी, फिर उसे 13 किमी तक सड़क पर घसीटा, जिससे उसकी मौत हो गई. इस मामले में कार सवार सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया. घटना के तीन बाद पुलिस अंजलि की सहेली निधि तक पहुंची और उसके बयान दर्ज किए. निधि का कहना था कि वो घटना के वक्त स्कूटी पर पीछे बैठी थी. टक्कर में अंजलि कार में फंस गई थी और आरोपी जान-बूझकर लड़की को घसीटते हुए ले गए थे.
मामले के आरोपी 5 नहीं 7
दिल्ली पुलिस ने एक नया खुलासा और किया है. पुलिस का दावा है कि इस मामले में आरोपी पांच नहीं बल्कि सात हैं. दो आरोपी आशुतोष और अंकुश खन्ना हैं. अंकुश आरोपी दीपक का भाई है. पुलिस का कहना है कि वो इस मामले में मजबूत चार्जशीट बनाएगी ताकि कोई भी मुजरिम सजा से ना बच पाए. साथ ही स्पेशल सीपी ने साफ कर दिया कि अभी इस मामले की कंप्लीट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और एफएसएल रिपोर्ट आनी बाकी है. ये दोनों रिपोर्ट आ जाने के बाद तस्वीर कुछ साफ होगी.