हरियाणा के पलवल में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी को भारतीय सेना की गुप्त सूचनाएं मुहैया कराने के आरोप में पलवल पुलिस ने एक सिपाही को गिरफ्तार किया है. आरोपी सिपाही के पास से पुलिस ने दो मोबाइल फोन और दो सिम कार्ड भी बरामद किए हैं. पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है. पुलिस का कहना है कि गहन पूछताछ के लिए आरोपी को अदालत में पेश करके रिमांड पर लिया जाएगा.
आरोपी का नाम सुरेंद्र बताया जा रहा है जो कि हरियाणा पुलिस में बतौर सिपाही के पद पर तैनात है और पलवल लघु सचिवालय में डीपीओ गार्ड में ड्यूटी करता था. पलवल पुलिस को गुप्त विभाग की सूचना मिली कि आरोपी सिपाही सुरेंद्र द्वारा भारतीय सेना की गुप्त सूचनाएं पाकिस्तान की गुप्तचर एजेंसी को दी जा रही हैं. जिसके बाद पलवल पुलिस ने आरोपी सिपाही को लघु सचिवालय से ही गिरफ्तार कर लिया. आरोपी सिपाही वर्ष 2018 में फौज से रिटायर होकर हरियाणा पुलिस में सिपाही के पद पर भर्ती हुआ था और पुलिस पूछताछ में ऐसा खुलासा माना जा रहा है कि वर्ष 2018 से ही भारतीय सेना की गुप्त सूचनाएं पाकिस्तानी एजेंसी को मुहैया करा रहा था.
फेसबुक के जरिए पाकिस्तानी महिला के संपर्क में आया सिपाही
पुलिस ने यह भी खुलासा किया है कि फेसबुक के माध्यम से आरोपी सिपाही का संपर्क पाकिस्तानी एजेंसी में काम करने वाली किसी महिला से हुआ और उसी महिला के संपर्क में आकर वह भारतीय सेना की गुप्त सूचनाओं को पाकिस्तानी एजेंसी को दे रहा था. इसकी एवज मैं आरोपी सिपाही पाकिस्तानी एजेंसी से पैसे ले रहा था. पूछताछ में यह भी पता चला है कि आरोपी सिपाही पाकिस्तानी एजेंसी से अब तक करीब 70 हजार रुपये ले चुका है. पुलिस ने आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन और दो सिम कार्ड भी बरामद किए हैं.
इसके साथ ही आरोपी के फोन को साइबर सेल को सौंप दिया गया है ताकि फोन के माध्यम से जो चैट पाकिस्तानी एजेंसी की महिला कर्मचारी के साथ की गई है. उस चैट का खुलासा किया जा सके. पलवल जिला पुलिस कप्तान दीपक गहलावत ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है. लेकिन अभी तक आरोपी सिपाही को सेना को सौंपने का कोई आदेश उनको प्राप्त नहीं हुआ है और अगर भविष्य में सेना की तरफ से उनके पास कोई आदेश आता है. तो उसका पूरी तरह से पालन किया जाएगा. अब आगे की पूछताछ के बाद यह साफ हो पाएगा कि आरोपी सिपाही किस प्रकार की सूचना अब तक पाकिस्तानी एजेंसी को दे चुका है और कितनी सूचनाएं दी जा चुकी हैं. इसके अलावा भविष्य में क्या प्लानिंग थी. इन सभी सवालों का जवाब तभी मिलेगा. जब आरोपी से आगे की पूछताछ होगी.