अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में सीबीआई की एसआईटी जांच कर रही है. हर दिन इस मामले में नए खुलासे हो रहे हैं. इस केस में सीबीआई की जांच दो सवालों पर टिकी है. जिनका जवाब मिलने पर एसआईटी का काम आसान हो सकता है. ये भी मुमकिन है कि मामले का खुलासा भी हो जाए. आखिर कौन से हैं वो दो सवाल? यही हम आपको बताने जा रहे हैं.
सुशांत को सबसे पहले किसने फंदे पर लटके देखा?
14 जून को मौका-ए-वारदात पर सुशांत के अलावा चार लोग मौजूद थे. जिसमें तीन सुशांत के मुलाजिम थे और एक उसका दोस्त. वो चारों इस मामले के चश्मदीद भी है. इन चारों लोगों से मुंबई पुलिस और बिहार पुलिस ने भी पूछताछ की थी. सीबीआई भी उनसे लगातार पूछताछ कर रही है. उन चारों में दो नाम ऐसे हैं जिनके बयान आपस में मेल नहीं खा रहे हैं. वो है सुशांत का कुक नीरज और सुशांत का दोस्त सिद्धार्थ. नीरज वही शख्स है, जिसने 14 जून की सुबह करीब साढे़ बजे सुशांत को जूस दिया था. इसके बाद सुशांत अपने कमरे में लौट गए थे और दरवाजा बंद कर लिया था.
वो नीरज ही था, जो कुछ देर बाद सुशांत से लंच के बार में पूछने गया था. तब सुशांत ने कमरे का दरवाजा नहीं खोला था. उस वक्त वहां दूसरा कुक दीपेश, हाउसकीपर और सुशांत का दोस्त सिद्धार्थ पिठानी भी मौजूद था. जब दरवाजा नहीं खुला तो सिद्धार्ध ने ही दरवाजे का लॉक खोलने के लिए चाबी बनाने वाले रफी शेख को बुलाया था. उसी ने दरवाजा खोला था. अब सीबीआई के सामने सबसे अहम सवाल ये है कि जब वहां चार लोग मौजूद थे, तो आखिर सुशांत को सबसे पहले किसने फांसी के फंदे पर लटकते हुए देखा था?
किसने की सुशांत के मरने की पुष्टि की?
इस पूरे मामले में सुशांत का दोस्त सिद्धार्थ पिठानी अहम गवाल है. सिद्धार्थ उस घर में सुशांत के साथ ही रहता था. सीबीआई को मिली जानकारी के मुताबिक इसी शख्स ने नीरज और दूसरे दो नौकरों की मौजूदगी में सुशांत की लाश को फंदे से नीचे उतारा था. मुंबई पुलिस ने सिद्धार्थ से पूछताछ की थी. अब वो सीबीआई के निशाने पर है. सीबीआई सिद्धार्थ से भी लगातार पूछ कर रही है. अब तक कई राउंड की पूछताछ की जा चुकी है. सीबीआई पता लगाना चाहती है कि 14 जून को मौका-ए-वारदात मौजूद चार लोगों में से वो कौन शख्स था, जिसने इस बात की पुष्टि की थी कि सुशांत मर चुके हैं.
क्यों अहम हैं इन सवालों को जवाब
दरअसल, सात दिनों से इस मामले की छानबीन में जुटी सीबीआई की एसआईटी ने जब सुशांत के कुक नीरज और दोस्त सिद्धार्थ से कई दौर की पूछताछ की तो दोनों कई बयान ऐसे हैं, जो आपस में मेल नहीं खाते हैं. ऐसे में ये पता लगाना ज़रूरी हो जाता है कि उन दोनों में से कौन सही बोल रहा है और कौन गलत. और वो ऐसा क्यों कर रहा है. जब सीबीआई की टीम उपरोक्त दो सवालों के जवाब तलाश लेगी और इस बात की तस्दीक कर लेगी कि वो जवाब सही हैं, तो काफी हद तक ये मामला सुलझ जाएगा. बाकी रही बात आगे की जांच कि तो शुक्रवाक को एम्स के फोरेंसिक एक्सपर्ट सुशांत की पोस्टमार्टम और विसरा रिपोर्ट की जांच कर लेने के बाद अपनी रिपोर्ट सीबीआई को सौंप देंगे. जिससे इस मामले से जुड़े कई सवालों को जवाब सीबीआई को मिल जाएंगे.