
Galaxy Apartment Firing Case: सुपर स्टार सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट पर फायरिंग करने के लिए अनुज थापन नाम के अपराधी ने हथियार मुहैया कराए थे. मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम ने उसे पंजाब से गिरफ्तार कर लिया था. लेकिन पुलिस हिरासत में उसकी संदिग्ध मौत हो गई. जिस पर अब कई सवाल उठ रहे हैं. अनुज के घरवालों का इल्जाम है कि वो खुदकुशी नहीं कर सकता था. ये सीधे तौर पर कत्ल का मामला है.
हवालात में फांसी लगाकर अनुज ने दी जान
इसी साल 14 अप्रैल को सलमान खान के घर के बाहर हुए शूटआउट के मामले में जिस ट्विस्ट एंड टर्न की शुरुआत हुई थी. वो हर दिन के साथ बढ़ती ही जा रही है. पहली मई को इस केस के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए एक आरोपी अनुज थापन ने मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच की हवालात में गले में फंदा लगा कर खुदकुशी कर ली थी. लेकिन अब मरने वाले शख्स के घरवालों ने जो इल्ज़ाम लगाया है, वो चौंकाने वाला है.
जांच के दायरे में खुद पुलिस
उनका कहना है कि उनके बेटे अनुज थापन की मुंबई पुलिस ने दबाव में जान ले ली. क्योंकि एक तरफ बॉलीवुड सेलिब्रिटी सलमान खान हैं तो दूसरी तरफ गरीब मजदूर. मामला कितना संगीन है, इसे इसी बात से समझा जा सकता है कि ये सुसाइड की ये वारदात कस्टोडियल डेथ के दायरे में आती है और ऐसे मामलों की जांच की जिम्मेदारी अक्सर सीआईडी के हवाले की जाती है, क्योंकि जांच के दायरे में कोई और नहीं बल्कि खुद पुलिस होती है. और मुंबई में हुई इस लेटेस्ट कस्टोडियल डेथ के केस में भी कुछ ऐसा ही है.

पुलिस पर लग रहे संगीन इल्जाम
हवालात के वॉशरूम में अपने गले में फंदा लगाने वाले अनुज थापन के घरवालों ने इस मौत पर शक जताया है. घरवालों ने कहा है कि इस मामले की जांच होनी चाहिए कि आखिर अनुज की जान कैसे गई? और तो और अनुज के गांव के सरपंच मनोज गोदारा ने भी इस मामले में मुंबई पुलिस के दबाव में होने की बात कही और कहा कि पुलिस ने ही अनुज की जान ले ली और उसे खुदकुशी का रूप दे दिया.
शूटआउट से दहल गया था देश
14 अप्रैल को गैलेक्सी अपार्टमेंट पर हुए हमले की तस्वीरों ने पूरे देश को दहला दिया था. जब देश के चहेते स्टार सलमान खान के घर बाइक से आए दो बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की थी. इसके बाद जांच आगे बढ़ी और फायरिंग करने वाले दोनों शूटर गुजरात के भुज से पकड़ लिए गए थे. लेकिन अब उस वारदात के 17 दिन बाद इस मामले में आए एक नये ट्विस्ट ने हर किसी को चौंका दिया है.
केस में आया नया ट्विस्ट
ट्विस्ट ये है कि इस केस के एक अहम आरोपी ने मुंबई पुलिस की हिरासत में ही फंदे से लटक कर खुदकुशी कर ली है. ये वो मुल्जिम है, जिसे मुंबई क्राइम ब्रांच ने शूटआउट के सिलसिले में गिरफ्तार किया था और उस पर सलमान के घर पर फायरिंग करने वाले शूटरों को हथियार सप्लाई करने का इल्जाम था.

1 मई 2024, सुबह 12.15 बजे, मुंबई पुलिस हेडक्वार्टर
मुंबई पुलिस के मुख्यालय में मौजूद क्राइम ब्रांच के दफ्तर में रोज की तरह काम काज चल रहा था. इसी बीच हवालात के बाहर पहरा ड्यूटी पर तैनात पुलिसवालों ने ये गौर किया कि एक हवालात में बंद एक मुल्जिम काफी देर से वॉशरूम से बाहर नहीं निकल रहा है. ये वॉशरूम हवालात के अंदर ही मौजूद है. अब पुलिसवालों ने पहले वॉशरूम में दस्तक दी और जब अंदर से कोई जवाब नहीं आया, तो उन्होंने दरवाजा खोल दिया.
आरोपी ने वॉशरूम में लगाई फांसी
अंदर की तस्वीर देख कर पुलिसवालों की पैरों तले जमीन खिसक गई. वॉशरूम के अंदर मुल्जिम फंदे से लटक रहा था. आनन-फानन में उसे नीचे उतारा गया और पुलिस फौरन उसे लेकर पास के ही जीटी अस्पताल में पहुंची. लेकिन डॉक्टरों ने उसे ब्रॉट डेड करार दिया. पुलिस हिरासत में खुदकुशी करने वाला ये शख्स कोई और नहीं सलमान खान के घर पर हुए शूटआउट के सिलसिले में पकड़े गए उन दो बदमाशों में से एक था, जिन पर शूटरों को हथियारों की सप्लाई करने का इल्जाम है और इस आरोपी का नाम था अनुज थापन.
ऐसे पकड़ा गया था अनुज थापन
सलमान खान के घर पर फायरिंग करने वाले शूटर विक्की गुप्ता और सागर पाल के खुलासे के बाद क्राइम ब्रांच ने अनुज थापन और उसके एक साथी सोनू कुमार बिश्नोई को पंजाब से गिरफ्तार किया था. इनमें अनुज थापन पंजाब के अबोहर का रहनेवाला था. पुलिस की मानें तो दोनों पंजाब में ही लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए काम करते थे और इन्हीं दोनों ने मुंबई में शूटर विक्की गुप्ता और सागर पाल को शूटआउट के लिए हथियार मुहैया करवाए थे.

क्राइम ब्रांच की रिमांड पर था अनुज थापन
अब जाहिर है पुलिस को तफ्तीश के लिए इनसे पूछताछ की जरूरत थी. ऐसे में 25 अप्रैल को दोनों को गिरफ्तार करने के बाद मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम उन्हें पंजाब से मुंबई लेकर आई और अदालत में पेश किया. वहां से मेडिकल ग्राउंड पर दूसरे आर्म्स सप्लायर सोनू कुमार बिश्नोई को तो जेल भेज दिया गया, लेकिन अनुज थापन को रिमांड पर क्राइम ब्रांच के हवाले कर दिया गया. लेकिन इससे पहले कि मुंबई पुलिस थापन से ज्यादा कुछ पता कर पाती, उसने खुद ही अपनी जिंदगी खत्म कर ली.
CCTV कैमरे की जद से बाहर था वॉशरूम
पुलिस सूत्रों की मानें तो दोपहर करीब सवा 12 बजे उनकी नजर थापन पर पड़ी, जिसने उसे सोने के लिए दिए गए एक चादर को फंदा बना कर बाथरूम में खुदकुशी कर ली थी. जानकारी के मुताबिक इन हवालात के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं ताकि हवालात की गतिविधियों को मॉनिटर किया जा सके. लेकिन सीसीटीवी कैमरे सिर्फ वॉशरूम के बाहर तक के एरिया को कवर करते हैं. पुलिस अनुज थापन और सोनू बिश्नोई से ये जानना चाहती है कि आखिर उन्होंने शूटरों को देने के लिए पिस्टल और कारतूस का इंतजाम कहां से किया?
लॉरेंस बिश्नोई गैंग से मिले थे हथियार
शूटआउट के लिए दोनों शूटरों को लॉरेंस बिश्नोई गैंग की ओर से दो पिस्टल दिए गए थे, जिनमें से एक का इस्तेमाल हुआ. लेकिन इसके बाद मुंबई से भुज भागने के दौरान शूटरों ने उन पिस्टल और मैगजीन को तापी नदी में फेंक दिया था, जिन्हें बाद में क्राइम ब्रांच की टीम ने पानी की गहराई से ढूंढ निकाला. पुलिस ने इस सिलसिले में लॉरेंस बिश्नोई और उसके भाई अनमोल बिश्नोई समेत सभी के सभी छह आरोपियों पर मकोका की धारा लगा दी है. जिससे उन्हें फिलहाल जमानत मिलना मुश्किल है और दोष सिद्ध होने पर कम से कम पांच साल की सजा तय है. लेकिन अभी इस मामले में जांच आगे बढ़ती, साजिश के सारे तार, तार-तार होते, उससे पहले ही मुंबई पुलिस के हाथ से एक मुल्जिम फिसल गया. उसने अपनी जिंदगी खत्म कर ली.