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पशु तस्करी केस: TMC नेता अनुब्रत मंडल की बेटी सुकन्या भी गिरफ्तार, ED ने पूछताछ के बाद लिया एक्शन

पश्चिम बंगाल के पशु तस्करी केस में टीएमसी नेता अनुब्रत मंडल की बेटी सुकन्या मंडल की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. ईडी ने बुधवार को पूछताछ के बाद उन्हें अरेस्ट कर लिया. इस मामले में अनुब्रत पहले ही न्यायिक हिरासत में हैं.

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ईडी ने बुधवार को सुकन्या मंडल से की थी पूछताछ (फाइल फोटो)
ईडी ने बुधवार को सुकन्या मंडल से की थी पूछताछ (फाइल फोटो)

पश्चिम बंगाल के पशु तस्करी मामले में ईडी ने तृणमूल कांग्रेस के नेता अनुब्रत मंडल की बेटी सुकन्या मंडल को बुधवार को पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया. ईडी ने मामले के संबंध में सुकन्या मंडल को बेहिसाब संपत्ति और उनसे जुड़े बैंक खातों को लेकर तलब किया था. सुकन्या राज्य सरकार द्वारा संचालित प्राथमिक विद्यालय में एक शिक्षक हैं. इससे पहले भी उन्हें केंद्रीय जांच एजेंसी ने तलब किया था, लेकिन वह पेश नहीं हुई थीं. 

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पशु तस्करी मामले में ईडी ने 17 नवंबर, 2022 को बीरभूम जिले के टीएमसी प्रमुख अनुब्रत मोंडल को पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया था. अनुब्रत मंडल अभी तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में हैं.

पशु तस्करी मामले में टीएमसी नेता के परिवार की मुश्किलें बढ़ीं

पशु तस्करी केस में अनुब्रत मंडल को गिरफ्तार करने के बाद सीबीआई ने भी मार्च में सुकन्या को पूछताछ के लिए दिल्ली स्थित मुख्यालय में तलब किया था. सुकन्या से पूछताछ में सीबीआई को ज्यादा कुछ हाथ नहीं लग सका था. सूत्रों के मुताबिक कुछ महीने पहले सीबीआई की पूछताछ के समय सुकन्या मंडल ने अधिकतर सवालों के जवाब में कहा था कि मुझे इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है. मेरे पिता ही इन सभी सवालों के जवाब दे सकते हैं. मैं नहीं. 

पिछले महीने अनुब्रत मंडल के CA मनीष कोठारी को राऊज एवेन्यू कोर्ट ने पांच दिन के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया था. तब ईडी ने कोर्ट में कहा था कि मनीष मंडल का एकाउंटेंट है और उसने मंडल की ओर से मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए बड़ी रकम ठिकाने लगाई है. 

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ईडी ने कोर्ट को बताया कि कोठारी ने कुछ शेल कंपनियां बनाकर उनके माध्यम से पैसा डायवर्ट किया है. जब अनुब्रत मंडल से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि कोठारी को सब पता है.

पशु तस्करी मामले में सीबीआई ने पिछले साल अनुब्रत मंडल को 11 अगस्त को गिरफ्तार किया था. अनुब्रत टीएमसी के बीरभूमि के जिलाध्यक्ष हैं. सीबीआई ने इस संबंध में 4 लोगों के खिलाफ 21 सितंबर 2020 को केस दर्ज किया था. इसमें तब के बीएसएफ कमांडेंट का नाम भी शामिल था. मामले की जांच के लिए सीबीआई ने देशभर में आरोपियों के कई ठिकानों पर छापा मारा और कई आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया था. सीबीआई का आरोप है कि आरोपियों ने गलत तरीके से हासिल किए गए धन को वैध बनाने के लिए कई फर्जी कारोबारी गतिविधियों को दिखाया. 


 

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