राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने कनाडा स्थित खालिस्तानी आतंकी अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डाला के दो प्रमुख सहयोगियों के खिलाफ आतंकी-गैंगस्टर गठजोड़ मामले में चार्जशीट दाखिल की है. नई दिल्ली स्थित पटियाला हाउस कोर्ट में NIA की विशेष अदालत में दाखिल की गई चार्जशीट में फरार आरोपी नीरज पंडित उर्फ नीरज फरीदपुरिया और अनिल सिंह का नाम शामिल है.
एनआईए की जांच के अनुसार खालिस्तान टाइगर फोर्स का सदस्य अर्श डाला भारत में एक आतंकी-गैंगस्टर सिंडिकेट को फंडिंग कर रहा था, जिसमें ये दोनों आरोपी भी शामिल थे. जांच में पता चला है कि ये आरोपी लगातार अर्श डाला और बंबीहा गैंग के अन्य सदस्यों के संपर्क में थे. ये दोनों हरियाणा के पलवल में जसवीर डीघोट की हत्या की साजिश में भी शामिल थे. अनिल सिंह को 5 सितंबर 2024 को गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि नीरज पंडित अभी भी फरार है.
अर्शदीप सिंह गिल उर्फ अर्श डाला भारत में विभिन्न आपराधिक गतिविधियों के लिए वांछित है, लंबे समय से खुफिया एजेंसियों की नजर में भी है. पिछले साल कनाडा पुलिस ने अर्श को गिरफ्तार कर लिया था. हालांकि उसे जमानत मिल गई थी.
कौन है अर्श डाला?
बता दें कि पंजाब के मोगा के डाला गांव के रहने वाले अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डाला ने बालिग होने से पहले से ही जरायम की दुनिया में कदम रख दिया था. पहले चोरी जैसी छोटी घटनाओं को अंजाम देने वाला डाला जल्द ही रंगदारी मांगने और जानलेवा हमले की धमकी देना शुरू कर दिया. साल 2018 के बाद अपराध जगत में उसकी सक्रियता तेजी से बढ़ी. अपहरण और हत्या जैसे संगीन जुर्म में नाम आने लगा. इसी बीच उसका संपर्क कनाडा में बैठे गैंगस्टर गोल्डी बराड़ से हुआ. उसके इशारे पर उसने पंजाब में अपराध को अंजाम देना शुरू कर दिया. उसकी करतूतों की वजह से खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की नजर पड़ी. साल 2021 में हरदीप सिंह निज्जर ने अर्श डाला के साथ मिलकर तीन सदस्यीय खालिस्तानी टाइगर फोर्स यानी केटीएफ मॉड्यूल का गठन किया. उसी साल जुलाई में निज्जर के इशारे पर मोगा स्थित सनशाइन क्लॉथ स्टोर के मालिक तेजिंदर उर्फ पिंका की हत्या कर दी गई.
आईएसआई के इशारे पर किया केटीएफ मॉड्यूल गठन
आईएसआई के इशारे पर आतंकी हमले की साजिश अर्श डाला ने जनवरी 2022 में एक सात सदस्यीय केटीएफ मॉड्यूल गठन किया. इसका मुख्य लक्ष्य मोहाली स्थित एक इमिग्रेशन कंसल्टेंट प्रीतपाल सिंह बॉबी की हत्या करना था. इतना ही नहीं अगस्त 2022 में उसने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर स्वतंत्रता दिवस पर आतंकी हमले की योजना भी बनाई थी. इस तरह इन वारदातों को अंजाम देने के बाद उसकी हिम्मत इतनी बढ़ गई कि उसने हरदीप सिंह निज्जर के साथ जनवरी 2022 में मोगा के तत्कालीन एसएसपी हरमनबीर सिंह गिल और सीआईए विंग के दो इंस्पेक्टरों की हत्या की योजना बना डाली. हालांकि, इसमें वो सफल नहीं रहे, लेकिन पुलिस की नजरों में बुरी तरह चढ़ गया.