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सिद्धू मूसेवाला ने गाने में नहीं बताई थी अपनी मौत की तारीख, जानिए क्या है '295'

कुछ लोगों का मानना है कि सिद्धू ने इस गाने में अपनी मौत की तारीख पहले ही बता दी थी. यानी 29 मई. मगर हम आपको बताते हैं कि मूसेवाला के उस गाने में 295 का मतलब आखिर क्या है?

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सिद्धू मूसेवाला का गाना 295 इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है
सिद्धू मूसेवाला का गाना 295 इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सिद्धू मूसेवाला की मौत से पहले आया था ये गाना
  • आईपीसी की धारा 295 पर आधारित है ये गाना
  • मूसेवाला की हत्या के बाद चर्चाओं में आया ये गाना

पंजाब के जाने-माने गायक और कांग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद उनका एक गाना चर्चा में है. जिसका शीर्षक है 295. इस गाने को लेकर मूसेवाला के फैंस और यूजर सोशल मीडिया में काफी चर्चा कर रहे हैं. कुछ लोगों का मानना है कि सिद्धू ने इस गाने में अपनी मौत की तारीख पहले ही बता दी थी. यानी  29 मई. मगर हम आपको बताते हैं कि मूसेवाला के उस गाने में 295 का मतलब आखिर क्या है?

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IPC की धारा 295 पर बनाया था गाना

मशहूर पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या से पहले 295 टाइटल वाला उनका एक गाना आया था, जो उनकी मौत के बाद काफी सुना जा रहा है. दरअसल, यह गाना मूसेवाला ने आईपीसी की धारा 295 को केंद्र में रख कर बनाया था. वह अपने इस गाने में बता रहे हैं कि किस तरह अब सच बोलने पर लोगों पर आईपीसी की धारा 295 के तहत मामले दर्ज कर दिए जाते हैं. चलिए अब जान लेते हैं कि आखिर आईपीसी की धारा 295 है क्या? 

भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 295

भारतीय दंड संहिता की धारा 295 के अनुसार, जो कोई किसी उपासना के स्थान को या व्यक्तियों के किसी वर्ग द्वारा पवित्र मानी गई किसी वस्तु को नष्ट, नुकसानग्रस्त या अपवित्र इस आशय से करेगा कि किसी वर्ग के धर्म का तद्द्वारा अपमान किया जाए या यह सम्भाव्य जानते हुए करेगा कि व्यक्तियों का कोई वर्ग ऐसे नाश, नुकसान या अपवित्र किए जाने को अपने धर्म के प्रति अपमान समझेगा, तो वह इस धारा के अधीन दोषी माना जाएगा.

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सजा का प्रावधान

आईपीसी की धारा 295 के अधीन दोषी पाए गए व्यक्ति को किसी एक अवधि के लिए कारावास की सजा हो सकती है, जिसे दो वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है. साथ ही उस पर आर्थिक दण्ड भी लगाया जा सकता है या फिर उसे दोनों ही तरह से दण्डित किया जाएगा. इस धारा के तहत किया गया अपराध समझौता करने योग्य नहीं है.

इसे भी पढ़ें--- Explainer: किसी अपराधी को कैसे घोषित किया जाता है गैंगस्टर, क्या होती है प्रक्रिया?

भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 295 (ए)

अगर कोई व्यक्ति भारतीय समाज के किसी भी वर्ग के धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करता है या उनकी धार्मिक भावनाओं को आहत करने के इरादे से जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कार्य करता है या इससे संबंधित वक्तव्य देता है, तो वह आईपीसी (IPC) यानी भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 295 ए के तहत दोषी माना जाएगा.

सजा का प्रावधान

दोषी पाए गए ऐसे व्यक्ति को अधिकतम दो साल तक के लिए कारावास की सजा का प्रावधान है और उस पर आर्थिक दंड भी लगाया जा सकता है. या फिर उसे दोनों ही तरह से दण्डित किया जा सकता है. यह एक संज्ञेय अपराध है, जो गैर जमानती है. ऐसे मामलों की सुनवाई कोई भी मजिस्ट्रेट कर सकता है.

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29 मई को हुआ था मूसेवाला हत्याकांड

तो अब आप सभी लोग जान गए होंगे कि पंजाबी गायक सिद्धू मूलेवाला ने अपना गाना 295 किस बात को बताने के लिए गाया था. आपको बता दें कि बीती 29 मई को पंजाब में सिद्धू मूसेवाला की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी. सिद्धू मूसेवाला के कत्ल में कुल 6 शूटर्स शामिल थे. इस सनसनीखेज हत्याकांड में रशियन राइफल एएन95 और एके47 का भी इस्तेमाल हुआ था. इसके अलावा पॉइंट थर्टी, 9 MM, पॉइंट 45 बोर के हथियारों का इस्तेमाल भी किया गया था. मूसेवाला मर्डर केस की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है.
 

 

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