दिल्ली की जेल में बंद महाठग सुकेश चंद्रशेखर की करतूतों की लिस्ट बहुत बड़ी है. उसने जेल में रहते हुए भी ऐसे-ऐसे काम किए हैं कि कानून और पुलिस मजाक बनकर रह गए. उसने अपना मकसद पूरा करने के लिए हमेशा पैसों का भरपूर इस्तेमाल किया. सुनकर भी अजीब लगता है कि जिस देश में करोड़- डेढ़ करोड़ रुपये कमाने में लोगों की पूरी उम्र निकल जाती है और अनगिनत लोग कभी ये आंकड़ा छू ही नहीं पाते, वहां सुकेश चंद्रशेखर करोड़, डेढ़ करोड़ रुपये जेल कर्मचारियों के बीच ऐसे बांट दिया करता था, जैसे ये रकम कोई करोड़ों की रकम नहीं बल्कि कुछ सौ रुपये हों.
पैसों के दम पर जेल के बनाया ऐशगाह
बात उन दिनों की है जब सुकेश चंद्रशेखर तिहाड़ जेल की रोहिणी शाखा में बंद था. तब उसका ठिकाना जेल नंबर का 10 का वार्ड नंबर 3 और बैरक नंबर 204 हुआ करता था. लेकिन इस बैरक को सुकेश ने सिर्फ अपने पैसों के दम पर नखलिस्तान में तब्दील कर दिया था. वहां उसे ऐशो आराम की हर वो चीज़ उपलब्ध थी, जो कोई बड़ा से बड़ा रईस बाहर अपनी दौलत से खरीद सकता था.
आम कैदियों से बेहतर जिंदगी
फिर चाहे वो फ़ाइव स्टार होटल का खाना हो, ब्रांडेड कपडे, महंगे गैजेट्स, परफ्यूम्स या फिर डिंक्स या कुछ और. सुकेश के पास जेल में रहते हुए ही ऐशो आराम की सारी चीजें मौजूद थीं. और अब सामने आई छापेमारी की उन तस्वीरों को देख कर लगता है कि सुकेश का ये तिलिस्म अब बेशक टूट चुका हो, लेकिन अब भी जेल में उसकी जिंदगी वहां बंद बाकी कैदियों के मुकाबले लाख गुना बेहतर है.
ऑर्गेनाइज्ड क्राइम सिंडिकेट चलाने का आरोप
इस केस में सुकेश चंद्रशेखर पर जेल में रहते हुए भी ऑर्गेनाइज्ड क्राइम सिंडिकेट यानी वसूली रैकेट चलाने का इल्ज़ाम था, जबकि जेल के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों पर उसकी मदद करने के आरोप थे. आगे इस मामले की जांच इकोनॉमिक्स ऑफेंसेज विंग के हवाले कर दी गई और तब जांच में जो बातें सामने आईं, वो चौंकानेवाली थी.
सीसीटीवी कैमरों पर पर्दे
पुलिस ने इस मामले की तफ्तीश करते हुए रोहिणी जेल में लगी तमाम सीसीटीवी फुटेज, ड्यूटी रोस्टर, फोन कॉल्स की डिटेल्स और दूसरी पहलुओं की जांच की थी. ख़ास कर जेल वार्ड नंबर 3 के बैरक नंबर 204 के तहत सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की गई थी. जहां सुकेश चंद्रशेखर को रखा गया था. 14 जुलाई 2021 से 14 अगस्त 2021 की फुटेज की जांच करने पर ये पाया गया कि सुकेश के बैरक में लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों की रेंज को पर्दों और पानी की बोतलों से जानबूझ कर ब्लॉक कर दिया गया था.
खेल में शामिल था जेल स्टाफ
और इस पूरे समय में कैमरों के व्यू को क्लीयर करने की कोई कोशिश नहीं की गई. हद तो ये रही कि इस दौरान सीसीटीवी कैमरों की निगरानी के लिए तैनात वार्डर नीरज मान ने अपने रोस्टर में भी इस सिलसिले में टिप्पणियां की थीं, लेकिन ना सिर्फ उन टिप्पणियों को जानबूझ कर अनदेखा किया गया, बल्कि जांच में पता चला कि जेल के अफसरों ने खुद वार्डर नीरज मान को इस तरह की टिप्पणियां करने से मना किया था. जो इस बात का सबूत है कि जेल से चलाए जा रहे ठगी और वसूली के रैकेट में किस तरह रोहिणी जेल के अफसर ही सुकेश चंद्रशेखर की ढाल बने हुए थे. उसकी मदद कर रहे थे.
इन धाराओं में दर्ज हैं मामले
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस सिलसिले में सबसे पहले 7 अगस्त 2021 को सुकेश चंद्रशेखर और अज्ञात लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 170, 384, 386, 388, 406, 409, 419, 420, 468, 471, 506, 186, 353 और 120बी के तहत केस दर्ज किया था. इसके अलावा आईटी एक्ट और मकोका की धाराओं के तहत भी इल्ज़ाम थे.
तिहाड़ जेल में रहकर 200 करोड़ की ठगी
इससे पहले सुकेश चंद्रशेखर ने दिल्ली के तिहाड़ जेल में रहकर 200 करोड़ रुपए की ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया था. सुकेश ने जेल से ही गृह मंत्रालय का अफसर बनकर ठगी की थी. उसने आवाज बदलकर लोगों को झांसे में लिया था. आरोप है कि सुकेश ने जेल अधिकारियों को लाखों रुपए की रिश्वत देकर मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया था. जांच के बाद कई जेल अधिकारी गिरफ्तार हुए थे.
ऐसे भेजता था जेल के बाहर मैसेज
एक बार सुकेश चंद्रशेखर को जेल की सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाते पकड़ा गया था. सुकेश जेल के बाहर मैसेज भिजवाते सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ था. आरोपी तिहाड़ जेल के नर्सिंग स्टाफ को एक लेटर देकर बाहर भेज रहा था. जेल प्रशासन का कहना है कि सुकेश अपने मैसेज को इधर से उधर करवाता था. मामले में तिहाड़ जेल प्रशासन ने दिल्ली पुलिस को आरोपी नर्सिंग स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र लिखा था.
चर्चा में बना रहता था सुकेश
दरअसल, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग चेक करने के दौरान अधिकारियों ने पाया कि जेल के अस्पताल में कॉन्क्ट्रेट पर काम करने आई एक नर्सिंग स्टाफ से सुकेश बात कर रहा है और उसे अपना एक लेटर दे रहा था. बताते हैं कि ये लैटर नर्सिंग स्टाफ को सुकेश के किसी जानकार को बाहर जाकर देना था. नर्सिंग स्टाफ से जब पूछा गया तो वो संतोषजनक जवाब नहीं दे पाई. फिलहाल, तिहाड़ के अधिकारियों ने इसकी जांच के लिए दिल्ली पुलिस से संपर्क किया गया था. सुकेश चंद्रशेखर तिहाड़ जेल में रहते हुए कभी भूख हड़ताल तो कभी सुरक्षा व्यवस्था से खिलवाड़ करके जेल अधिकारियों के नाक में दम करता रहता था.