एनसीपी (SP) की लोकसभा सदस्य सुप्रिया सुले ने बीड सरपंच हत्या मामले में फरार आरोपियों में से एक को घटना के दो महीने बाद भी गिरफ्तार न करने पर महाराष्ट्र प्रशासन की आलोचना की. सांसद सुप्रिया सुले मंगलवार को बीड जिले के मासजोग गांव में मारे गए सरपंच संतोष देशमुख के परिवार से मिलने पहुंची थीं.
पीड़ित परिवार से मिलने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सुप्रिया सुले ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी और मामले में न्याय की अपील की थी. एनसीपी (एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा कि वह अब देशमुख के परिवार के लिए न्याय मांगने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भी मिलेंगी.
आपको बता दें कि मासजोग गांव के सरपंच संतोष देशमुख को 9 दिसंबर, 2024 को अपहरण कर प्रताड़ित किया गया और उनकी हत्या कर दी गई. दरअसल, संतोष देशमुख बीड जिले में एक ऊर्जा फर्म को निशाना बनाकर जबरन वसूली की कोशिश को रोकने में लगे थे.
पुलिस ने संतोष देशमुख हत्याकांड के सिलसिले में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि आरोपी कृष्णा अंधाले अभी भी फरार है. महाराष्ट्र के मंत्री धनंजय मुंडे के करीबी सहयोगी वाल्मिक कराड को जबरन वसूली के एक मामले में गिरफ्तार किया गया है और वह न्यायिक हिरासत में है.
सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि पुलिस प्रशासन अभी तक अंधाले को नहीं ढूंढ पाया है, जो अस्वीकार्य है. उन्होंने वाल्मिक कराड द्वारा जबरन वसूली के मामले में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने से पहले साझा किए गए एक वीडियो को लेकर भी उनकी आलोचना की. उन्होंने कहा कि वाल्मिक कराड ने आत्मसमर्पण करने से पहले एक वीडियो बनाया था. आत्मसमर्पण करने से पहले लोगों में ऐसा वीडियो बनाने की हिम्मत कैसे हुई? कृष्णा अंधाले कहां गए?
उन्होंने कहा कि अगर वे हर दिन हमारे फोन को ट्रैक कर सकते हैं, तो क्या वे कृष्णा अंधाले को नहीं ढूंढ सकते? यह स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने कहा, 'जब देशमुख का परिवार मुख्यमंत्री फडणवीस से मिला, तो मुझे उम्मीद थी कि उन्हें आठ दिनों में न्याय मिलेगा. मैं मुख्यमंत्री से मिलने जा रही हूं और देशमुख के परिवार के लिए न्याय की मांग करूंगी.'
सांसद ने मस्साजोग के निवासियों से सरपंच की हत्या के मामले में न्याय के लिए भूख हड़ताल न करने की अपील की. उन्होंने कहा, 'ग्रामीणों को भूख हड़ताल नहीं करनी चाहिए, हम न्याय के लिए मिलकर लड़ेंगे. यह घटना पूरे देश में एनसीपी (एसपी) सांसद बजरंग सोनावणे की वजह से जानी गई, जिन्होंने परभणी (हिंसा मामले) और मस्साजोग घटना में न्याय के लिए संसद में बात की.'