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Law and Order: जानिए, क्या होती है सशस्त्र पुलिस, कैसे करती है काम?

जनपदों में दो तरह की पुलिस होती है. एक नागरिक पुलिस (civil police) और दूसरी सशस्त्र पुलिस (Armed Police). तो आज हम आपको बताएंगे कि सशस्त्र पुलिस क्या होती है? और इसका काम क्या होता है?

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सशस्त्र पुलिस को आधुनिक हथियार चलाने का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त होता है (फाइल फोटो)
सशस्त्र पुलिस को आधुनिक हथियार चलाने का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त होता है (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सुरक्षा, निगरानी और विशेष अभियान से जुड़ी है सशस्त्र पुलिस
  • जिलों में वीआईपी सुरक्षा का जिम्मा भी संभालती है सशस्त्र पुलिस
  • हर जिले में होती है दो तरह की पुलिस

देश के राज्यों (States) में कानून व्यवस्था (Law and Order) को बनाए रखने की जिम्मेदारी पुलिस (Police) के कंधों पर होती है. इसी व्यवस्था के तहत हर जिले (District) में पुलिस कई तरह से काम (work) करती है. जनपदों में दो तरह की पुलिस होती है. एक नागरिक पुलिस (civil police) और दूसरी सशस्त्र पुलिस (Armed Police). तो आज हम आपको बताएंगे कि सशस्त्र पुलिस क्या होती है? और इसका काम क्या होता है?

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सशस्त्र पुलिस (Armed Police)

पुलिस रेगुलेशन एक्ट (Police Regulation Act) में धारा 65 (Section 65) से लेकर 69 तक सशस्त्र पुलिस (Armed Police) के बारे में जानकारी दी गई है. इस एक्ट के मुताबिक सशस्त्र पुलिस की परिभाषा (Definition) इस प्रकार से मिलती है. सशस्त्र पुलिस के जवानों (Armed police personnel) को सरकारी खजाने की सुरक्षा (protection of the public exchequer), हवालात के संरक्षण (lock-up protection), कैदियों (prisoners) और सरकारी संपत्ति (government property) की निगरानी (guarding), आयुद्ध भंडार (ordnance stores), खतरनाक अपराधियों (dangerous criminals) के खिलाफ चलाए जाने वाले अभियान (operations) और अपराध के दमन (crime suppression) के लिए तैनात (deployed) किया जाता है.

देश के अलग-अलग राज्यों में सशस्त्र पुलिस (Armed Police) को अलग-अलग नाम से पुकारा जाता है. सशस्त्र पुलिस को किसी राज्य में विशेष सशस्त्र पुलिस (special armed police), सशस्त्र कांस्टेबुलरी (Armed Constabulary), प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (Provincial Armed Constabulary) और राज्य सैन्य पुलिस (state military police) भी कहा जाता है. भले ही सशस्त्र पुलिस को हर सूबे में अलग-अलग नाम से जाता है, लेकिन उनका संगठन (Organization), हथियार (Weapons), उपकरण (Equipment) और कार्य प्रणाली (Functions) लगभग एक जैसी ही है.  

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जिला सशस्त्र पुलिस (District Armed Police)

हर जिले में उच्च आग्नेयास्त्रों (high firearms) का प्रशिक्षण प्राप्त पुलिसकर्मियों (Police personnel) की टीम भी बनाई जाती है. ऐसी टीम को जिला सशस्त्र पुलिस ((District Armed Police)) के रूप में जाना जाता है. ये विशुद्ध रूप से स्थानीय उपयोग के लिए किसी वरिष्ठ अधिकारी के नेतृत्व में काम करती है. आपको बता दें कि यह राज्य सशस्त्र पुलिस बल का हिस्सा नहीं होती है. जिले में रहने वाले आला अधिकारियों (top officials) और सांसदों, विधायकों (MPs, MLAs) की सुरक्षा (Security) के लिए गनर (Gunner) और पीएसओ (PSO) के तौर पर भी इन्ही की नियुक्ति की जाती है. जनपद में निवास करने वाले वीआईपी (VIP) के साथ इनकी पूरी गार्द तैनात की जाती है.

तो अब आप जान गए होंगे कि सशस्त्र पुलिस किसे कहते हैं और यह पुलिस किस तरह से काम करती है. कहां इस पुलिस की तैनाती की जाती है. हम इसी तरह से पुलिस के बारे में आप तक अन्य जानकारी भी पहुंचाते रहेंगे. अगर आप पुलिस के विषय में और ऐसी कहानियां पढ़ना चाहते हैं तो aajtak.in को लगातार पढ़ते रहिए.

 

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