उमेश पाल हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है. बरेली जेल के कुछ सीसीटीवी फुटेज सामने आए हैं. उमेश पाल की हत्या से पहले 11 फरवरी को अतीक का बेटा असद, गुड्डू मुस्लिम, उस्मान उर्फ विजय, गुलाम और सदाकत जेल में बंद अशरफ से मुलाकात करने पहुंचे थे. जेल के एंट्री गेट पर काला चश्मा लगाए असद और उसके ठीक पीछे सफेद शर्ट पहने गुड्डू मुस्लिम सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ.
कहा जा रहा है कि जेल में अशरफ के साथ मिलकर असद समेत सभी शूटर्स ने उमेश पाल हत्याकांड की साजिश रची थी. एक हैरान कर देने वाली बात ये भी सामने आई है कि अतीक अहमद ने G-20 समिट के दौरान उमेश पाल की हत्या की साजिश रची थी. मगर, कुछ शूटर्स ने इसके लिए मना कर दिया था.
तीन प्लान फेल होने के बाद शूटर्स ने घर के पास की हत्या
इसके बाद दूसरा प्लान ये था कि प्रयागराज कचहरी के बाहर उमेश की हत्या कर दी जाए, मगर ये प्लान भी फेल हो गया. इसके बाद तीसरा प्लान प्रयागराज के चौराहे पर उमेश की हत्या करना था, वो भी फेल हो गया था. तीन प्लान फेल होने के बाद शूटर्स ने घर से कुछ दूरी पर उमेश की हत्या का प्लान बनाया गया और उसे अंजाम दिया. दरअसल, उमेश पाल की हत्या के जरिए अतीक यूपी में फिर से अपनी दहशत फैलाना चाहता था.
24 फरवरी को अतीक के शूटर्स ने की थी उमेश पाल की हत्या
प्रयागराज के धूमनगंज क्षेत्र में 24 फरवरी को उमेश पाल और उनके 2 सुरक्षाकर्मियों संदीप निषाद और राघवेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में उमेश पाल की पत्नी जया पाल ने अतीक अहमद, उसके भाई अशरफ, पत्नी शाइस्ता परवीन, 2 बेटों, अतीक के साथी गुड्डू मुस्लिम, गुलाम मोहम्मद और 9 अन्य लोगों पर केस दर्ज कराया था. इसके बाद पुलिस ने जांच कर मामले में कई अन्य को आरोपी भी बनाया.
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इस मामले में पुलिस और शूटर के बीच पहली मुठभेड़ हत्याकांड के तीसरे दिन यानी कि 27 फरवरी को हुई थी. तब अरबाज नाम के बदमाश को पुलिस ने ढेर किया था. ये एनकाउंटर नेहरू पार्क के जंगल में हुआ था. इसमें एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ था. अरबाज वही बदमाश था जो कि हत्याकांड में प्रयुक्त क्रेटा कार चला रहा था. वो अतीक का करीबी था और उसकी गाड़ी भी चलाता था.
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इसके बाद 6 मार्च को एक और आरोपी विजय कुमार उर्फ उस्मान चौधरी एनकाउंटर में मारा गया था. पुलिस और उस्मान के बीच ये मुठभेड़ प्रयागराज के कौंधियारा इलाके में हुई थी. उस्मान वो शूटर था, जिसने उमेश पाल को पहली गोली मारी थी.
13 अप्रैल को असद और गुलाम एनकाउंटर में ढेर
इसके बाद 13 अप्रैल को यूपी एसटीएफ ने असद और उसके साथी मोहम्मद गुलाम को झांसी से 30 किलोमीटर दूर बड़ागांव और चिरगांव के पास एनकाउंटर में ढेर कर दिया था. पुलिस के दावे के मुताबिक, असद और मोहम्मद गुलाम पारीछा बांध के पास छिपे बैठे थे. इसी दौरान पुलिस ने उन्हें घेरा और सरेंडर करने के लिए कहा. मगर, आरोपियों की ओर से फायरिंग शुरू कर दी गई. इसके बाद एसटीएफ ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों मारे गए.
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वहीं, 15 अप्रैल की रात तीन शूटर्स ने उमेश पाल हत्याकांड में आरोपी माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी थी. इन शूटर्स की पहचान अरुण मौर्या, सनी और लवलेश तिवारी के रूप में हुई. तीनों पत्रकार बनकर पुलिस के काफिले के नजदीक पहुंचे और जैसे ही अतीक और उसके भाई अशरफ ने मीडिया से बात करना शुरू की, तीनों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. इस दौरान करीब 18 राउंड गोलियां चलीं, जिनमें से 8 गोली अतीक अहमद को लगी थीं.