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UP Crime: पेड़ से लटकी मिली थीं दो लड़कियां, डॉक्टरों के पैनल ने बताया आत्महत्या, नहीं मिले चोट के निशान

जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) अवनींद्र सिंह ने बताया कि डॉक्टरों के एक पैनल ने दोनों लाशों का पोस्टमार्टम किया है. लड़कियों की मौत फांसी लगाने से हुई है. शवों पर कोई बाहरी चोट के निशान नहीं पाए गए हैं.

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पुलिस अभी भी इस मामले की छानबीन कर रही है
पुलिस अभी भी इस मामले की छानबीन कर रही है

Dalit Girls Hanging on Tree at Farrukhabad: उत्तर प्रदेश के फतेहगढ़ में एक गांव के बाहर दो दलित लड़कियों की लाशें पेड़ से लटकी मिली थीं. जिसके बाद हड़कंप मच गया था. अब घटना के एक दिन बाद बुधवार को डॉक्टरों के एक पैनल ने उन दोनों लड़कियों को मौत के आत्महत्या होने का संकेत दिया है. पैनल का कहना है कि उनकी मौत फांसी लगाने से हुई है.

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दरअसल, पुलिस ने मंगलवार को बताया था कि 15 और 18 साल की दलित लड़कियां 26 अगस्त की रात करीब 10 बजे जन्माष्टमी के अवसर पर पास के मंदिर में जाने के लिए अपने घर से निकली थीं, लेकिन वे वापस घर नहीं लौटीं. वे दोनों भगौतीपुर गांव की रहने वाली थीं.

जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) अवनींद्र सिंह ने पीटीआई को बताया कि डॉक्टरों के एक पैनल ने दोनों लाशों का पोस्टमार्टम किया है. लड़कियों की मौत फांसी लगाने से हुई है. शवों पर कोई बाहरी चोट के निशान नहीं पाए गए हैं. सीएमओ ने कहा कि डॉक्टरों के पैनल ने बलात्कार की संभावना को खारिज करने के लिए योनि द्रव की स्लाइड जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजी हैं. पीएम रिपोर्ट में एंटीमोर्टेम हैंगिंग की पुष्टि हुई है. पीएम की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की गई है.

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पुलिस ने कहा कि पोस्टमार्टम के निष्कर्ष मामले की उनकी प्रारंभिक जांच से मेल खाते हैं. जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) आलोक प्रियदर्शी ने कहा कि पुलिस जांच के निष्कर्ष पोस्टमार्टम जांच के निष्कर्षों से मेल खाते हैं. लड़कियों ने आत्महत्या की है. शवों पर कोई बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं. उन्होंने कहा कि पुलिस टीमें अब उन कारणों की जांच कर रही हैं, जिनकी वजह से लड़कियों ने यह कदम उठाया है. 

इस बीच, मृतक लड़कियों में से एक के पिता ने आरोप लगाया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट झूठी है और रिपोर्ट फर्जी है. पिता ने पीटीआई से कहा 'आपको पता चला है कि उन्होंने फांसी लगाकर आत्महत्या की है, लेकिन उनके शरीर पर चोट के निशान आपकी रिपोर्ट में नहीं आए हैं. यह सब फर्जी है. सभी रिपोर्ट झूठी हैं.' 

पुलिस ने कहा कि लड़कियों के परिवार के सदस्यों ने शुरू में उनका अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था और जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक से मिलने की मांग की थी. उन्होंने कहा कि दोनों अधिकारियों ने परिवार के सदस्यों से मुलाकात की और उन्हें मामले की त्वरित जांच का आश्वासन दिया, जिसके बाद परिवार मृतक का अंतिम संस्कार करने के लिए सहमत हो गए. 

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आपको बता दें कि मंगलवार की सुबह कायमगंज थाना क्षेत्र के एक गांव के बाहर किशोरियों के शव बरामद किए गए थे. पुलिस के अनुसार, दोनों लड़कियां आपस में अच्छी दोस्त थीं और एक ही मोहल्ले में रहती थीं. पुलिस ने बताया कि शव दो दुपट्टों से लटके हुए थे, जिन्हें आपस में बांधा गया था. पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है.

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