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क्या नाबालिग है अतीक-अशरफ पर गोलियां बरसाने वाला अरुण मौर्य? यूपी पुलिस कराएगी Age Identification Test

माफिया अतीक अहमद और अशरफ पर गोलियां बरसाने वाले शूटर अरुण मौर्य का पुलिस Age Identification Test कराएगी. दरअसल, अतीक की हत्या के बाद अरुण को पुलिस ने 18 साल का बताया था, लेकिन कासगंज से बने राशन कार्ड के अनुसार, घटना के समय अरुण 18 साल से कम का था. वहां पानीपत पुलिस ने अरुण को 31 साल का बताया है.

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अरुण मौर्य का होगा Age Identification Test.
अरुण मौर्य का होगा Age Identification Test.

माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के मुख्य आरोपी अरुण मौर्य का पुलिस कराएगी age identification test कराएगी. राशन कार्ड के अनुसार, आरोपी अरुण घटना के समय नाबालिग था, लेकिन यूपी पुलिस ने 18 साल का बताया. वहीं पानीपत पुलिस के अनुसार, अरुण की उम्र 31 साल है.

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अतीक अहमद और अशरफ की हत्या में शामिल आरोपी अरुण मौर्य की उम्र 3 जगहों पर अलग अलग बताई जा रही है. यूपी के कासगंज जिले से बने राशनकार्ड में अरुण मौर्य नाबालिग निकला है, इसके अनुसार, उसकी उम्र 17 साल 3 महीने 15 दिन दर्ज है.

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बता दें कि अतीक अहमद और अशरफ की हत्या के बाद प्रयागराज पुलिस ने अरुण की उम्र 18 साल बताई थी. पानीपत में Arms Act के केस में गिरफ्तारी पर अरुण का Birth Year 1992 है, इसके हिसाब से वह 31 साल का है. इसी बीच अरुण मौर्य की उम्र को तय करने के लिए प्रयागराज पुलिस मेडिकल टेस्ट कराएगी.

बता दें कि माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद की 15 अप्रैल की रात तीन शूटरों ने ताबड़तोड़ गोलीबारी कर हत्या कर दी थी. हत्या के बाद तीनों हमलावरों ने अपने-अपने हाथ खड़े कर पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था. इस हत्याकांड में शामिल शूटर अरुण यूपी के कासगंज का रहने वाला है. वह पहले जीआरपी पुलिस हत्याकांड में जेल जा चुका है.

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बताया जा रहा है कि जब अरुण छोटा था, तभी उसके माता-पिता की मौत हो गई थी. जब कुछ बड़ा हुआ तो वह सोरों कस्बे में जाकर रहने लगा था. उसने 2014-15 में कासगंज बरेली-फर्रुखाबाद रेलवे मार्ग पर उझयानी और सोरों के मध्य चलती ट्रेन में लूट के बाद सिपाही की गोली मारकर हत्या कर दी थी. इस मामले में जेल गया था. उसके बाद उसके तार अपराधियों से जुड़ गए और वह लगातार अपराध की दुनिया में बढ़ता चला गया.

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अरुण की मां सविता और पिता हीरालाल दोनों ही दुनिया में नहीं हैं. अरुण मौर्य की चाची लक्ष्मी देवी और चाचा गांव में ही रहते हैं. उन्होंने कहा था कि वह सोरों में रहने के लिए आठ वर्ष पूर्व गया था. उसके बाद वह कासगंज नहीं आया. वह गांव आता था, लेकिन वह किसी से बात नहीं करता था.

अतीक और अशरफ की हत्या में तीन आरोपी शामिल थे, इनमें लवलेश तिवारी बांदा का रहने वाला है. वहीं अरुण कासगंज का, जबकि तीसरा आरोपी सनी हमीरपुर जिले का रहने वाला है.

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वारदात के बाद अरुण के दादा ने कहा था- नहीं लड़ेंगे केस

हत्याकांड को लेकर शूटर अरुण मौर्य के दादा मथुराप्रसाद ने कहा था कि उसने जुर्म किया है तो उसे सजा मिलनी चाहिए. अरुण पढ़ाई खत्म करते ही गलत संगत में पड़ गया था. उसे फटकार लगाकर भगाया था. पहले उसे चेतावनी दी थी कि इस बार जमानत करवा रहा हूं, अगर आगे कोई गुनाह किया तो हम तेरे साथ नहीं रहेंगे. उसके दादा ने कहा था कि जेब में 200 रुपये नहीं होते हैं तो 5 लाख की पिस्टल कहां से आई. अरुण के दादा ने इसे साजिश बताया था.

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