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आतंकी संगठन आईएस खुरासान की मासिक पत्रिका का नया संस्करण जारी, खुफिया एजेंसियों को दी चुनौती

वॉयस ऑफ हिन्द के 20वें संस्करण में इस्लामिक स्टेट खुरासान ने इंटेलिजेंस एजेंसियो को दी चुनौती देते हुए कहा कि हमारे इतने लोग उठाकर भी हमारी मैगज़ीन को नहीं रोक सके, और ना आगे रोक पाओगे.

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एनआईए इस मामले की छानबीन कर रही है
एनआईए इस मामले की छानबीन कर रही है
स्टोरी हाइलाइट्स
  • आईएस खुरासान की मंथली मैगजीन है वॉयस ऑफ हिंद
  • एनआईए कर रही है आईएस खुरासान मॉड्यूल की जांच
  • इस मामले में कई लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी

आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट खुरासान ने भारत पर केंद्रित अपनी मासिक मुखपत्रिका वॉयस ऑफ हिन्द का 20वां संस्करण जारी किया है. आतंकी पत्रिका के इस संस्करण में जमीयत उलेमा ए हिंद को लेकर एक लेख लिखा गया है. साथ ही खुफिया एजेंसियों को चुनौती भी दी गई है.

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जानकारी के मुताबिक वॉयस ऑफ हिन्द के 20वें संस्करण में इस्लामिक स्टेट खुरासान ने इंटेलिजेंस एजेंसियो को दी चुनौती देते हुए कहा कि हमारे इतने लोग उठाकर भी हमारी मैगज़ीन को नहीं रोक सके, और ना आगे रोक पाओगे.

आपको बता दें कि आईएसकेपी के इस पब्लिकेशन को लेकर सबसे पहले दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने खुलासा किया था और जम्मू कश्मीर के एक कपल समेत दर्जन भर लोगों को गिरफ़्तार किया था. इस मामले की जांच एनआईए कर रही है. एजेंसी ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर देशभर में छापेमारी करके कई लोगों को गिरफ़्तार किया है.

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इसी मामले में अब से तीन दिन पहले एनआईए ने जम्मू कश्मीर में छापेमारी कर कुछ लोगों को गिरफ़्तार किया था. बावजूद इसके इस जिहादी पत्रिका का प्रकाशन लगातार किया जा रहा है. एजेंसियों का मानना है कि इनकी पत्रिका के संस्करण देश के बाहर भी पब्लिश हो रहे हैं. ये लोग सोशल मीडिया के ज़रिए भारत में बैठें लोगों तक इसे पहुंचा रहे  हैं और फिर वो इसे फैला रहे हैं.

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