धर्मांतरण के मामले में यूपी एटीएस के द्वारा पकड़े गए उमर गौतम का लखनऊ से भी कनेक्शन सामने आया है. लखनऊ से संचालित हो रही अल हसन एजुकेशन एंड वेलफेयर फाउंडेशन का उमर गौतम वाइस प्रेसिडेंट है. उत्तर प्रदेश सोसाइटी एंड चिट फण्ड रजिस्ट्रेशन रजिस्टर्ड यह संस्थाा अब पुलिस की रडार पर है.
रजिस्ट्रेशन नंबर 2531-2013-2014 पर रजिस्टर्ड इस संस्था को 7 सदस्य कमेटी चलाती है. इस 7 सदस्य कमेटी में इकबाल अहमद नदवी अध्यक्ष, मोहम्मद उमर गौतम उपाध्यक्ष, नजीबुल हसन सचिव, अब्दुल हाई मुहीब-ए-आलम, आमना रिजवान और मुशीर अहमद सदस्य हैं. संस्था हरदोई के रसूलपुर इलाके के अंत गांव में गरीब लड़कियों का स्कूल चला रही है.
वहीं दूसरी तरफ संस्था ने 3 साल पहले लखनऊ के मलिहाबाद के रहमान खेड़ा हबीबपुर गांव में 9000 स्क्वायर मीटर जमीन खरीदी, जिसमें 500 गरीब बच्चों को सीबीएसई बोर्ड से दसवीं तक की शिक्षा के लिए एक स्कूल हॉस्टल की सुविधा के साथ खोला गया.
अल हसन एजुकेशन एंड वेलफेयर फाउंडेशन का मोहम्मद उमर गौतम से कनेक्शन सामने आने के बाद यूपी एटीएस भी सक्रिय हो गई है. एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने कहा कि किसी भी संस्था विशेष के बारे में टिप्पणी करना ठीक नहीं लेकिन यह जांच के दायरे में है अगर कहीं भी गैरकानूनी गतिविधि का सुबूत मिलेगा तो किसी को बख्शा नहीं जाएगा.
पाकिस्तान व खाड़ी देशों से इस्लामिक दावा सेंटर को मिलने वाली धन राशि पर यूपी एटीएस अब इनकम टैक्स और ईडी की भी मदद लेगी और जल्द दोनों ही संस्थाओं को इस संबंध में अधिकारिक तौर पर पत्र भेजा जाएगा. फिलहाल बुधवार से मोहम्मद उमर गौतम और मौलाना जहांगीर को यूपी एटीएस ने रिमांड पर ले लिया है.
दोनों ही आरोपियों का सरकारी अस्पताल में मेडिकल कराने के बाद यूपी एटीएस के साथ अन्य खुफिया एजेंसियां भी पूछताछ में जुट गई हैं. दोनों ही आरोपी 30 जून की सुबह 11:00 बजे तक कस्टडी रिमांड पर रहेंगे.