मुंबई में एंटीलिया के बाहर खड़ी संदिग्ध स्कॉर्पियो कार को सबसे पहले रिलायंस के सिक्योरिटी हेड ने देखा था. वो पहले शख्स थे, जिन्होंने ये बात नोटिस की थी कि वहां खड़ी हरे रंग की स्कॉर्पियो कार संदिग्ध है. जिसे 25 फरवरी को कारमाइकल रोड पर पार्क किया गया था.
अंबानी परिवार के निवास एंटीलिया के सिक्यूरिटी हेड ने अपने बयान में बताया है कि वह रोज की तरह सुरक्षा व्यवस्था की जांच के लिए राउंड पर थे. तभी उन्हें एंटीलिया के गेट पर हंगामा करने वाली एक महिला के बारे में फोन आया, तो वह वापस एंटीलिया चले गए.
वह महिला को समझा रहे थे और उन्हें एंटीलिया से दूर ले जाने की कोशिश कर रहे थे. इसलिए वे उस महिला के साथ कारमाइकल रोड की ओर चल दिए. तभी उनकी नजर शिखर कुंज बिल्डिंग के एंट्री गेट के बाईं ओर फुटपाथ के पास खड़ी हरे रंग की संदिग्ध स्कॉर्पियो पर पड़ी.
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चश्मदीद ने कहा, "एक धूल भरी कार की बिल्कुल साफ नंबर प्लेट ने मेरा ध्यान आकर्षित किया और रजिस्ट्रेशन नंबर पढ़ने के बाद मैंने महसूस किया कि इस गाड़ी पर लगी प्लेट पर लिखे नंबर एमएच 01 डीके 9945 के अंतिम चार अंक अंबानी परिवार के सदस्यों की सुरक्षा टीम के काफिले में इस्तेमाल किए जाने एक वाहन के हैं."
इसके फौरन बाद उन्होंने अपनी टीम को सूचित किया और उन्हें रजिस्ट्रेशन नंबर की जांच करने के लिए कहा. पता चला कि संदिग्ध स्कॉर्पियो पर लिखा नंबर नीता अंबानी की सिक्यूरिटी टीम में तैनात रेंज रोवर का है. गवाह ने कहा, "मैंने तुरंत अपने स्टाफ के सदस्य देवेंद्र को पुलिस विभाग को सूचित करने का निर्देश दिया."
सुरक्षाकर्मियों ने आस-पास की इमारतों में स्कॉर्पियो कार के दावेदार के लिए पूछताछ और जांच भी की. लेकिन किसी को यह पता नहीं पता था कि वो स्कॉर्पियो वहां किसने खड़ी की थी. सूचना के बाद गामदेवी थाने के पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्कॉर्पियो की जांच पड़ताल की. इसके बाद उन्होंने बीडीडीएस को फोन कर मौके पर बुलाया. एसयूवी के संबंध में आगे की कार्रवाई के लिए जोन के डीसीपी सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे.
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बता दें कि गवाह ने साल 2012 में रिलायंस ज्वॉइन की थी. 2018 में वह ग्लोबल कॉरपोरेट सिक्योरिटी के अध्यक्ष बने, जो रिलायंस समूह की कंपनी है. यह कंपनी रिलायंस समूह के स्वामित्व वाले सभी कारखानों, पेट्रोलियम रिफाइनरी और अस्पताल आदि की सुरक्षा संभालती है.
उनके बयान के अनुसार, एंटीलिया में सुरक्षा व्यवस्था एलीट प्रोटेक्शन ग्रुप (EPG) की जिम्मेदारी है. इसमें लगभग 300 सुरक्षाकर्मी शामिल होते हैं. जिनमें ज्यादातर सेवानिवृत्त फौजी और अर्धसैनिक बल के जवान होते हैं, जिन्होंने एसपीजी जैसी विशेष इकाइयों में काम किया है.
ईपीजी में मुख्य रूप से दो टीमें शामिल होती हैं, एक टीम में लगभग 150+ कर्मी शामिल होते हैं, जिनमें से ज्यादातर परिसर की सुरक्षा के लिए समर्पित पूर्व-सैनिक होते हैं. और दूसरे में लगभग 100+ सुरक्षाकर्मी शामिल होते हैं, जिनमें से ज्यादातर पूर्व-एसपीजी होते हैं, जो अंबानी परिवार के सदस्यों की व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए समर्पित हैं.
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ये सुरक्षाकर्मी शिफ्ट में काम करते हैं. एक बार में लगभग 50 से 60 सुरक्षाकर्मी परिसर और परिवार के सदस्यों की सुरक्षा के लिए ड्यूटी पर होते हैं. इन सुरक्षाकर्मियों को इज़राइल, अमेरिका आदि के विशेषज्ञों द्वारा विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है.
इन सभी सुरक्षाकर्मियों को मुफ्त आवास प्रदान किए जाते हैं. वफादारी और नौकरी की संतुष्टि सुनिश्चित करने के लिए उन्हें अच्छा वेतन तो मिलता ही है, साथ ही उनके वैलफेयर के लिए भी उपाय किए जाते हैं. एंटीलिया और अंबानी परिवार की सुरक्षा के लिए ईपीजी में शामिल किए जाने से पहले सभी सुरक्षा कर्मियों को कर्नल व्यक्तिगत रूप से परखते हैं.