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मुंबई ड्रग्स केसः NCB के गवाह मनीष भानुशाली ने खुद को बताया जान का खतरा, सुरक्षा मांगी

भानुशाली ने बताया कि उसने पंचनामे पर गवाह के तौर पर दस्तखत किए थे. लेकिन उसे नहीं पता कि किरण गोसावी को कोरे कागज पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया गया था या नहीं.

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बीजेपी वर्कर मनीष भानुशाली और किरण गोसावी रेड के दौरान NCB टीम के साथ थे
बीजेपी वर्कर मनीष भानुशाली और किरण गोसावी रेड के दौरान NCB टीम के साथ थे
स्टोरी हाइलाइट्स
  • क्रूज पर रेड दौरान मौजूद थे मनीष और किरण गोसावी
  • रेड में पंचनामे पर मनीष भानुशाली ने किए थे साइन
  • मनीष का दावा- उसके बाद नहीं हुई किरण गोसावी से बात

मुंबई क्रूज ड्रग्स केस के बाद चर्चाओं में आए बीजेपी कार्यकर्ता मनीष भानुशाली ने कहा कि उसे जान का खतरा है, इसलिए वह छुप रहा है. उसने सरकार से अपने और अपने परिवार के लिए सुरक्षा की मांग की है. उसने यह भी बताया कि रेड दौरान उसने सैम डिसूजा को देखा था, लेकिन वो उस छापेमारी का हिस्सा नहीं थे.

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क्रूज़ मामले में गवाह मनीष भानुशाली ने आज तक/इंडिया टुडे से बात करते हुए खुलासा किया कि वह क्रूज़ पर हुई छापेमारी से 3-4 दिन पहले  किरण गोसावी से मिला था. इसके बाद वे दोनों एनसीबी दफ्तर गए थे और उन्हें ड्रग्स के बारे में जानकारी दी थी. 

भानुशाली ने बताया कि रेड के दौरान उसने सैम डिसूजा को वहां देखा था लेकिन वह रेड का हिस्सा नहीं थे. उसने बताया कि उसने पंचनामे पर गवाह के तौर पर दस्तखत किए थे. लेकिन उसे नहीं पता कि किरण गोसावी को कोरे कागज पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया गया था या नहीं.

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मनीष का कहना है कि वह छापेमारी के बाद चला गया था. उसे नहीं पता कि किसी को पैसे दिए गए हैं या नहीं. उसे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है. उसने छापेमारी के बाद कभी किरण गोसावी से बात नहीं की. अब यह मामला राजनीतिक तरह का हो गया है.

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मनीष भानुशाली ने कहा कि वो पिछले 20 दिनों से छिप कर रहा है, क्योंकि उसे अपनी जान का डर सता रहा है. वह चाहता है कि सरकार उसे और उसके परिवार को सुरक्षा प्रदान करे. मनीष ने एनसीबी के जोनल चीफ समीर वानखेड़े को एक अच्छा अफसर बताया है.

 

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