scorecardresearch
 

G-20 समिट के दौरान उमेश पाल के मर्डर की थी प्लानिंग, बरेली जेल के CCTV फुटेज से हुआ खुलासा

Umesh Pal Murder Case: उमेश पाल हत्याकांड में अभी तक कई बड़े और हैरान कर देने वाले खुलासे हो चुके हैं. इसी कड़ी में एक और खुलासा हुआ है, जिसने अतीक और उसके गैंग के खतरनाक मंसूबों को उजागर किया है. दरअसल, 11 फरवरी को अतीक का बेटा और उसके साथी शूटर्स बरेली जेल में बंद अशरफ से मिलने पहुंचे थे.

Advertisement
X
बरेली जेल में बंद अशरफ से मिलने पहुंचा था असद और गुड्डू मुस्लिम.
बरेली जेल में बंद अशरफ से मिलने पहुंचा था असद और गुड्डू मुस्लिम.

उमेश पाल हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है. बरेली जेल के कुछ सीसीटीवी फुटेज सामने आए हैं. उमेश पाल की हत्या से पहले 11 फरवरी को अतीक का बेटा असद, गुड्डू मुस्लिम, उस्मान उर्फ विजय, गुलाम और सदाकत जेल में बंद अशरफ से मुलाकात करने पहुंचे थे. जेल के एंट्री गेट पर काला चश्मा लगाए असद और उसके ठीक पीछे सफेद शर्ट पहने गुड्डू मुस्लिम सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ.

Advertisement

कहा जा रहा है कि जेल में अशरफ के साथ मिलकर असद समेत सभी शूटर्स ने उमेश पाल हत्याकांड की साजिश रची थी. एक हैरान कर देने वाली बात ये भी सामने आई है कि अतीक अहमद ने G-20 समिट के दौरान उमेश पाल की हत्या की साजिश रची थी. मगर, कुछ शूटर्स ने इसके लिए मना कर दिया था.

atiq ahmed

तीन प्लान फेल होने के बाद शूटर्स ने घर के पास की हत्या

इसके बाद दूसरा प्लान ये था कि प्रयागराज कचहरी के बाहर उमेश की हत्या कर दी जाए, मगर ये प्लान भी फेल हो गया. इसके बाद तीसरा प्लान प्रयागराज के चौराहे पर उमेश की हत्या करना था, वो भी फेल हो गया था. तीन प्लान फेल होने के बाद शूटर्स ने घर से कुछ दूरी पर उमेश की हत्या का प्लान बनाया गया और उसे अंजाम दिया. दरअसल, उमेश पाल की हत्या के जरिए अतीक यूपी में फिर से अपनी दहशत फैलाना चाहता था.

Advertisement
atiq ahmed
काला चश्मा लगाए असद और उसके पीछे सफेद शर्ट में गुड्डू मुस्लिम

24 फरवरी को अतीक के शूटर्स ने की थी उमेश पाल की हत्या

प्रयागराज के धूमनगंज क्षेत्र में 24 फरवरी को उमेश पाल और उनके 2 सुरक्षाकर्मियों संदीप निषाद और राघवेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में उमेश पाल की पत्नी जया पाल ने अतीक अहमद, उसके भाई अशरफ, पत्नी शाइस्ता परवीन, 2 बेटों, अतीक के साथी गुड्डू मुस्लिम, गुलाम मोहम्मद और 9 अन्य लोगों पर केस दर्ज कराया था. इसके बाद पुलिस ने जांच कर मामले में कई अन्य को आरोपी भी बनाया.

ये भी पढ़ें- थम गया था शहर, लोग थे बेहाल और... जब 1500 गाड़ियों का काफिला लेकर कानपुर पहुंचा था अतीक
 

इस मामले में पुलिस और शूटर के बीच पहली मुठभेड़ हत्याकांड के तीसरे दिन यानी कि 27 फरवरी को हुई थी. तब अरबाज नाम के बदमाश को पुलिस ने ढेर किया था. ये एनकाउंटर नेहरू पार्क के जंगल में हुआ था. इसमें एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ था. अरबाज वही बदमाश था जो कि हत्याकांड में प्रयुक्त क्रेटा कार चला रहा था. वो अतीक का करीबी था और उसकी गाड़ी भी चलाता था.

ये भी पढ़ें- 'जहां तुम्हारा बाजा बजाकर स्वागत किया था वहीं...', अतीक अहमद का धमकी भरा ऑडियो आया सामने
 

Advertisement

इसके बाद 6 मार्च को एक और आरोपी विजय कुमार उर्फ उस्मान चौधरी एनकाउंटर में मारा गया था. पुलिस और उस्मान के बीच ये मुठभेड़ प्रयागराज के कौंधियारा इलाके में हुई थी. उस्मान वो शूटर था, जिसने उमेश पाल को पहली गोली मारी थी.

13 अप्रैल को असद और गुलाम एनकाउंटर में ढेर

इसके बाद 13 अप्रैल को यूपी एसटीएफ ने असद और उसके साथी मोहम्मद गुलाम को झांसी से 30 किलोमीटर दूर बड़ागांव और चिरगांव के पास एनकाउंटर में ढेर कर दिया था. पुलिस के दावे के मुताबिक, असद और मोहम्मद गुलाम पारीछा बांध के पास छिपे बैठे थे. इसी दौरान पुलिस ने उन्हें घेरा और सरेंडर करने के लिए कहा. मगर, आरोपियों की ओर से फायरिंग शुरू कर दी गई. इसके बाद एसटीएफ ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों मारे गए.

ये भी पढ़ें- जानिए कौन है रईस गजनवी, जिसने अतीक अहमद के समर्थन में लगाए नारे
 

वहीं, 15 अप्रैल की रात तीन शूटर्स ने उमेश पाल हत्याकांड में आरोपी माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी थी. इन शूटर्स की पहचान अरुण मौर्या, सनी और लवलेश तिवारी के रूप में हुई. तीनों पत्रकार बनकर पुलिस के काफिले के नजदीक पहुंचे और जैसे ही अतीक और उसके भाई अशरफ ने मीडिया से बात करना शुरू की, तीनों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. इस दौरान करीब 18 राउंड गोलियां चलीं, जिनमें से 8 गोली अतीक अहमद को लगी थीं.

Advertisement

 

 

Advertisement
Advertisement