मुंबई स्थित एंटीलिया के बाहर स्कॉर्पियो में जिलेटिन की छड़ मिलने की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) करेगी. गृह मंत्रालय ने एनआई को जांच सौंप दी है.पिछले दिनों ही स्कॉर्पियो के मालिक मनसुख हिरेन की संदिग्ध मौत हो गई थी. हिरेन के शव की जांच के दौरान उनके मुंह से पांच रूमाल निकले हैं. जबकि उनकी लाश एक नाले से बरामद की गई थी.
इस पूरे मामले की पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस ने एनआईए से जांच करवाने की मांग की थी. इसके बाद गृह मंत्रालय ने पूरे मामले की जांच एनआईए को सौंप दी है. अब एनआईए यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि एंटीलिया के बाहर स्कॉर्पियो खड़ा करने का क्या मकसद था और इसके पीछे किसकी साजिश थी.
मनसुख मौत मामले की भी एनआईए करेगी जांच
इसके साथ ही कार मालिक मनसुख हिरेन की मौत मामले की भी एनआईए जांच करेगी. मनसुख की प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी एनआईए, मुंबई पुलिस से अपने हाथों में लेगी. मनसुख का विसरा जांच के लिए फॉरेंसिक लैब में एनआईए केस दर्ज करने के बाद भेजेगी. एनआईए आज शाम तक केस दर्ज कर सकती है.
क्या है पूरा मामला
25 फरवरी को दक्षिण मुंबई के पेडर रोड स्थित एंटीलिया के बाहर विस्फोटकों से भरी एक स्कॉर्पियो गाड़ी खड़ी मिली थी. 24 फरवरी की मध्य रात 1 बजे यह गाड़ी एंटीलिया के बाहर खड़ी की गई थी. दूसरे दिन गुरुवार को इस पर पुलिस की नजरें गईं और कार से 20 जिलेटिन की रॉड बरामद की गई थी.
एंटीलिया के बाहर मिली संदिग्ध गाड़ी के मामले में मुंबई के गामदेवी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था. इस मामले में 286, 465, 473, 506(2),120(B) IPC and u/s 4 of Explosive Substances Act 1908 के तहत मामले दर्ज किए गए. जिलेटिन मिलने का मामला गंभीर है, यही कारण है कि आतंकी एंगल को भी खंगाला जा रहा है.
स्कॉर्पियो मालिक की संदिग्ध मौत
इस बीच स्कॉर्पियो मालिक मनसुख हिरेन की संदिग्ध मौत हो गई. प्रारंभिक जांच में पुलिस मनसुख हिरेन की मौत को आत्महत्या जैसा बता रही थी, लेकिन लाश के मुंह से निकले पांच रूमाल दूसरी तरफ इशारा कर रहे हैं. ठाणे का रहने वाला मनसुख हिरेन का यहीं पर ऑटोमोबाइल पार्ट्स का बिजनेस था.
परिवार ने लगाया हत्या का आरोप
परिवार ने आरोप लगाया है कि मनसुख हिरेन को मारकर पानी में डुबाया गया है. परिवार का कहना है कि मनसुख हिरेन को स्वीमिंग आती थी. वो अच्छे से तैरना जानते थे. तो पानी में जाकर सुसाइड करने की बात शंका पैदा करती है और फिर उनकी लाश की जांच के दौरान उनके मुंह से निकले पांच रूमाल साफ तौर पर किसी बड़ी साजिश की तरफ इशारा कर रहे हैं.
गृह मंत्री की सफाई
गृह मंत्री अनिल देशमुख ने नया खुलासा करते हुए कहा कि मनसुख हिरेन उस कार के मालिक नहीं थे, उसके मालिक सैम पीटर न्यूटन थे. जबकि कार पर केवल हिरेन का कब्जा था. उन्होंने कहा कि सचिन वाज़े का नाम बार-बार लिया जा रहा है, वे इस मामले के आईओ नहीं हैं. क्या आप वाज़े पर क्रोधित हैं क्योंकि उन्होंने आपके अर्नब गोस्वामी को गिरफ्तार किया था.
विपक्ष का सवाल
पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा, 'एंटीलिया' के बाहर दो कार खड़ी थीं- स्कॉर्पियो और इनोवा. दोनों कार ठाणे शहर से आई थीं. दोनों एक ही रूट के जरिए 'एंटीलिया' के बाहर पहुंचीं. सचिन वाजे पहले पुलिस अधिकारी थे जो सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचे और बाद में उन्हें आईओ नियुक्त कर दिया गया. लेकिन तीन दिन पहले उन्हें जांच से हटा दिया गया. क्यों?