scorecardresearch
 

गाजियाबादः पिटाई और दाढ़ी काटने का मामला, बुजुर्ग अब्दुल समद की तहरीर और बयानों में विरोधाभास

पीड़ित बुजुर्ग अब्दुल समद सैफी का एक और वीडियो सामने आया है. जिसमें वह नारेबाज़ी कराने, जान से मारने, पेशाब पिलाने और मारपीट किए जाने की बात बता रहे हैं. उनके साथ के लोग पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठा रहे हैं.

Advertisement
X
पीड़ित बुजुर्ग की तहरीर और बयान अलग-अलग हैं
पीड़ित बुजुर्ग की तहरीर और बयान अलग-अलग हैं
स्टोरी हाइलाइट्स
  • गाजियाबाद के लोनी में बुजुर्ग पर हुआ था हमला
  • पिटाई और दाढ़ी काटने का वीडियो हुआ था वायरल
  • पुलिस ने कई लोगों को किया है गिरफ्तार

गाजियाबाद के लोनी में बुजुर्ग की पिटाई और दाढ़ी काटे जाने के मामले के बाद सियासी बयानबाज़ी भी तेज हो गई है. लेकिन इसी बीच पीड़ित बुजुर्ग अब्दुल समद सैफी का एक और वीडियो सामने आया है. जिसमें वह नारेबाज़ी कराने, जान से मारने, पेशाब पिलाने और मारपीट किए जाने की बात बता रहे हैं. उनके साथ के लोग पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठा रहे हैं. सैफी ने ये सारी बातें बुधवार की रात अपने घर बुलंदशहर के अनूपशहर में पत्रकारों से मुलाकात में कही. 

Advertisement

अब्दुल समद सैफी ने कहा "कनपटी पर पिस्तौल लगी रही मेरे, चार जने थे, डंडे डंडे, बेल्ट बेल्ट से पकड़ के मेरे को बहुत मारा, मैं उनको नहीं जानता था. यह तो मेरे पर झूठा इल्जाम लगाया जा रहा है. नहीं जानता कोई उसमें मारने वाला मुसलमान था. ताबीज की बात झूठी है. मैं ताबीज का कोई काम नहीं करता. झूठा इल्जाम लगाया जा रहा है. इल्जाम कुछ भी कोई भी लगा सकता है. मैं तो मदरसे पर रहता हूं. जय श्रीराम के नारे लगवाए. पानी मांगा तो मुझसे पेशाब पीने को कहा." बुजुर्ग के साथ वाला व्यक्ति बोला,  इनको मारने के लिए दो बार तमंचा चलाया गया. फायर मिस हो गया. पुलिस ने 307 में एफआईआर क्यों नहीं की? 

हैरानी की बात ये है कि ये सब बातें जो अब्दुल समद बोल रहा है, उसने पुलिस कंप्लेन में कहीं भी लिख कर नहीं दी है. 

Advertisement

अब्दुल समद ने अपनी कंप्लेन में लिखा है कि "मैं दिनांक 5 जून को अपने घर से दरगाह वाली मस्जिद बेहरा हाजीपुर के मिश्र प्राइवेट वाहनों से आया था. जब मैं  दोपहर में थाना लोनी बोर्डर के पास पहुंचा तो एक हरे रंग के ऑटो चालक ने कहा के चला दिया. कहां जाओगे तो मैंने कहा कि रिजाह वाली मस्जिद बेइटा हाली पर जाऊंगा तो वह ऑटो चालक कहने लगा कि मैं आपको दरगाह बाकी मस्जिद पर छोड़ दूंगा और मुझे अपने ऑटो में बैठाया पर में इटा नहर के बाएं किनारे की रोड के रास्ते ऑटो अन्दर पास के पास ले गया. तब मैंने दरगाह वाली मस्जिद के सम्बन्ध में पूछा तो उक्त ऑटो चालक और उसके तीन साथी मुझे बहुत ही गन्दी-गन्दी गालियां देते हुए मेरे साथ बुरी तरह मारपीट करते हुए एक सुनसान जगह कमरे में ले गए. वहां बन्द करके मुझे बुरी तरह से मारा पीटा और जान से मारने की धमकी दी. यह भी धमकी दी कि यदि तूने हमारी पुलिस से शिकायत की तो अन्जाम बहुत बुरा होगा. मारपीट करने के कुछ समय बाद उक्त लोग ऑटो लेकर चले गए. इसके बाद मैं बा-मुश्किल रास्ता पूछता हुआ अपनी भतीजी के घर शहीद नगर, गाजियाबाद पहुंचा. मेरे शरीर में काफी चोट व दर्द था. जिस कारण आज कुछ ठीक होने पर रिपोर्ट लिखवाने आया हूं." 

Advertisement

अब सवाल यह है कि इस पूरे मामले में अब्दुल समद सैफी की लिखित शिकायत सच है या फिर वह जो कैमरे पर बोल रहा है, वह सच है. इस मामले की पहेली अभी भी सुलझी नहीं है. 

इस मामले में कई सवालों के जवाब मिलना बाकी है-

-बुजुर्ग अब्दुल समद सैफी जब जानता था कि उसके साथ मारपीट किसने की, तो अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज क्यों करवाई?

-अब्दुल समद की जिस कालोनी में मारपीट हुई, वो भीड़-भाड़ वाला इलाका है तो फिर कंप्लेन में उसने जंगल और सुनसान जगह पर मारपीट होने की बात क्यों लिखी?

-सपा के स्थानीय नेता उम्मेद पहलवान भी सारी सच्चाई जानते थे कि बुजुर्ग के साथ मारपीट किसने की. फिर भी उन्होंने बुजुर्ग को लेकर गलत तथ्यों के साथ वीडियो क्यों बनाया?

-क्या बुजुर्ग की पिटाई का वीडियो दूसरे एंगल से वायरल करना बड़ी साजिश का हिस्सा था?  क्योंकि पीड़ित और आरोपी सभी एक दूसरे को जानते थे.

वहीं खबर है कि सपा नेता उम्मेद की लोकेशन नोएडा में मिली है. गाजियाबाद पुलिस की टीम नोएडा में उम्मेद को तलाश रही है. सपा नेता की कभी भी गिरफ्तारी हो सकती है, उसपर गाजियाबाद में एफआईआर दर्ज है. 
 

 

Advertisement
Advertisement