'अब तक 100': इस IPS अफसर के नाम से कांप उठते हैं नक्सली!
फिल्म निर्देशक रामगोपाल वर्मा की फिल्म 'अब तक 56' में अपराधियों के लिए काल बने नाना पाटेकर की तरह रियल लाइफ में IPS अफसर प्रकाश रंजन मिश्र के नाम से नक्सली कांप उठते हैं. झारखंड पुलिस के इस जाबांज अफसर ने 'अब तक 100' से अधिक नक्सलियों का सफाया कर दिया है.
X
IPS अफसर प्रकाश रंजन मिश्र
मुकेश कुमार/धरमबीर सिन्हा
- रांची,
- 20 जुलाई 2016,
- (अपडेटेड 21 जुलाई 2016, 10:04 AM IST)
देश की बागडोर असल मायने में अफसरों के हाथ में होती है. यदि नौकरशाही दुरुस्त हो तो कानून-व्यवस्था चाकचौबंद रहती है. जिस तरह से भ्रष्टाचार का दीमक नौकरशाही को खोखला किए जा रहा है, लोगों का उससे विश्वास उठता जा रहा है. लेकिन कुछ ऐसे भी IAS और IPS अफसर हैं, जो अपनी साख बचाए हुए हैं. उनके कारनामे आज मिसाल के तौर पर पेश किए जा रहे हैं. aajtak.in ऐसे ही अफसरों पर एक सीरीज पेश कर रहा है. इस कड़ी में आज पेश है IPS अफसर प्रकाश रंजन मिश्र की दिलचस्प कहानी.
IPS अफसर PR मिश्र की दिलचस्प कहानी
- फिल्म निर्देशक रामगोपाल वर्मा की फिल्म 'अब तक 56' में अपराधियों के लिए काल बने नाना पाटेकर की तरह रियल लाइफ में IPS अफसर प्रकाश रंजन मिश्र के नाम से नक्सली कांप उठते हैं. झारखंड पुलिस के इस जाबांज अफसर ने 'अब तक 100' से अधिक नक्सलियों का सफाया कर दिया है.
- IPS अफसर प्रकाश रंजन मिश्र ऊर्फ PR मिश्रा की पोस्टिंग देश के सबसे ज्यादा संवेदनशील और नक्सल प्रभावित खूंटी जिले में है. असम, त्रिपुरा, जम्मू-कश्मीर और ओडिसा के बाद उनकी पोस्टिंग झारखंड में हुई है. वह राज्य में प्रतिनियुक्ति पर हैं. CRPF के कोबरा बटालियन में भी इन्होंने चार साल तक काम किया है.
- साल 2012 में चतरा जिले में पोस्टिंग के दौरान प्रतापपुर के जंगल में नक्सलियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन के दौरान इनकी मुठभेड़ हो गई. बड़ी संख्या में नक्सलियों का दस्ता इनके सामने था. इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए, लेकिन मोर्चे पर डटे रहे. एयरलिफ्ट करके इन्हें सकुशल निकाला गया था.
- वह बतौर ASP झारखंड के नक्सल प्रभावित 6 जिलों में पोस्टेड रहे हैं. इन्होंने 100 से अधिक नक्सलियों को जिंदा पकड़ा है. इनकी सबसे बड़ी कामयाबी स्पेशल एरिया कमेटी के मेंबर अनूप ठाकुर को गिरफ्तार करना है. इनकी बहादुरी के किस्से इनके विभाग में भी मशहूर हैं. बड़े अधिकारी भी तारीफ करते नहीं थकते हैं.
- हालही में इनके बहादुरी से प्रभावित होकर इनके जाबांजी के किस्सों को कॉमिक्स में भी उतारा गया है. इसमें नक्सलियों से मुठभेड़ की कहानी है. जहानाबाद के केंदुआ के रहने वाले इस रियल हीरो पर CRPF ने 'शूरवीर प्रकाश' नाम से ई-कॉमिक्स जारी किया है. वहीं वेबसाइट पर 'वीरगाथा' के नाम से इसे पढ़ा जा सकता है.
- PR मिश्रा को छह बार राष्ट्रपति पदक और एक बार शौर चक्र से नवाजा गया है. उनकी उपलब्धि पर उनका परिवार खुशी से फूला नहीं समाता है. उनकी पत्नी का कहना है कि उनके मन के लायक प्रोफेशन मिला है. उनकी जैसी इच्छा थी वह करते गए. पिता भी बेटे की इस उपलब्धि पर गौरवान्वित महसूस करते हैं.