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Jharkhand: ऑपरेशन ऑक्टोपस सफल, बूढ़ा पहाड़ नक्सलियों से मुक्त, दशकों से था सुरक्षित ठिकाना

झारखंड पुलिस के महानिदेशक नीरज सिन्हा अपनी टीम के साथ बूढ़ा पहाड़ पहुंचे, जो दशकों से नक्सलियों का सुरक्षित ठिकाना रहा है. सुरक्षाबलों ने विशेष ऑपरेशन के तहत बूढ़ा पहाड़ को नक्सलियों से पूरी तरह से मुक्त करा दिया. इस महीने की 4-5 सितंबर को शुरू किए गए ऑपरेशन ऑक्टोपस के तहत बड़ी संख्या में नक्सलियों के बंकर्स को कब्जे में लिया गया.

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सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर

झारखंड और छत्तीसगढ़ की सीमा पर बीते तीन दशक से नक्सलियों के गढ़ बूढ़ा पहाड़ (Budha Pahar) को नक्सलियों से पूरी तरह से मुक्त करा दिया गया है. झारखंड पुलिस ने यह जानकारी दी. आधिकारिक बयान में कहा गया कि पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) नीरज सिन्हा अपनी टीम के साथ बूढ़ा पहाड़ पहुंचे, जो दशकों से नक्सलियों का सुरक्षित ठिकाना रहा है.

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सुरक्षाबल कई वर्षों से इस क्षेत्र पर कब्जा जमाने के प्रयास कर रहे थे लेकिन उन्हें इस ऑपरेशन के दौरान बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ा. नक्सलियों ने पहाड़ी की ओर जाने वाली हर सड़क पर IED विस्फोटक लगा रखे थे.

बयान में कहा गया कि बीते एक साल में सुरक्षाबलों के स्ट्रैटेजिक ज्वॉइंट ऑपरेशन बहुत सफल रहे, विशेष रूप से ऑपरेशन ऑक्टोपस पूरी तरह से कामयाब रहा और अब इस पहाड़ी को नक्सलियों के चंगुल से पूरी तरह से आजाद करा लिया गया है.

ऑपरेशन ऑक्टोपस

इस महीने की 4-5 सितंबर को शुरू किए गए ऑपरेशन ऑक्टोपस के तहत बड़ी संख्या में नक्सलियों के बंकर्स को कब्जे में लिया गया. इसके साथ ही अलग-अलग तरह की 106 लैंडमाइन और भारी मात्रा में विस्फोटक जब्त किए गए. 

इस मामले को लेकर रविवार को डीजीपी ने स्थानीय ग्रामीणों से बातचीत की और उन्हें आश्वासन दिया कि वे न सिर्फ नक्सलियों के डर से मुक्त है बल्कि उन्हें पूर्ण सुरक्षा भी मुहैया कराई जाएगी. इसके साथ ही  ग्रामीणों के दैनिक जरूरतों का सामान वितरित किया गया. 

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इस पहाड़ी पर नक्सलियों को गढ़ बनाने से रोकने के लिए यहां पर सुरक्षाबलों को तैनात किया जाएगा. सात में इस इलाके के ग्रामीणों के लिए अस्पताल, स्कूल, सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़े निर्माण कार्यों को शुरू किया जाएगा. 

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