scorecardresearch
 

लखनऊ: ब्लैक फंगस के इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाले गैंग का पर्दाफाश, RML का डॉक्टर भी था शामिल

लोहिया के डॉक्टर के पास से ब्लैक फंगस के इंजेक्शन बरामद किए गए हैं. ये सप्लाई भी यहीं किया करते थे. वहीं, केजीएमयू अस्पताल के दो संविदा कर्मचारी भी इस काम में शामिल थे.

Advertisement
X
लखनऊ पुलिस ने इस गैंग का पर्दाफाश किया है.
लखनऊ पुलिस ने इस गैंग का पर्दाफाश किया है.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पुलिस ने छह लोगों को किया गिरफ्तार
  • केजीएमयू के दो संविदा कर्मचारी थे शामिल

लखनऊ के थाना वजीरगंज पुलिस ने ब्लैक फंगस के इंजेक्शन की कलाबाजारी करने वाले गैंग का पर्दाफाश किया है और छह अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है. कालाबाजारी करने वाले गैंग के तार लखनऊ के राममनोहर लोहिया और केजीएमयू अस्पताल से जुड़े थे जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग के और कई और चेहरे बेनकाब हो सकते हैं.

Advertisement

एडीसीपी राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि ब्लैक फंगस इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाला आरोपी 2012 से 2017 तक एमबीबीएस डॉक्टर था. उसके बाद वो राम मनोहर लोहिया अस्पताल में रेजिडेंस डॉक्टर बना और अभी इमरजेंसी में कार्यरत था. उसका नाम वामिक हुसैन है.

लोहिया के डॉक्टर के पास से ब्लैक फंगस के इंजेक्शन बरामद किए गए हैं. ये सप्लाई भी यहीं किया करते थे. वहीं, केजीएमयू अस्पताल के दो संविदा कर्मचारी भी इस काम में शामिल थे. इमरान सिद्दीकी जोकि इमरजेंसी वार्ड में संविदा टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत था. वहीं, आरिफ इमरजेंसी सेवा में वार्ड बॉय की जिम्मेदारी निभा रहा था.

ये दोनों आरिफ और इमरान,ब्लैक फंगस इंजेक्शन की कालाबाजारी में शामिल हैं. वहीं, बलबीर सिंह चिनहट ट्रामा सेंटर में फार्मासिस्ट का काम करता है. ये सभी लोग गैंग बनाकर ब्लैक फंगस इंजेक्शन की कालाबाजारी करते थे. पुलिस ने 18 रेमडेसिविर इंजेक्शन भी बरामद किए हैं, इसके अलावा 8 मोबाइल ,एक कार, 16070 रुपए भी बरामद किए गए हैं.

Advertisement

 

Advertisement
Advertisement