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एंटीलिया केसः सचिन वाजे ने मनसुख हिरेन की हत्या के लिए प्रदीप शर्मा को दी थी मोटी रकम

इस हाई प्रोफाइल मामले की चार्जशीट के मुताबिक 3 मार्च को एपीआई सचिन वाजे ने पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा के साथ एक मीटिंग की थी. उसी मीटिंग में वाजे ने रुपयों से भरा एक बैग प्रदीप शर्मा के हवाले किया था. जिसमें नोटों के बंडल भरे थे.

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एनआईए ने अपनी चार्जशीट में सचिन वाजे को मुख्य आरोपी बनाया है
एनआईए ने अपनी चार्जशीट में सचिन वाजे को मुख्य आरोपी बनाया है
स्टोरी हाइलाइट्स
  • एंटीलिया केस की चार्जशीट में अहम खुलासे
  • सचिन वाजे है पूरी साजिश का मास्टरमाइंड
  • NIA ने दाखिल की है 10000 पन्नों की चार्जशीट

एंटीलिया केस में चार्जशीट दाखिल होने के बाद हर रोज अहम खुलासे हो रहे हैं. चार्जशीट के मुताबिक मनसुख हिरेन का कत्ल करने के लिए मुख्य आरोपी सचिन वाजे ने मुंबई पुलिस के पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा को मोटी रकम दी थी. जिसके बाद प्रदीप शर्मा ने अपने साथी संतोष के साथ मिलकर मनसुख का मर्डर कर दिया था और उसकी लाश बाद में मुंब्रा क्रीक से बरामद हुई थी. 

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इस हाई प्रोफाइल मामले की चार्जशीट के मुताबिक 3 मार्च को एपीआई सचिन वाजे ने पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा के साथ एक मीटिंग की थी. उसी मीटिंग में वाजे ने रुपयों से भरा एक बैग प्रदीप शर्मा के हवाले किया था. जिसमें नोटों के बंडल भरे थे. पैसा मिलने के बाद प्रदीप शर्मा ने संतोष शेलार से संपर्क किया था और एक गाड़ी के बारे में बात की थी, जिसका इस्तेमाल मनसुख हिरेन की हत्या के लिए होना था और उसी गाड़ी से लाश को ठिकाने लगाने था.

हिरेन के मर्डर का प्लान बन जाने के बाद इंस्पेक्टर सुनील माने ने मनसुख हिरेन को बहाने से बुलाकर अगवा कर लिया था और फिर उसे संतोष शेलार के हवाले कर दिया था. संतोष अपने साथी सतीश मोथुकारी, आनंद जाधव और मनीष सोनी  के साथ एक गाड़ी में मौजूद था. वहीं मनसुख हिरेन का गला घोंटकर उसे मौते के घाट उतार दिया गया था. फिर चारों आरोपियों ने मनसुख हिरेन की लाश को मुंब्रा क्रीक में फेंक दिया था. 

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सचिन वाजे का प्लान ये था कि एंटीलिया के पास जिलेटिन से भरी कार खड़ी करने का इल्जाम मनसुख हिरेन अपने सिर पर ले लेगा. मगर ऐसा नहीं हुआ. मनसुख हिरेन ने ये इल्जाम अपने सिर लेने से इनकार कर दिया. तभी सचिन वाजे ने उसे रास्ते से हटाने का प्लान बनाया और इस काम की जिम्मेदारी पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा को सौंपी. 

पुलिस ने मनसुख हिरेन की लाश 5 मार्च को मुंब्रा क्रीक से बरामद की थी. इस मामले को पहले सुसाइड बताया जा रहा था. लेकिन बाद में मामला खुल गया. ए्नआईए ने इस केस में सचिन वाजे और प्रदीप शर्मा के साथ-साथ पूर्व पुलिस अधिकारी रियाजुद्दीन काजी, इंस्पेक्टर सुनील माने, सजायाफ्ता कांस्टेबल विनायक शिंदे, आनंद जाधव, सतीश मोथकुरी, क्रिकेट बुकी नरेश गौर, संतोष शेलार और मनीष सोनी को भी आरोपी बनाया है.

 

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