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पहली बार विदेश में जांच करेगी NIA, काबुल गुरुद्वारा हमले की छानबीन करने जाएगी अफगानिस्तान

एनआईए की टीम अफगानिस्तान की राजधानी काबुल स्थित गुरुद्वारे पर हुए हमले की जांच करेगी. ऐसा पहली बार हो रहा है जब विदेशी धरती पर एनआईए की टीम जांच करने जाएगी.

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प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पहली बार विदेशी धरती पर करेगी जांच
  • काबुल जाएगी छह सदस्यों की जांच टीम
  • आईएसकेपी कनेक्शन की होगी तफ्तीश

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के छह तेज-तर्रार अधिकारी अगले महीने यानी सितंबर में अफगानिस्तान जाएंगे. एनआईए की टीम अफगानिस्तान की राजधानी काबुल स्थित गुरुद्वारे पर हुए हमले की जांच करेगी. ऐसा पहली बार हो रहा है जब विदेशी धरती पर एनआईए की टीम जांच करने जाएगी. इससे पहले एनआईए सिर्फ भारत की धरती पर हुए आतंकी हमलों की जांच करती आई है.

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एनआईए कानून में संशोधन के बाद यह जांच एजेंसी अब देश के बाहर किसी भी ऐसे मामलों की जांच करने में सक्षम है, जिसमें किसी भारतीय या भारत का हित प्रभावित हुआ हो. बता दें कि काबुल के गुरुद्वारे पर 25 मार्च 2020 को बड़ा आतंकी हमला हुआ था, जिसमें भारतीय नागरिक समेत 27 लोगों की मौत हुई थी. एनआईए ने इस मामले में 1 अप्रैल 2020 को केस दर्ज किया था. यह विदेशी धरती पर हुई किसी घटना को लेकर एनआईए की ओर से दर्ज किया गया पहला मामला है.

आईएसकेपी ने ली थी जिम्मेदारी

एनआईए सूत्रों ने आजतक को जो जानकारी दी है, उसके मुताबिक 25 मार्च को हुए हमले की जिम्मेदारी आतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट खोरसान प्रोविंस (आईएसकेपी) ने ली थी. अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के गुरुद्वारे में घुसकर भारी हथियारों से लैस आत्मघाती हमलावर ने गोलीबारी की थी. इस हमले में 27 लोगों की मौत हुई थी, वहीं आठ लोग घायल हुए थे. हालांकि, बाद में अफगान विशेष बलों ने हमलावर को मार गिराया था.

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आतंकी समूह का हिस्सा था केरल का मुहसिन

एनआईए सूत्रों के मुताबिक केरल के कासरगोड के पास के छोटे से शहर त्रिकारपुर में जन्मा मुहसिन अफगानिस्तान में आतंकवादियों के एक समूह का हिस्सा था. ऐसा शक है कि मुहसिन गुरुद्वारे पर हमले में शामिल था. सूत्रों ने बताया है कि शुरुआती दौर में आईएसकेपी का आतंकी मुहसिन कुआलालंपुर, मलेशिया में अपने रिश्तेदारों के एक छोटे से होटल में काम करने के लिए केरल से गया था. बाद में उसने दुबई में नौकरी पा ली और यहीं से 2018 में नंगरहार अफगानिस्तान के समूह में शामिल होने के लिए गया था.

एनआईए की टीम काबुल में जाकर गुरुद्वारा हमले की तफ्तीश करेगी और आईएसकेपी का लिंक खंगालेगी. एनआईए ने जो केस दर्ज किया है, उसमें आईपीसी की धारा 120 बी, 125 लगाई गई है. साथ ही नए यूएपीए कानून की धारा 16, 18, 20 और 38 भी लगाई गई है. एनआईए सूत्रों के मुताबिक कर्नाटक, केरल, हैदराबाद, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में हाल ही में जिस तरीके से आईएसकेपी के कई आतंकी पकड़े गए हैं, उनका लिंक साइबर स्पेस में एक दूसरे से किसी न किसी रूप में रहा है. एनआईए की टीम काबुल जाकर अफगानिस्तान की जांच एजेंसी से भी कई इनपुट्स लेगी, साथ ही अफगानिस्तान के नंगरहार के आईएसकेपी कनेक्शन की भी पूरी तरह पड़ताल करेगी.

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