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UP Police Punjab Police Joint Operation: पंजाब के गुरदासपुर में ग्रेनेड हमले में शामिल तीन संदिग्ध खालिस्तानी आतंकवादी सोमवार की सुबह यूपी के पीलीभीत में पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारे गए. पंजाब पुलिस की टीम 756 किलोमीटर तक इन आतंकियों का पीछा करती रही. फिर यूपी पुलिस की मदद से इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया. पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने इसे पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी मॉड्यूल के खिलाफ एक बड़ी सफलता करार दिया है.
पीलीभीत के पूरनपुर इलाके में खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के सदस्यों और उत्तर प्रदेश तथा पंजाब पुलिस की संयुक्त टीम के बीच मुठभेड़ हुई. डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि तीनों आतंकियों की पहचान वरिंदर सिंह उर्फ रवि (23), गुरविंदर सिंह (25) और जशनप्रीत सिंह उर्फ प्रताप सिंह (18) के रूप में हुई है. ये तीनों ही कलानौर पुलिस स्टेशन इलाके के रहने वाले थे.
डीजीपी के मुताबिक, उन तीनों पर पंजाब के गुरदासपुर जिले के कलानौर में बख्शीवाला पुलिस स्टेशन पर हमला करने का आरोप है. साथ ही उन्होंने बताया कि हाल ही में हुई बख्शीवाला घटना में कोई घायल नहीं हुआ था.
उत्तर प्रदेश पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक (कानून व्यवस्था) अमिताभ यश ने कहा कि तीनों गुरदासपुर में पुलिस चौकी पर ग्रेनेड हमले में शामिल थे. उन्होंने कहा कि मुठभेड़ में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें तुरंत इलाज के लिए सीएचसी पूरनपुर ले जाया गया. एडीजी ने पीटीआई को बताया कि तीनों संदिग्धों ने बाद में दम तोड़ दिया. उनके कब्जे से दो एके-47 राइफल, दो ग्लॉक पिस्तौल और भारी मात्रा में गोला-बारूद जब्त किया गया है.
एक्स पर एक पोस्ट में, पंजाब पुलिस प्रमुख गौरव यादव ने कहा कि पाक प्रायोजित खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (KZF) आतंकी मॉड्यूल के खिलाफ एक बड़ी सफलता में, यूपी पुलिस और पंजाब पुलिस के एक संयुक्त अभियान में तीन मॉड्यूल सदस्यों के साथ मुठभेड़ हुई, जिन्होंने पुलिस पार्टी पर गोलीबारी की.
डीजीपी ने कहा कि यह आतंकी मॉड्यूल पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में पुलिस प्रतिष्ठानों पर ग्रेनेड हमलों में शामिल है. उन्होंने कहा, 'पीलीभीत के थाना पूरनपुर के अधिकार क्षेत्र में पीलीभीत और पंजाब की संयुक्त पुलिस टीमों के बीच मुठभेड़ हुई है और मॉड्यूल के तीन सदस्य गुरदासपुर में पुलिस चौकी पर ग्रेनेड हमले में शामिल हैं.'
बाद में एक्स पर एक अन्य पोस्ट में डीजीपी यादव ने कहा, 'इस मॉड्यूल को केजेडएफ के प्रमुख रणजीत सिंह नीता द्वारा नियंत्रित किया जाता है और इसे ग्रीस में रहने वाले जसविंदर सिंह मन्नू द्वारा संचालित किया जाता है, जो अगवान गांव का निवासी है. इसे ब्रिटेन में रहने वाले और ब्रिटिश सेना में सेवारत जगजीत सिंह द्वारा नियंत्रित किया जाता है. जगजीत सिंह ने फतेह सिंह बग्गी की पहचान का इस्तेमाल किया.'
उन्होंने कहा कि मॉड्यूल के सभी कनेक्शन और सदस्यों को उजागर करने के लिए जांच चल रही है और अधिक बरामदगी और गिरफ्तारियां होने की संभावना है. DGP यादव ने कहा, 'मैं हमारे अंतर-राज्यीय ऑपरेशन में दिए गए उत्कृष्ट समर्थन के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस को धन्यवाद देता हूं.' उन्होंने वीडियो के माध्यम से कहा 'यह अंतर-राज्यीय सहयोग का एक उत्कृष्ट उदाहरण है जिसमें यूपी और पंजाब के पुलिस बलों ने मिलकर काम किया. हमें सूचना मिली और अपराधियों के खिलाफ एक संयुक्त अभियान शुरू किया गया.'
आपको बता दें कि बख्शीवाला से पहले इस महीने की शुरुआत में पंजाब के अमृतसर में इस्लामाबाद पुलिस स्टेशन में विस्फोट हुआ था. हालांकि, इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ था. अमृतसर की घटना नवांशहर में एक पुलिस चौकी पर हथगोला फेंके जाने के एक पखवाड़े बाद हुई थी.
उधर, ग्रेनेड हमले का जिक्र करते हुए कांग्रेस सांसद सुखजिंदर रंधावा ने कहा, 'आज तक पुलिस यह स्वीकार नहीं कर रही थी कि कोई हमला हुआ था. उन्होंने दावा किया कि एक टायर फट गया था.' उन्होंने पीटीआई वीडियो को बताया कि पंजाब को अस्थिर करने के लिए एक बड़ी साजिश चल रही है और राज्य को नुकसान पहुंचाया जा रहा है. उद्योग यहां से जा रहे हैं, लोग यहां काम नहीं करना चाहते हैं, युवा डर के कारण यहां से जा रहे हैं.