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सुशांत केसः रिया-शोविक को सजा दिलाने के लिए काफी हैं उनके कबूलनामे

रिया चक्रवर्ती ने माना कि उसने ड्रग्स खरीदी. उसने माना कि उसने ड्रग्स खरीदवाई. उसने ये भी माना कि उसने ड्रग्स दी. और आखिरकार उसने मान लिया कि वो ड्रग सिंडिकेट में शामिल थी. अब जो नशे के जाल में कुछ इस तरह से उलझा हो, उसे भला कानून के जाल में फंसने से कौन रोक सकता है?

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शोविक और रिया दोनों ही इस वक्त जेल में हैं
शोविक और रिया दोनों ही इस वक्त जेल में हैं
स्टोरी हाइलाइट्स
  • एनसीबी ने किया था रिया को गिरफ्तार
  • 3 दिन से NCB रिया से कर रही थी पूछताछ
  • गुरुवार को होगी जमानत याचिका पर सुनवाई

हम तो डूबेंगे सनम, तुमको भी साथ ले डूबेंगे. रिया और बॉलीवुड पर अब ये कहावत बिल्कुल फिट बैठती है. नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने रिया को ड्रग्स के केस में गिरफ्तार किया है. रिया ने भी 25 ऐसे बॉलीवुड सेलिब्रिटीज के नाम पूछताछ में ले लिए, जो ड्रग्स की लेन-देन में शामिल रहे हैं. जाहिर है अब एनसीबी इन नामी चेहरों का भी नशा उतारेगी. लेकिन ये तो रही एक बात. दूसरी बात ये है कि गिरफ्तारी के बाद रिया की मुश्किलें और बढ़ गई हैं.

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दरअसल, रिया चक्रवर्ती ने माना कि उसने ड्रग्स खरीदी. उसने माना कि उसने ड्रग्स खरीदवाई. उसने ये भी माना कि उसने ड्रग्स दी. और आखिरकार उसने मान लिया कि वो ड्रग सिंडिकेट में शामिल थी. अब जो नशे के जाल में कुछ इस तरह से उलझा हो, उसे भला कानून के जाल में फंसने से कौन रोक सकता है?  

तो मंगलवार को आखिरकार रिया चक्रवर्ती को इसी गुनाह में नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो यानी एनसीबी ने गिरफ्तार किया. अब ये जान लीजिए कि रिया ने बॉलीवुड के कुल 25 नशेड़ी सेलिब्रिटियों की जिंदगी में वो पलीता लगाया है, जो आने वाले दिनों में किक और खुमार के इन तलबगारों को बहुत दर्द देने वाला है.

जी हां, एनसीबी की जाल में फंसी रिया ने इसकी स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम को 25 ऐसे बॉलीवुड स्टार और सेलिब्रिटीज के नाम बताए हैं, जो नशे के शौकीन हैं. रेव पार्टीज में आते-जाते रहे हैं. ऐसे में एनसीबी ने भी साफ कर दिया है कि रिया के इस कबूलनामे के बाद अब वो इन सेलिब्रिटीज को एक-एक कर सम्मन भेजेगी और उनसे पूछताछ भी करेगी. जाहिर है, कई गिरफ्तार भी होंगे.

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अब सवाल नशे के इस नेक्सस और रिया की गिरफ्तारी का है. कहने को तो रिया के पास से अब तक एनसीबी ने ड्रग्स की कोई भी खेप बरामद नहीं की है. लेकिन रिया के खिलाफ नशे में डूबे और उससे जुड़े लोगों के ऐसे-ऐसे कबूलनामे हैं जो ताबूत में एक-एक कील की तरह काम कर रहे हैं. सुशांत के घरवालों ने तो काफी पहले ही रिया पर अपने बेटे को धोखे से ड्रग्स देकर मारने का इल्ज़ाम लगाया था, लेकिन रिया ना सिर्फ इस इल्जाम से इनकार कर रही थी. बल्कि उसने यहां तक कहा था कि सुशांत खुद ही ड्रग्स लेते थे और उसने कभी ड्रग्स नहीं ली.

लेकिन रिया के मोबाइल फोन की क्लोनिंग से ईडी को उसके और उसके भाई शौविक के बीच 15 मार्च 2020 को हुआ एक ऐसा चैट सामने आया, जिसमें दोनों भाई बहन किसी के लिए खुलकर नशे का सामान जुटाने की बात कर रहे थे और बस यहीं से रिया के जुर्म का खाता खुल गया. वैसे एनसीबी चाहती तो इस चैट के आधार पर पहले ही रिया और शौविक को पकड़ सकती थी, लेकिन उसने तफ्तीश का दूसरा रास्ता चुना. 

एनसीबी ने पहले शौविक के इर्द-गिर्द ड्रग्स का कारोबार करने वाले इन पेडलरों के बारे में पता लगाया, जो शौविक को नशे की खेप पहुंचाया करते थे. पहले उन्हें पकड़ा. उसने पूछताछ की. उनका कबूलनामा लिया और फिर बाद में उसके हाथ चक्रवर्ती परिवार तक पहुंच गए. एनसीबी ने पहले ड्रग पेडलर जैद विलतारा को पकड़ा फिर बासित परिहार और कैजान इब्राहिम को. इसके बाद अब्बास लखानी और करण अरोड़ा को गिरफ्तार किया.

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फिर इन सबकी निशानदेही पर सुशांत के हाउस मैनेजर सैमुअल मिरांडा और रिया के भाई शोविक चक्रवर्ती को गिरफ्तार किया. तफ्तीश देखिए कि रिया अब भी गिरफ्तार नहीं हुई थी. इसके बाद दो दिनों तक रिया से एनसीबी ने घंटों पूछताछ की. रिया ने इतना सबकुछ होने के बाद भी ड्रग लेने की बात कबूल नहीं की. तब एनसीबी के हाथ सुशांत के स्टाफ दीपेश सावंत और नशे की दुनिया की एक और बड़ी मछली अनुज केसवानी तक पहुंचे.

इतनी गिरफ्तारियों, कबूलनामों, चैट की सूरत में सामने आ चुके सबूतों के बाद रिया के सामने कोई और रास्ता नहीं था. आखिरकार उसने खुद भी ड्रग्स लेने की बात कबूल कर ली और कबूलनामे के बाद एनसीबी ने उसे गिरफ्तार कर लिया.

एनसीबी ने पकड़े गए कुछ ड्रग पैडलरों के पास से नशे की खेप, रुपये-पैसे, नशे की खरीद-फरोख्त के दूसरे सबूत वगैरह तो बरामद किए हैं, लेकिन खास बात ये है कि खुद शोविक और रिया के पास से नशे की खुराक एनसीबी के हाथ नहीं लगी है. ऐसे में सवाल उठता है कि फिर अदालत में इस मामले का हश्र क्या होना है.

जानकारों की मानें तो इसका जवाब एनडीपीएस एक्ट की धारा 67 के तहत किए गए रिया और शोविक के वो कबूलनामे हैं, जो अदालत में मान्य हैं. और एनसीबी के सूत्र बताते हैं कि कबूलनामा ही भाई-बहन की इस जोड़ी को सजा दिलाने के लिए काफी है.

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