भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता किरीट सोमैया ने गुरुवार को मुंबई पुलिस के चर्चित एपीआई सचिन वाज़े से जुड़ी कई कंपनियों के बारे में दावा किया. अपने एक ट्वीट में सोमैया ने बताया कि सचिन वाज़े ने अपने कर्मचारियों के नाम पर कंपनियों को रजिस्टर्ड किया था.
आजतक/इंडिया टुडे टीवी ने पाया है कि वाज़े कम से कम तीन फर्मों में निदेशक थे. जिनमें से दो पहले से ही बंद हैं. एंटीलिया मामले में उनकी गिरफ्तारी के बाद अब वाज़े की फर्म भी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की जांच के दायरे में हैं.
गिरफ्तार किए गए मुंबई पुलिस के अफसर सचिन हिंदुराव वाज़े 2010 से 2013 के बीच तीन कंपनियों के साथ जुड़े थे. वह वर्तमान में मुंबई आरओसी के साथ पंजीकृत डिजीनेक्स मल्टी मीडिया लिमिटेड में निदेशक हैं.
वाज़े मल्टीबील्ड इंफ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटेड और टेकलेगल सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड में भी निदेशक थे, जो अब बंद हो चुकी है. दिलचस्प बात यह है कि सभी तीनों फर्म ठाणे में एक ही पते पर पंजीकृत हैं. अब एनआईए इन सभी फर्मों की जांच कर रही है.
Sachin Vaze also registered Companies in his employees names. Names & Addresses of 15 Directors of Sachin Vaze group companies attached herewith. Many more to Come: @BJP4Maharashtra @Dev_Fadnavis @BJP4India @ChDadaPatil pic.twitter.com/QKDWvF9PZQ
— Kirit Somaiya (@KiritSomaiya) March 18, 2021
डिजीनेक्स्ट मल्टी मीडिया द्वारा फाइल की गई बैलेंस शीट के अनुसार, यह कंपनी इलेक्ट्रॉनिक्स पार्टस के कारोबार में शामिल होने का दावा करती है, लेकिन 2017 के बाद से कोई इसकी कोई एजीएम आयोजित नहीं की गई. इस फर्म के पांच अन्य निदेशक हैं, जिनकी व्यावसायिक गतिविधियां भी प्रभावित हो सकती हैं.
डिजीनेक्स्ट में वाज़े के पार्टनर में से एक शिरीष थोरात हैं, जो चार अन्य फर्मों में भी निदेशक हैं. ये सभी फर्म 2011-13 के बीच फ्लोट हुई हैं. दिलचस्प बात यह है कि इन सभी कंपनियों ने अब अपना काम बंद कर दिया है. डिजीनेक्स्ट में भागीदार अन्य कई लोग दूसरी कई अन्य फर्मों में निदेशक हैं.
भाजपा नेता किरीट सोमैया ने वाज़े की कंपनियों पर सवाल उठाए हैं. 15 निदेशकों के नाम और पते सूचीबद्ध करते हुए सोमैया ने ट्वीटर पर लिखा कि गिरफ्तार किए गए मुंबई पुलिस के अफसर वाज़े ने कर्मचारियों के नाम पर कंपनियों को पंजीकृत किया है.
सोमैया ने वाज़े के कारोबारी संबंधों की जांच की मांग करते हुए दावा किया कि शिवसेना के कुछ नेता भी वाज़े के बिजनेस पार्टनर थे. इससे पहले आतंकवाद-रोधी एजेंसी ने उस मर्सेडीज़ कार से 5 लाख रुपये नकद और एक नोट-गिनने वाली मशीन बरामद की थी, जिसे कथित तौर पर सचिन वाज़े चलाते थे.