लखीमपुर खीरी हिंसा में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा का नाम आने के बाद बवाल मचा हुआ है. इस बीच अजय मिश्रा की हिस्ट्री खंगाली जा रही है. केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा कभी लखीमपुर के तिकुनिया थाने के हिस्ट्रीशीटर थे, हालांकि हाई कोर्ट के आदेश के बाद अजय मिश्रा की हिस्ट्री शीट को खारिज भी कर दिया गया है.
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा पर हत्या, मारपीट, धमकी देने जैसी तमाम घटनाओं में 4 मुकदमे दर्ज किए गए थे. दो मुकदमों में अजय मिश्रा का बेटा आशीष मिश्रा उर्फ मोनू भी नामजद रहा है. दरअसल, पिछले दिनों एक वायरल वीडियो में अजय मिश्रा ने कहा था कि विधायक और सांसद बनने से पहले मैं क्या था, इसको भी जान लें.
अजय मिश्रा पर लखीमपुर के ही तिकुनिया थाने में हत्या, घर में घुसकर मारपीट, बलवा के चार मुकदमे दर्ज थे. इतना ही नहीं, अजय मिश्रा की तिकुनिया थाने में हिस्ट्री शीट भी खोली गई थी. हालांकि, हाई कोर्ट ने अजय मिश्रा की हिस्ट्री शीट को खारिज कर दिया था. दर्ज हुए मुकदमों की बात करें तो अजय मिश्रा टेनी पर तिकुनिया थाने में चार मुकदमे दर्ज थे.
जानिए कब-कब दर्ज हुआ केस
-5 अगस्त 1990 को तिकुनिया थाने में अजय मिश्रा के साथ 8 लोगों पर मुकदमा दर्ज हुआ था. उन पर हथियारों से लैस होकर मारपीट का आरोप लगाया गया था.
-8 जुलाई 2000 को प्रभात गुप्ता की हत्या में अजय मिश्रा समेत चार लोग नामजद किए गए थे.
-31 अगस्त 2005 को ग्राम प्रधान ने अजय मिश्रा समेत चार लोगों पर घर में घुसकर मारपीट और दंगा फसाद का मुकदमा दर्ज कराया था.
-24 नवंबर 2007 को अजय मिश्रा समेत तीन लोगों पर घर में घुसकर मारपीट का चौथा मुकदमा दर्ज हुआ था.
अजय मिश्रा पर 2005 और 2007 के मारपीट के मुकदमों में अजय मिश्रा का बेटा आशीष मिश्रा उर्फ मोनू भी नामजद था.
अजय मिश्रा पर दर्ज चार गंभीर मुकदमों में सबसे गंभीर मुकदमा प्रभात गुप्ता मर्डर केस का था. हत्या के इस मुकदमे में अजय मिश्रा लोअर कोर्ट से बरी कर दिए गए. इत्तेफ़ाक़ था कि 29 जून 2004 सुनवाई करने वाले जज ने अजय मिश्रा को हत्या के मुकदमे में बरी किया और 30 जून को जज साहब का रिटायरमेंट हो गया. परिवार ने इस फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में अपील दायर की तो वर्तमान में अजय मिश्रा हाई कोर्ट से जमानत पर हैं.
12 मार्च 2018 से हाई कोर्ट ने भी इस मामले में सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित कर रखा है. बीते 3 सालों से फैसला सुरक्षित रखने पर हाई कोर्ट डबल बेंच में अपील दायर की है जिस पर अक्टूबर महीने में सुनवाई होना है. लखीमपुर हिंसा के बाद केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा पर एक और मुकदमा दर्ज किया गया है.