
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौते के बाद उनकी सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. ऐसे में उनके एक सरकारी सुरक्षाकर्मी अजय सिंह पर आनंद गिरि ने भी सवाल उठाया था. महंत की नरेंद्र गिरि की मौत की जांच में जुटी एसआईटी ने भी सिपाही अजय सिंह से पूछताछ की थी. डीआईजी प्रयागराज ने उसके खिलाफ जांच बैठाई है. अजय सिंह को सुरक्षा गार्द से हटा दिया गया है. सिपाही अजय सिंह को लेकर कई बड़े खुलासे हुए हैं.
दरअसल, आज तक/इंडिया टुडे की टीम प्रयागराज की आलीशान संगम सोसायटी में पहुंची. जहां एक वक्त में मठ की ज़मीन हुआ करती थी. यह मठ की ज़मीन महंत नरेंद्र गिरि ने बेच दी थी. उसी के बाद वहां आलीशान सोसायटी बनी. इस सोसायटी में अब 189 फ़्लैट हैं.
सबसे अहम बात ये है कि महंत की सुरक्षा में तैनात यूपी पुलिस के सिपाही अजय सिंह भी इसी सोसाइटी में रहता है. वहां उसका फ़्लैट है. जिसकी क़ीमत 90 लाख रुपये बताई जा रही. बताया जा रहा है कि सोसइटी में अजय सिंह के 2 से 3 फ़्लैट हैं. इस सोसायटी की प्रेसिडेंट कोई और नहीं बल्कि अजय सिंह की पत्नी बंदना सिंह है.
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सोसायटी के गेट पर बोर्ड लगा है, जिसमें सबसे ऊपर प्रेसिडेंट बंदना सिंह का नाम लिखा है, जो अजय सिंह की पत्नी है. सोसायटी में रहने वाले एक शख़्स ने बताया कि अजय सिंह साल 2004 से ही महंत नरेंद्र गिरी की सुरक्षा में तैनात है. उनके फ़्लैट की क़ीमत 90 लाख है. वह चौथी मंज़िल पर रहते हैं. अजय सिंह की पत्नी सोसाइटी की प्रेसिडेंट है.
महंत नरेंद्र गिरि की मौत के बाद जांच में लगी एसआईटी (SIT) नरेंद्र गिरि की सुरक्षा में तैनात सभी जवानों की लोकेशन निकाल रही है. उसी में अजय सिंह पर ड्यूटी में लापरवाही का मामला सामने आया है. इसी के बाद अजय सिंह समेत सभी जवानों के खिलाफ विभागीय जांच बैठाई गई है.
बता दें कि इस मामले के मुख्य आरोपी आनंद गिरी ने दावा किया था कि सिपाही अजय सिंह ने करोड़ों की कमाई की है. अब वो दावा पुख़्ता होता दिखाई दे रहा है. सिपाही अजय सिंह प्रयागराज पुलिस में तैनात नहीं था फिर भी वह महंत नरेन्द्र गिरि की सुरक्षा में तैनात था. वह नरेंद्र गिरि का करीबी बताया जाता है. फ़िलहाल उस फ़्लैट में न तो उसकी पत्नी है और न सिपाही अजय सिंह.