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यूपीः अवैध धर्मांतरण केस में आया अधिकारी का नाम, ऐसे करता था आरोपियों की मदद

धर्म परिवर्तन के मामले में पकड़े गए आरोपियों के मददगार के रूप में जिस अधिकारी का नाम सामने आया है, उससे जल्द पूछताछ की जाएगी. जांच एजेंसियों को कतर से भी पैसे मिलने के सबूत मिले हैं.

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सात दिन की रिमांड पर भेजे गए उमर गौतम और जहांगीर (फाइल फोटो)
सात दिन की रिमांड पर भेजे गए उमर गौतम और जहांगीर (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  •  7 दिन की रिमांड पर उमर गौतम और जहांगीर
  • अधिकारी से भी जल्द हो सकती है पूछताछ

यूपी के बहुचर्चित अवैध धर्मांतरण केस में कोर्ट ने आरोपी उमर गौतम और जहांगीर को एक हफ्ते की रिमांड पर आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) को सौंप दिया. एटीएस उमर गौतम और जहांगीर को सात दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी. एटीएस के साथ ही केंद्रीय खुफिया एजेंसी भी उमर गौतम और जहांगीर से पूछताछ में शामिल होगी.

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दूसरी तरफ, यूपी में धर्म परिवर्तन मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. इस मामले में अब सरकारी अधिकारी का भी नाम आया है. केंद्र सरकार के महिला एवं बाल कल्याण विभाग के एक अधिकारी का नाम आरोपियों के मददगार के रूप में सामने आया है. बताया जाता है कि यह अधिकारी जरूरतमंद लोगों की सूची बनाकर आरोपियों को मुहैया कराता था.

जानकारी के मुताबिक धर्म परिवर्तन के मामले में पकड़े गए आरोपियों के मददगार के रूप में जिस अधिकारी का नाम सामने आया है, उससे जल्द पूछताछ की जाएगी. जांच एजेंसियों को कतर से भी पैसे मिलने के सबूत मिले हैं. धर्म परिवर्तन के मामले में एक नहीं बल्कि दो संगठनों की भूमिका सामने आई है. दूसरे संगठन के प्रमुख की तलाश में जांच एजेंसियां ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं. 

गौरतलब है कि यूपी एटीएस ने नोएडा में धर्मांतरण कराने वाले रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए दो मौलाना को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार किए गए उमर गौतम और मुफ्ती काजी जहांगीर कासमी पर तकरीबन एक हजार लोगों का धर्म परिवर्तन कराने का आरोप है.

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