उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में टीवी पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव की संदिग्ध मौत के मामले में जांच के लिए पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर ने एक विशेष टीम का गठन किया है. जिसका नेतृत्व वे खुद करेंगे. साथ ही पुलिस ने उन पत्रकारों के बयान भी दर्ज किए हैं, जो घटना से पहले सुलभ के साथ थे. उधर, एफएसएल टीम भी बारीकी से मामले की छानबीन कर रही है.
प्रतापगढ़ के पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव के हत्या के मामले में जांच के लिए गठित विशेष टीम की कमान खुद एसपी आकाश तोमर संभालेंगे. इस टीम में अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) सुरेंद्र द्विवेदी, सीओ सिटी, सीओ लालगंज, इंस्पेक्टर लालगंज, इंस्पेक्टर विनीत मिश्र, इंस्पेक्टर संजीव कटियार और स्वाट इंचार्ज को भी शामिल किया गया है. यह टीम इस मामले की हर पहलु से जांच करेगी.
एसपी आकाश तोमर के मुताबिक घटना से पहले सुलभ के साथ मौजूद पत्रकारों और घटना स्थल पर सबसे पहले पहुंचने वाले पत्रकारों के बयान भी दुर्घटना की ओर इशारा कर रहे हैं. लेकिन हर एंगल से छानबीन की जा रही है.
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आकाश तोमर ने 'आजतक' को बताया कि इस मामले दर्ज किए गए बयानों की पुष्टि के लिए मोबाइल फोन की सीडीआर की जांच और फील्ड यूनिट विश्लेषण भी किया गया है. यही नहीं जांच को पुख्ता करने के लिए एफएसएल टीम पूरी घटना का सीन रिक्रिएट करेगी.
आपको बता दें कि स्थानीय टीवी पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव ने शराब माफियाओं के खिलाफ एक खबर चलाई थी. उसके बाद से ही उन पर हमले की आशंका थी. उन्होंने 12 जून को ही एडीजी और एसपी को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग की थी. उन्होंने चिट्ठी में अपनी जान को खतरा बताया था. इसके अगले ही दिन 13 जून को सुलभ कोतवाली के कटरा रोड पर ईंट भट्ठे के पास अर्धनग्न अवस्था में मिले थे. उनके सिर पर चोट के गहरे निशान थे.
एएसपी ने बताया कि घटना तब हुई जब सुलभ असलहा फैक्ट्री पर कार्रवाई की खबर करके लौट रहे थे. घटना की सूचना मिलते ही उनके साथी पत्रकार मनीष ओझा मौके पर पहुंचे और एंबुलेंस से उन्हें जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था.
(प्रतापगढ़ से सुनील यादव का इनपुट)