scorecardresearch
 

यूपीः अलग रहकर घरों में काम करती थी पत्नी, पति ने किया था मर्डर, 9 साल बाद गिरफ्तार

मोहब्बत, शादी और मर्डर की ये वारदात यूपी के गाजियाबाद जिले की है. जहां ठीक 9 साल पहले एक पॉश इलाके में कत्ल की ऐसी वारदात सामने आई थी कि पुलिस को उस मामले का खुलासा करने में इतने साल लग गए. कत्ल एक विवाहिता का हुआ था. कातिल कोई और नहीं उसका पति था.

Advertisement
X
पुलिस ने आरोपी पति को 9 साल बाद ओडिशा से गिरफ्तार किया है
पुलिस ने आरोपी पति को 9 साल बाद ओडिशा से गिरफ्तार किया है
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 29 सितंबर 2012 को सरेआम हुआ था गीता का मर्डर
  • गाजियाबाद के वसुंधरा इलाके में सड़क पर मारी थी गोली
  • गोली लगने से मौके पर ही हो गई थी गीता की मौत

वो शख्स अपनी प्रेमिका पर जान देता था. दोनों के बीच काफी प्यार था. जाति अलग-अलग थी. लेकिन दोनों शादी की ठान चुके थे. लिहाजा कुछ दिनों बाद दोनों शादी के बंधन में बंध गए. एक साल तक सब ठीक चलता रहा. लेकिन फिर दोनों के बीच झगड़े होने लगे. नतीजा ये हुआ कि शादी के 3 साल बाद दोनों अलग हो गए. पति को कोई खास फर्क नहीं पड़ा. लेकिन पत्नी घरों में काम करने के लिए मजबूर हो गई. जब ये बात उसके पति को पता चली तो उसने अपनी पत्नी को मौत की नींद सुला दिया और फरार हो गया. अब जाकर 9 साल बाद पुलिस ने उस शातिर पति को गिरफ्तार किया है.

Advertisement

मोहब्बत, शादी और मर्डर की ये वारदात यूपी के गाजियाबाद जिले की है. जहां ठीक 9 साल पहले एक पॉश इलाके में कत्ल की ऐसी वारदात सामने आई थी कि पुलिस को उस मामले का खुलासा करने में इतने साल लग गए. कत्ल एक विवाहिता का हुआ था. कातिल कोई और नहीं उसका पति था. जिसकी पहचान मनोरंजन तिवारी के रूप में हुई है. अपनी पत्नी का मर्डर करने के बाद वो ओडिशा जाकर रहने लगा था. 

दरअसल, आरोपी मनोरंजन तिवारी गाजियाबाद में एक कलर फोटो लैब चलाता था. वहीं, एक दिन उसकी मुलाकात 25 वर्षीय गीता यादव से हुई थी. पहली ही मुलाकात में दोनों एक दूसरे को दिल दे बैठे. बात आगे बढ़ी तो दोनों ने 2007 में प्रेम विवाह कर लिया. कुछ वक्त तो दोनों खुश रहे लेकिन बाद में दोनों के बीच खटपट होने लगी. रोज झगड़े होने लगे. नतीजा ये हुआ कि साल 2010 में दोनों अलग हो गए.

Advertisement

ज़रूर पढ़ें-- 5 महीने की प्रेग्नेंट हो गई बच्ची, परिजनों को न थी भनक, ऐसे खुला गैंगरेप का राज

गीता यादव, गाजियाबाद के वसुंधरा इलाके में एक किराए के फ्लैट में रहने लगी. अपना गुजारा करने के लिए वो लोगों के घरों में काम करने लगी. मेड के तौर पर गीता का काम करना मनोरंजन तिवारी को नागवार गुजरा. इसी बात से खफा होकर उसने 29 सितंबर की रात करीब 9.30 बजे गीता को सरेआम सड़क पर गोली मारकर मौत की नींद सुला दिया. उस वक्त गीता काम से अपने घर लौट रही थी. गोली गीता की कमर में लगी थी. मौके पर ही उसने दम तोड़ दिया था.

कत्ल की इस संगीन वारदात को अंजाम देने के बाद मनोरंजन तिवारी मौके से फरार हो गया था. गीता की हत्या करने के बाद वो ओडीशा जाकर रहने लगा था. इधर, यूपी पुलिस उसकी तलाश में लगी रही. लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला. लेकिन कहते हैं कि मुजरिम चाहे कितना भी शातिर है, वो एक ना एक दिन कानून की गिरफ्त में आ ही जाता है. गाजियाबाद पुलिस ने सर्विलांस और ओडिशा पुलिस की मदद से आरोपी मनोरंजन तिवारी को ओडिशा में उसके गांव से गिरफ्तार कर लिया.

मनोरंजन तिवारी से पूछताछ में खुलासा हुआ कि फरारी के दौरान उसने कई बार वेष बदले और जगह भी बदलता रहा. पुलिस के मुताबिक फरारी के दौरान वह तांत्रिक क्रिया भी करने लगा था. पुलिस उससे लगातार पूछताछ कर रही है.

Advertisement

 

Advertisement
Advertisement