पूर्व बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री चिन्मयानंद पर पिछले साल शाहजहांपुर के स्वामी शुकदेवानंद विधि महाविद्यालय में पढ़ने वाली एलएलएम की छात्रा ने एक वीडियो के जरिये यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए थे. अब छात्रा अपने बयान से पलट गई है. इसके बाद अभियोजन पक्ष ने छात्रा के खिलाफ कार्रवाई किए जाने मांग की है. साथ ही गुरुवार को लखनऊ की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई के दौरान कोई गवाह भी अदालत नहीं पहुंचा. अब इस मामले की अगली सुनवाई नवंबर में होगी.
गुरुवार को राज्य बनाम स्वामी चिन्मयानंद केस में सुनवाई हुई. जिसमें कोई गवाह उपस्थित नहीं हुआ. इसके चलते कोर्ट ने इस मामले में अगले महीने की तारीख लगा दी है. अब अगली सुनवाई नवंबर में होगी. चिन्मयानंद के वकील ने कहा कि पीड़िता द्वारा बयान बदलने के बाद उन्होंने एक प्रार्थना पत्र 13 तारीख को दिया था, जिसमें आर्टिकल 340 के तहत आज सुनवाई होनी थी.
पीड़िता कोर्ट में अनुपस्थित थी. उनके वकील आए थे. उन्होंने हाजिरीनामा का प्रार्थना पत्र दिया और उपस्थित न होने के चलते मांफी मांगी है, जिसकी वजह से अब अगले महीने इस मामले की सुनवाई होगी. पीड़िता को अपना जवाब प्रस्तुत करने के लिए बोला गया है. आज पीड़िता और स्वामी चिन्मयानंद दोनों ही नहीं आए थे. स्वामी चिन्मयानंद की तरफ से भी हाज़िरीनामा और उपस्थित न होने का प्रार्थना पत्र दिया गया था.
आपको बताते चलें कि बीते मंगलवार को 23 वर्षीय पीड़ित छात्रा लखनऊ की विशेष एमपी-एमएलए अदालत में अपने पहले के सभी आरोपों से पलट गई. जानकारी के मुताबिक रेप के आरोप में फंसे स्वामी चिन्मयानंद केस की सुनवाई एमपी एमएलए कोर्ट में चल रही है. इस दौरान एलएलएम की छात्रा ने इस बात से स्पष्ट रूप से इनकार किया कि उसने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ कोई आरोप लगाया था.
छात्रा के इस बयान से हैरान अभियोजन पक्ष ने छात्रा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी. सीआरपीसी की धारा 340 के तहत झूठा बयान देने पर उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की. इस पर जज पीके राय ने निर्देश दिया कि अभियोजन पक्ष के कार्रवाई के आवेदन को स्वीकार किया जाए और इस आवेदन की कॉपी पीड़िता और आरोपी को भी सौंपी जाए. मामले की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर यानी गुरुवार को हुई. लेकिन कोई गवाह, पीड़िता और आरोपी कोर्ट नहीं पहुंचे.
छात्रा ने लगाए थे आरोप
बता दें कि पिछले साल शाहजहांपुर के स्वामी शुकदेवानंद विधि महाविद्यालय में पढ़ने वाली एलएलएम की छात्रा ने एक वीडियो में स्वामी चिन्मयानंद पर यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए थे. इस कॉलेज को स्वामी चिन्मयानंद का ट्रस्ट चलाता है. इस मामले में आरोपी स्वामी चिन्मयानंद की मुमुक्ष आश्रम से गिरफ्तारी हुई थी. एसआईटी ने यूपी पुलिस के साथ मिलकर सितंबर में चिन्मयानंद को आश्रम से गिरफ्तार किया था.
इस मामले में छात्रा ने दिल्ली के लोधी कॉलोनी पुलिस स्टेशन में 5 सितंबर 2019 को चिन्मयानंद के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी. इससे पहले 28 अगस्त 2019 को छात्रा के पिता ने शाहजहांपुर में छात्रा की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज़ कराई थी. इस मामले की जांच के लिए यूपी सरकार ने SIT भी गठित की थी. मामले की जांच के दौरान दोनों FIR को एक साथ मिला दिया गया था.
हाई कोर्ट से मिली थी जमानत
इसी साल फरवरी में इलाहाबाद हाईकोर्ट से स्वामी चिन्मयानंद को जमानत मिली थी. इस मामले में आरोप लगाने वाली युवती पर भी चिन्मयानंद को ब्लैकमेल कर रंगदारी मांगने के आरोप हैं. इसी मामले में स्वामी चिन्मयानंद के वकील ओम सिंह ने एक अज्ञात मोबाइल नंबर से 5 करोड़ रुपये रंगदारी मांगने का मामला दर्ज कराया था.