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नहीं मिला विस्फोटक का अंश, क्या 'केमिकल ब्लास्ट' है इजरायली दूतावास के पास हुआ धमाका? इस संगठन का आया नाम

इजरायली दूतावास के बगल में हुए धमाके से जुड़े सीसीटीवी वीडियो में दो युवक देखे गए हैं. हालांकि पुलिस ने अभी इस बात की पुष्टि नहीं की है कि ये दोनों इस मामले के संदिग्ध हैं. इसके अलावा इस मामले अभी तक विस्फोटक का कोई अंश बरामद नहीं हुआ है.

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जांच के लिए घटनास्थल पर पहुंची फॉरेंसिक टीम. (फोटो-आजतक)
जांच के लिए घटनास्थल पर पहुंची फॉरेंसिक टीम. (फोटो-आजतक)

दिल्ली के वीवीआईपी इलाके चाणक्यपुरी में इजरायली दूतावास के पास हुए धमाके को सुलझाने में दिल्ली पुलिस के अलावा एनआईए और एनएसजी की टीम लग गई है. दिल्ली पुलिस की अबतक की जांच में पता चला है कि ब्लास्ट से ठीक पहले सीसीटीवी में दो लड़के घटनास्थल के नजदीक से गुजरते हुए दिख रहे हैं.

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हालांकि पुलिस अभी भी ये तय नहीं कर पाई है कि इन दोनों युवकों का इस धमाके से कोई संबंध है या नहीं.  

साजिश का पता लगाने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने अब्दुल कलाम रोड और पृथ्वीराज रोड से सीसीटीवी रिकॉर्डिंग्स ली है. घटनास्थल पर पहुंचने वाले सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि मौका-ए-वारदात से अबतक विस्फोटक का कोई भी अंश बरामद नहीं हुआ है. इसलिए 'केमिकल धमाके' की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है. एक अधिकारी के अनुसार घटनास्थल से जले हुए विस्फोटकों के कोई सबूत नहीं मिले हैं. 

अब जांच एजेंसियां केमिकल एक्सप्लोजन की थ्योरी पर काम कर रसायनिक सबूत तलाशने में जुटी है. 

बता दें कि इस धमाके में कोई जख्मी नहीं हुआ है. लेकिन मंगलवार शाम इजरायली दूतावास के नजदीक हुए इस धमाके में एक पत्र मिला है. ये पत्र इजरायल के राजदूत को संबोधित करके लिखा गया है. पुलिस के अनुसार इस पत्र में 'अपशब्द' भी लिखे गए हैं. इस लेटर को फॉरेंसिक लैब भेजा गया है ताकि इस पर मौजूद किसी किस्म के फिंगर प्रिंट को लिया जा सके. 

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सबूत इकट्ठा करने के लिए फॉरेंसिक विभाग की एक और टीम आज सुबह घटनास्थल पहुंची है. धमाके के बाद घटनास्थल की बैरिकैडिंग कर दी गई है.

एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि "यह अंग्रेजी में लिखा गया एक पन्ने पत्र है. ऐसा संदेह है कि यह 'सर अल्लाह रेजिस्टेंस' नाम के किसी संगठन से संबंधित है, और इस पत्र में ज़ियोनिस्ट, फिलिस्तीन और गाजा जैसे शब्दों का उल्लेख किया गया है. अब पुलिस इस संगठन के बारे में जानकारी हासिल कर रही है.

घटना के बाद NSG की के-9 यूनिट मौके पर पहुंची. NSG की ये टीम मौके से सबूत इकट्ठा कर रही है. इसके अलावा एहतियात के तौर पर NSG के बम डिस्पोजल यूनिट को भी मौके पर भेजा गया था. 

बता दें कि पीसीआर को शाम 5:53 बजे दूतावास के पीछे जिंदल हाउस से "तेज आवाज" के बारे में कॉल मिली. इसके बाद, अपराध शाखा, बम निरोधक दस्ते, डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक विभाग की टीमों को मौके पर भेजा गया. 

इसके बाद इलाके में करीब तीन घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया गया. 

इजरायली दूतावास के पास से विस्फोट और पत्र की बरामदगी ने इसी दूतावास के पास 2021 में हुए विस्फोट की याद दिला दी है. इस ब्लास्ट में कुछ कारें क्षतिग्रस्त हो गईं थीं. राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी कि NIA ने इस मामले की जांच की थी.

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बता दें कि इस साल की शुरुआत में इजराइल और हमास के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से इजराइल दूतावास के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

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