मुंबई में एंटीलिया के बाहर मिली स्कॉर्पियो कार के मालिक बताए जा रहे मनसुख हिरने की मौत का मामला उलझता ही जा रहा है. एक तरफ मुंबई एटीएस इस हत्याकांड की जांच कर रही है, तो दूसरी तरफ मनसुख की पत्नी ने हत्या के मामले दर्ज कराई गई एफआईआर में दावा किया है कि उनके पति का कत्ल एपीआई सचिन वाज़े ने किया है.
अपनी शिकायत में मनसुख हिरेन की पत्नी विमला हिरेन ने साफतौर पर पुलिस ऑफिसर सचिन वाज़े का नाम लिया है. विमला ने कहा है कि उसे शक है कि उसके पति का मर्डर किया गया था और इसके पीछे सचिन वाज़े ही था. एफआईआर में विमला ने अपने पति के रहस्यमयी ढंग से गायब हो जाने की घटना का पूरा क्रम बताया है. आजतक/इंडिया टुडे के पास एफआईआर कॉपी भी है.
विमला हिरेन ने अपनी शिकायत में गंभीर आरोप लगाए हैं. उनकी एफआईआर के महत्वपूर्ण अंश हम आपको बताने जा रहे हैं.-
"पीटर न्यूटन की मर्जी से ही मेरे पति के पास 3 साल से उनकी स्कॉर्पियो कार थी. हमारे नियमित ग्राहक वाज़े मेरे पति को जानते थे. मेरे पति ने अपनी कार वाज़े को नवंबर 2020 में दी थी. 5 फरवरी को हार्ड स्टीयरिंग की शिकायत के वाज़े ने वो कार ड्राइवर के साथ हमारी दुकान पर भेजी. 17 फरवरी को 6:30 बजे मेरे पति इस कार में अकेले मुंबई के लिए रवाना हुए. स्टीयरिंग जाम होने की वजह से उन्होंने कार को मुलुंड टोल प्लाजा से आगे पार्क किया और ओला/उबेर कैब से मुंबई चले गए. 18 फरवरी को हमारी दुकान का एक कर्मचारी कार की मरम्मत के लिए मेरे पति के साथ मौके पर गया, लेकिन वहां कार नहीं मिली."
"मेरे पति ने 18 तारीख को मुझे इस बारे में बताया और उसी दिन विक्रोली पुलिस स्टेशन में कार चोरी का मामला दर्ज कराया गया. 25 फरवरी को हमने एंटीलिया में विस्फोटकों के साथ एक स्कॉर्पियो मिलने की मीडिया रिपोर्ट टीवी पर देखी लेकिन हमें यकीन नहीं था कि ये वही कार है. 25 तारीख को एटीएस से पुलिस इंस्पेक्टर साल्वे ने मेरे पति को फोन किया और उन्हें हमारे घर से नीचे आने को कहा. मेरे पति और पुत्र लकी उनसे मिलने गए. उन्होंने हमें मोबाइल फोन पर उस स्कॉर्पियो कार की एक तस्वीर दिखाई. मेरे पति ने कार की पहचान की. उन्होंने पुलिस को कार चोरी की शिकायत के बारे में बताया और एफआईआर की कॉपी भी दिखाई. एटीएस विक्रोली यूनिट ने सीसीटीवी फुटेज के बारे में पूछताछ करने के बाद मेरे पति को सुबह 6:30 बजे घर वापस भेज दिया."
"26 फरवरी को मेरे पति वाज़े के साथ क्राइम ब्रांच के ऑफिस गए और रात 10:30 बजे वाज़े के साथ ही वापस आए. मेरे पति ने बताया कि वह पूरा दिन वाज़े के साथ थे. 27 तारीख को भी उनके पति पूरे दिन वाज़े के साथ रहे और रात के 10:30 बजे वापस आए. 28 फरवरी को भी वह वाज़े के साथ गए. उनका बयान दर्ज किया गया. वो स्टेटमेंट की कॉपी भी साथ लाए थे, जिस पर वाज़े के हस्ताक्षर थे."
"1 मार्च को मेरे पति के पास एफआर बायकुला पुलिस की एक कॉल आई. उन्हें वहां पूछताछ के लिए बुलाया गया. लेकिन वह नहीं गए और घर पर वापस आ गए. 2 मार्च को जब मेरे पति दुकान से वापस आए तो उन्होंने बताया कि वे वाज़े के साथ मुंबई गए थे. वाज़े के कहने पर उन्होंने एडवोकेट गिरि के माध्यम से उत्पीड़न की एक लिखित शिकायत सीएम, एचएम समेत ठाणे और मुंबई के पुलिस कमिश्नर को भेजी थी. उस शिकायत में कहा गया था कि पुलिस और मीडिया उनका उत्पीड़न कर रही है. जब मैंने अपने पति से पूछा था कि क्या उन्हें पुलिस ने प्रताड़ित किया था, तो उन्होंने कहा नहीं. लेकिन उन्होंने कहा कि बयान दर्ज होने के बाद भी पुलिस की तरफ से उन्हें फोन आ रहे थे. इस सब के बावजूद वह कभी किसी तनाव या परेशानी में नहीं दिखे."
"3 मार्च को वह दुकान के लिए रवाना हुए और अपनी दिनचर्या के अनुसार रात 9 बजे घर वापस आए. उन्होंने मुझे बताया कि वाज़े ने उन्हें गिरफ्तार करने के लिए कहा और वह उन्हें 2-3 दिन में जमानत पर बाहर कर देगा. मैंने कहा कि इसकी कोई ज़रूरत नहीं है. हम इस बारे में सलाह लेंगे. लेकिन वह तनावपूर्ण दिख रहे थे."
"4 मार्च को मेरे पति ने मुझे बताया कि उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है और उन्होंने मुझे एबीए के लिए एक अच्छे वकील की व्यवस्था करने के लिए कहा और फिर अपनी दुकान पर चले गए. 6 मार्च को मेरे पति के भाई विनोद हिरेन ने मेरे पति की मृत्यु के बाद मुझे सूचित किया कि 4 तारीख को उन्होंने एक वकील से बात की थी, जिन्होंने कहा था कि एबीए की कोई आवश्यकता नहीं है और अगर ऐसा किया जाता है तो भी इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा. 4 मार्च को मेरा बेटा मेरे पति के लिए टिफिन लेकर लगभग 8:30 बजे गया. इसी दौरान मेरे फोन पर मेरे पति की कुछ मिस्ड कॉल आई. मैंने उन्हें फोन किया कि तो वो बोले कि वह घर आ रहे हैं. घर आने पर मैंने उनसे पूछा कि वह इतनी जल्दी कैसे आए. उन्होंने कहा कि वह रात के खाने के लिए बाहर जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि उन्हें किसी तावड़े नामक पुलिस अधिकारी का फोन आया था. उन्होंने घोडबंदर पर मिलने के लिए कहा है, तो वो उनसे मिलने जा रहे हैं. उन्होंने मुझे मोटरसाइकिल की चाबी सौंपी और कहा कि वह रिक्शा से जा रहे हैं."
"जब करीब 11 बजे के बाद भी वह वापस नहीं आए, तो मैंने उन्हें फोन किया लेकिन उनका फोन बंद था. मैंने कई बार फोन किया, लेकिन नहीं मिला. 5 मार्च की सुबह लगभग 1:10 बजे मैंने अपने देवर को इस बात की जानकारी दी. हमने वाज़े से संपर्क किया, उसने कहा कि हम सुबह तक इंतजार करेंगे या फिर फिर पुलिस शिकायत दर्ज कराएंगे. 5 मार्च को मेरा बेटा और देवर शिकायत दर्ज कराने के लिए नौपाड़ा पुलिस थाने गए थे. 3:30 बजे मेरे बेटे मीत ने मुझे बताया कि मुंब्रा क्रीक से उनका शव बरामद कर लिया गया है."
"मुझे बताया गया कि उनके मुंह के चारों ओर एक दुपट्टा और 5-6 रूमाल पाए गए थे. मेरे पति एक अच्छा तैराक थे और वह डूब नहीं सकते थे. उनका फोन, सोने की चेन और वॉलेट आदि सामान उनकी बॉडी के साथ नहीं मिला. पूरे हालात को देखते हुए मुझे यकीन है कि उनका मर्डर किया गया था और मुझे शक है कि वाज़े ने उन्हें मारा है."
फडणवीस ने कहा- गिरफ्तार हो सचिन वाज़े
उधर, इस मामले पर विपक्षी हमलवार नजर आ रहे हैं. सदन में नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस ने कहा "हमने मनसुख हिरेन की पत्नी के बयान को पढ़ने के बाद एक मांग की थी. उन्होंने (विमला हिरेन) ने कहा है कि संदिग्ध कार सचिन वाज़े के कब्जे में नवंबर 2020 से लेकर अगले 4 महीने तक थी. वही थे (सचिन वाज़े) जिन्होंने होते को पत्र लिखने के लिए कहा था. पुलिस उत्पीड़न के खिलाफ शिकायत करने लिए कहा था. उन्हें (मनसुख) गिरफ्तार करने के लिए भी कहा था और जमानत सुरक्षित कराने के लिए भी. मैंने पहले जो भी आरोप लगाए हैं वे सच हैं."
"मनसुख हिरेन की आखिरी लोकेशन एक कंपनी की है, जिसका मालिक गावडे नामक शख्स है. वह व्यक्ति और सचिन वाज़े एक साथ जबरन वसूली मामले में शामिल थे. ये सभी परिस्थितियां सिर्फ संयोग नहीं हो सकती हैं. वाज़े को गिरफ्तार किए जाने की ज़रूरत है. लेकिन सरकार उसे बचाने की कोशिश कर रही है. मैं यह समझने में नाकाम रहा कि कौन सी जानकारी वाज़े के पास है, जो कुछ लोगों को परेशानी में डाल सकती है?"
पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा "उसे CIU के पद से हटा दिया जाना चाहिए और वरना वो साक्ष्यों को नष्ट करने की स्थिति में है. वे एलओपी को भी धमकाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन मैं टूटने वाला नहीं हूं. मनसुख हिरेन की मौत के मामले में एफआईआर की कॉपी और उनकी पत्नी विमला का बयान कई पहलुओं को उजागर करता है."