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लखीमपुर हिंसा से 2 घंटे पहले जिनकी गाड़ी को प्रदर्शकारियों ने घेरा, उन्होंने कहा- वो लोग किसान नहीं थे

यूपी के लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा पर बीजेपी के ब्लॉक प्रमुख पवन गुप्ता सामने आए हैं और उन्होंने दावा किया है कि उस हिंसा में अजय मिश्रा और आशीष मिश्रा दोनों ही नहीं थे.

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बीजेपी के ब्लॉक प्रमुख पवन गुप्ता
बीजेपी के ब्लॉक प्रमुख पवन गुप्ता
स्टोरी हाइलाइट्स
  • रविवार को हुई थी लखीमपुर में हिंसा
  • हिंसा में 8 लोगों की मौत हो गई थी

यूपी के लखीमपुर खीरी में रविवार को हुई हिंसा को लेकर रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं. हर दिन कुछ न कुछ नया आ रहा है. हर पक्ष के अपने-अपने दावे हैं. इसी बीच लखीमपुर हिंसा को लेकर एक और नया दावा किया गया है. इस घटना के बारे में बीजेपी के ब्लॉक प्रमुख पवन गुप्ता ने आजतक से बात करते हुए कहा, 'वो सब डंडा लिए हुए थे और गाड़ी पर मार रहे थे. अगर मैं और थोड़ी देर वहां रुकता तो आज सामने नहीं होता.'

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पवन गुप्ता बीजेपी के ब्लॉक प्रमुख हैं. लखीमपुर हिंसा से कुछ देर पहले का एक वीडियो सामने आया था जिसमें दिख रहा था कि प्रदर्शनकारी पवन गुप्ता की कार को घेरकर खड़े थे और बीजेपी मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे. 

आजतक से बात करते हुए पवन गुप्ता ने कहा, 'मैं घटना से लगभग 2 घंटा पहले वहां से गुजरा था. तभी भी उतनी ही भीड़ थी और जैसा कि वीडियो में दिख रहा है मेरी काली स्कॉर्पियो घेर ली गई. मैने सोचा मेरा ही इलाका है. बात करता हूं निकलकर, पर जैसे ही बाहर निकलना चाहा वहां पर बीजेपी मुर्दाबाद के नारे लगे और मेरी गाड़ी पर हमला हो गया.'

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उन्होंने कहा कि उनके हाथ में डंडे थे और अगर वो वहां थोड़ी देर और रुकते तो आज सामने नहीं होते. उन्होंने उस दिन की घटना को याद करते हुए कहा, 'डरावना मंजर था वो. कभी नहीं सोचा था कि अपने ही जिले में अपनी जान बचाकर भागना पड़ेगा.' उन्होंने ये भी दावा किया कि घटना स्थल पर अजय मिश्रा और आशीष मिश्रा दोनों ही नहीं थे.

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गुप्ता ने आगे कहा, 'वो लोग किसान नहीं लग रहे थे. किसान के वेश में कोई और ही थे. कुछ जिले के किसानों ने ही मेरी जान बचाई और मुझे वहां से निकलवाया. वरना मैं आज जिंदा नहीं होता.'

रविवार को लखीमपुर में हुई हिंसा में 4 किसान समेत 8 लोगों की मौत हो गई थी. इस हिंसा में तीन बीजेपी कार्यकर्ता हरिओम (35), श्याम सुंदर (40) और शुभम मिश्रा (30) की भी मौत हो गई थी. इस पर पवन गुप्ता ने कहा कि इस घटना में जो बीजेपी कार्यकर्ता मारे गए हैं, उनकी भी मदद होनी चाहिए. 

 

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